मेरठ, जेएनएन। गुरुवार की सुबह शहर में न सफाई होगी, न ही कूड़ा उठेगा। हाथरस की घटना के विरोध में वाल्मीकि समाज के लोगों और नगर निगम के कर्मचारियों ने यह घोषणा की है। हालांकि नगर निगम प्रशासन उन्हें मनाने की कोशिश में है। ऐसे में अब आंदोलन को दोपहर 12 बजे तक ही रखने पर सफाईकर्मी नेता मान गए हैं। नगर निगम का दावा है कि विरोध के बीच डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन होगा। वाहन पर चालक रहेंगे, लोग स्वत: अपना कूड़ा गाड़ी में डाल देंगे।  हाथरस की बेटी से दरिंदगी मामले ने तूल पकड़ लिया है।

दोपहर 12 बजे तक हड़ताल

बुधवार को जहां सफाई कर्मचारियों ने सुबह के समय घंटाघर पर एकत्र हो आक्रोश जताया, वहीं सफाई कर्मचारी संगठनों ने गुरुवार को सफाई व्यवस्था ठप रखने का निर्णय लिया। बुधवार को सफाई कर्मचारियों की बैठक हुई, जिसमें सफाई कर्मचारी नेताओं ने पहले पूरे दिन की हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था, लेकिन बाद में दोपहर 12 बजे तक हड़ताल पर रहने की सहमति बनी। उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष राजू धवन, महामंत्री कैलाश चंदौला ने बताया कि सुबह सात बजे से सफाई कर्मचारी काम नहीं करेंगे। शहर में कहीं भी झाड़ू तक नहीं लगाई जाएगी। दोपहर 12 बजे के बाद शहर की सफाई सुनिश्चित की जाएगी।

सीबीआइ जांच की मांग

नेताओं ने हाथरस मामले की सीबीआइ जांच, एक करोड़ का मुआवजा और रात में जबरन अंतिम संस्कार करने वाले पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की सेवा समाप्त करने की मांग की। वे बोले, शहर के 90 वार्डों में गली-गली मोहल्ले-मोहल्ले जाकर आवाज उठाई जाएगी। वहीं, डीएस-4 के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेशचंद्र गहरा ने कहा कि निर्भया के पीडि़त परिवार को जो मदद मिली है, वहीं हाथरस की बेटी के परिवार को भी दी जाए। सफाई कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अगर हाथरस की बेटी को इंसाफ न मिला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

निगम के हाथ-पांव फूले, दो घंटे ही प्रभावित रहने का दावा

सफाई कर्मचारियों की घोषणा से नगर निगम अधिकारी सकते में आ गए। सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह ने बताया कि सफाई कर्मचारी नेताओं की तरफ से अवगत कराया गया है कि वह सुबह दो घंटे हड़ताल पर रहेंगे। इसके बाद सभी सफाई कर्मचारी नियमित काम पर लौट आएंगे। सुबह दो घंटे सफाई व्यवस्था प्रभावित होगी। लेकिन डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम बंद नहीं होगा। चालक समय से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए कूड़ा गाड़ी लेकर मोहल्लों मेंं पहुंचेंगे।

घंटाघर पर वाल्मीकि समाज ने सड़क घेरी, लगाया जाम

हाथरस की बेटी से दरिंदगी के मामले को लेकर वाल्मीकि समाज का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। सुबह 11 बजे वाल्मीकि समाज के विभिन्न संगठनों के लोग और सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में घंटाघर पर एकत्र हुए और रास्ता जाम कर दिया। वाल्मीकि चौक के सामने धरने पर बैठ गए। पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो मौजूद सफाईकर्मियों ने हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ बढ़ते देख आनन-फानन में भारी पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ को तैनात कर दिया गया। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र सिंह भी पहुंचे। धरना समाप्त करने का आग्रह किया लेकिन लोगों ने इंकार कर दिया। धरने पर वाल्मीकि समाज से रमेश चंद्र गहरा, सुरेंद्र ढींगिया, प्रेम किशन, मोनिंदर सूद ने कहा कि हाथरस की घटना के लिए योगी सरकार जिम्मेदार है।