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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्‍मृति शेष : गजलकार दुष्यंत कुमार की पत्नी राजेश्वरी देवी अपने मायके सहारनपुर हमेशा आती थीं, मनता था उत्‍सव

By Prem Dutt BhattEdited By:
Published: Tue, 31 Aug 2021 09:45 AM (IST)

गजलकार दुष्यंत कुमार की पत्नी राजेश्वरी देवी सहारनपुर की बेटी थीं। उनके मायके डंघेड़ा गांव में भतीजे अरुण त्यागी बताते ...और पढ़ें

राजेश्वरी देवी ने सहारनपुर से ली थी शिक्षा, बाद में भोपाल में बन गई थीं अध्यापक।
राजेश्वरी देवी ने सहारनपुर से ली थी शिक्षा, बाद में भोपाल में बन गई थीं अध्यापक।

सहारनपुर, जागरण संवाददाता। कालजयी कवि एवं गजलकार दुष्यंत कुमार की पत्नी राजेश्वरी देवी का भोपाल में निधन हो गया। राजेश्वरी देवी सहारनपुर की बेटी थीं। नागल ब्लाक के गांव डंघेड़ा में उनका मायका था। गांव के मंडप में ही उनका विवाह दुष्यंत त्यागी के साथ हुआ था। कम उम्र में शादी के बाद दुष्यंत त्यागी प्रयागराज उच्च शिक्षा के लिए चले गए गए थे। सहारनपुर में ही राजेश्वरी देवी ने एलटी की डिग्री ली। इसके बाद भोपाल के मॉडल स्कूल में बतौर प्रवक्ता कार्यरत रहीं। राजेश्वरी देवी के मायके में अब उनके एक भतीजे अरुण ही रहते हैं तथा खेती करते हैं। मायके के अन्य लोग दिल्ली तथा गाजियाबाद में शिफ्ट हैं।

15 वर्ष की आयु में विवाह

राजेश्वरी देवी के मायके डंघेड़ा गांव में भतीजे अरुण त्यागी बताते हैं कि रविवार शाम करीब 10 बजे भोपाल के एक अस्पताल में 93 वर्षीय राजेश्वरी देवी का देहांत हो गया। सूचना गांव डंघेड़ा पहुंची तो स्वजनों में शोक की लहर दौड़ गई। बताते हैं कि राजेश्वरीदेवी का विवाह 30 नवंबर 1949 को बिजनौर के गांव नवादा निवासी दुष्यंत त्यागी से 15 साल की उम्र में हो गया था। दुष्यंत त्यागी ने साहित्य क्षेत्र में अपना नाम कमाया, लेकिन अल्पायु में ही 13 दिसंबर 1975 को उनकी असामयिक मृत्यु हो गई थी।

घर में पर्व जैसा माहौल

गांव डंघेड़ा में राजेश्वरी देवी के भाई स्वर्गीय सुरेंद्र त्यागी के बेटे अरुण त्यागी ने बताया कि वह अपने फूफा को देख नहीं पाए, लेकिन बुआ राजेश्वरी प्रत्येक वर्ष गांव में मिलने के लिए आती थीं। पिछले दो सालों से वह अस्व रहने लगी थीं, इस वजह से वह गांव नहीं आ रही थीं। रविवार रात उनकी मौत की खबर मोबाइल पर मैसेज से आई। भतीजे अरुण त्यागी ने बताया कि बुआ जी जब आती थी तो घर में पर्व जैसा माहौल हो जाता था। बुआ जी बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देती थीं, तथा परिवार के सभी बच्चों से घुल मिल जाती थी। राजेश्वरी के पारिवारिक चचेरे भाई सुदेश त्यागी एवं सुभाष त्यागी ने बताया कि बहन जी परिवार के सभी लोगों से विशेष स्नेह रखती थीं। वह हमेशा याद आती रहेंगी।

परिवार की प्रोफाइल

राजेश्वरी देवी चार भाई बहन थे। इनमें से दोनों भाइयों बिजेंद्र कुमार व सुरेंद्र कुमार का निधन हो चुका है। छोटी बहन मिथले ग्वालियर में रहती हैं। भतीजे अरुण त्यागी गांव में खेती करते हैं, जबकि आशीष, नीधिश त्यागी, विधीश त्यागी दिल्ली में रहते हैं।