मेरठ बनेगा AI हब, 50 हजार युवा लेंगे प्रशिक्षण ... गूगल-अमेजन जैसी कपंनियां चलाएंगी अपस्किलिंग प्रोग्राम
यूपी सरकार ने एआइ प्रज्ञा प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से मेरठ के 50 हजार से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इस कार्यक्रम के तहत मशीन लर्निंग डेटा साइंस जैसे कोर्स शामिल हैं। प्रशिक्षण एआइ प्रज्ञा पोर्टल पर उपलब्ध है। गूगल अमेजन जैसी कंपनियां अपस्किलिंग प्रोग्राम चलाएंगी। इसका उद्देश्य युवाओं को एआइ तकनीक में दक्ष बनाना और डिजिटल भारत के लिए तैयार करना है।

जागरण संवाददाता, मेरठ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एआइ प्रज्ञा प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिसके तहत मेरठ जनपद के 50 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले के युवाओं को एआइ तकनीक में दक्ष बनाना और उन्हें भविष्य के डिजिटल भारत के लिए तैयार करना है।
एआइ का प्रशिक्षण लेने वाले उम्मीदवार एआइ प्रज्ञा पोर्टल पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस प्रशिक्षण से तकनीकी सशक्तिकरण और डिजिटल दक्षता को बल मिलेगा। प्रशिक्षण देने के लिए लखनऊ से टीम आएगी। आनलाइन भी क्लासेज चलेगी।
प्रशिक्षण में यह कोर्स किए गए हैं शामिल
मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने बताया कि इस प्रशिक्षण में प्रमुख कोर्स जैसे मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और आटोमेशन को शामिल किया गया है। यह प्रशिक्षण न केवल आइटी क्टर में रोजगार के अवसर खोलेगा, बल्कि इसका व्यापक लाभ सरकारी सेवाओं, कृषि, स्वास्थ्य, और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा। यह प्रशिक्षण युवाओं को वैश्विक स्तर की नौकरियों के लिए तैयार करेगा।
गूगल, अमेजन कपंनियां चलाएंगी अपस्किलिंग प्रोग्राम चलाएंगी
सीडीओ ने बताया कि इस प्रशिक्षण में माइक्रोसाफ्ट, इंटेल, एचसीएल, अमेजन, गूगल जैसी निजी तकनीकी कंपनियां युवाओं के लिए अपस्किलिंग प्रोग्राम चलाएंगी। जिससे युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इससे नवाचार, उद्यमिता और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
क्या है एआइ प्रज्ञा अभियान
एआइ प्रज्ञा एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म हैं। जिसे भारत सरकार ने आल इंडिया काउंसिल फार टेक्निकल एजुकेशन द्वारा विकसित किया गया है। सरकार ने इस मंच को तकनीकी शिक्षा देने के लिए बनाया है। ताकि विद्यार्थी 21वीं सदी के युवा तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सके।
कहां कहां हो रहे एआइ के प्रयोग
एआइ का प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में स्मार्ट लर्निंग एप्स के रूप में छात्रों की मदद कर रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एआइ की मदद से रोगों की पहचान जल्दी हो रही है। खेती में स्मार्ट सेंसर ड्रोन एआइ से जुड़े हैं, जो फसलों की निगरानी करते हैं। बैंकिंग में फ्राड डिटेक्शन और ग्राहक सहायता में एआइ काम कर रहा है। इसके अलावा हर विभाग में एआइ की भूमिका अहम हो गई है।
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