Meerut Sunita Murder: सुनीता मिश्रा हत्याकांड में रोज हो रहे चौंकाने वाले खुलासे, CCTV फुटेज से सामने आई ये बात
मेरठ में हुए सुनीता मिश्रा हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सुनीता मिश्रा के पति के घर व इंदिरानगर के आसपास की सीसीटीवी फुटेज चेक की तो उसमें सामने आया कि मुंह पर कपड़ा लपेटे हत्यारोपी ने शुक्रवार रात 11.30 बजे से घर के बाहर तीन बार चक्कर लगाए।18 मिनट में उसने सुनीता की हत्या कर लूटपाट की और आत्महत्या जैसा सीन क्रिएट कर दिया।

लोकेश पंडित, मेरठ। ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर में हुए सुनीता मिश्रा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस ने राधेश्याम मिश्रा (सुनीता मिश्रा के पति) के घर व इंदिरानगर के आसपास की सीसीटीवी फुटेज चेक की तो उसमें सामने आया कि मुंह पर कपड़ा लपेटे हत्यारोपी ने शुक्रवार रात 11.30 बजे से घर के बाहर तीन बार चक्कर लगाए। उसने 12.20 बजे सड़क से एक ईंट उठाई और राधेश्याम के घर का दरवाजा खटखटाया। उसके कमर पर बैग भी लटका हुआ था।
घर में घुसने के मात्र 18 मिनट यानी 12.38 बजे हत्यारोपित हेलमेट लगाए बुलेट लेकर बाहर निकला और दरवाजा बाहर से बंद कर फरार हो गया। मात्र 18 मिनट में उसने सुनीता की हत्या कर लूटपाट भी कर ली और आत्महत्या जैसा सीन क्रिएट भी कर दिया। पुलिस का मानना है कि इतनी तेजी से हुए घटनाक्रम से साफ है कि हत्या सुनियोजित है। हत्यारोपित को घर के बारे में पूरी जानकारी थी। उसे पहले से पता था कि कौन सी चीज कहां रखी है।
सीसीटीवी फुटेज व मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर जो कहानी अब तक पुलिस ने तैयार की है उसके अनुसार, हत्यारोपित को पता था कि शुक्रवार को सुनीता घर पर अकेली रहेगी। इंदिरानगर में अक्सर लोग टहलते रहते हैं। ऐसे में हत्यारोपित रात 11.30 बजे गली नंबर दो में पहुंच गया। तीन बार राधेश्याम के घर के बाहर मुंह पर कपड़ा लपेटे वह आते-जाते देखा गया है।
12.20 बजे सड़क सूनी होने पर हत्यारोपित आया और उसने घर से कुछ दूर पहले ही सड़क पर पड़ी ईंट उठाई और सीधे राधेश्याम के घर पहुंच गया। इसके बाद 12.38 बजे वह बाहर निकलकर तेजी से बुलेट से जाता दिखाई दिया। साफ है कि सुनीता की हत्या अकेले मुंह पर कपड़ा लपेटे आए मजबूत कद काठी के युवक ने की। जांच में पुलिस को पता चला है कि हत्यारोपित ने बुलेट दिल्ली रोड पर खड़ी की और पैदल ही 200 मीटर चला। इसके बाद वह एक टेंपो में सवार हुआ। टेंपो से वह भैंसाली रोडवेज बस स्टैंड पहुंचा और यहां से कहीं चला गया। वह किस बस में बैठा और कहां गया? यह जानकारी पुलिस अभी नहीं जुटा सकी है।
पुलिस का मानना है कि हत्यारोपित जो भी है या तो राधेश्याम के घर से जुड़ा है या उसे घर के अंदर की हर छोटी-बड़ी जानकारी किसी करीबी ने दी है। साफ है, सुनीता की हत्या की पटकथा किसी बेहद करीबी ने लिखी है। सुनीता का मोबाइल भी गायब है। माना जा रहा है कि रात में आने का या तो फोन या कोई मैसेज सुनीता को मिला था, इसी कारण उसने अकेला होने के बाद भी रात 12.20 बजे दरवाजा खोल दिया।
नकाबपोश हत्यारोपित को देखकर संभवत: सुनीता ने विरोध किया, इसी कारण उसके सिर पर ईंट मारी गई। यह ईंट भी पुलिस ने ही बरामद कर ली है। पुलिस का मानना है कि पुलिस को उलझाने को पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर हाथ में पिस्टल दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर में भारी चीज से चोट पहुंचाने के कई घाव मिले हैं।
कनपटी पर ब्लैकनिंग तो मिली है, लेकिन हाथ पर बारूद नहीं मिला है। पुलिस अब इस सवाल का जवाब तलाश रही है कि हत्यारोपित का मकसद सुनीता को मौत के घाट उतारना था या लूट करना। जिस अंदाज में सुनीता को मारा गया वह सुनीता की हत्या का इशारा कर रही है।
इसके साथ ही लाकर तोड़कर जिस तरह दस लाख के जेवर व एक लाख की नकदी लूटी गई, उससे घटना लूट का विरोध करने पर सुनीता की हत्या की संभावना से भी पुलिस इन्कार नहीं कर रही है। पुलिस का मानना है कि इन दोनों सवालों का जवाब एक-दो दिन में तलाश लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस भैंसाली बस अड्डे से आगे हत्यारोपित कहां गया, इसकी जानकारी जुटा रही है।
ग्राम जसपुर में रविवार सुबह हुआ सुनीता का अंतिम संस्कार
सुनीता मिश्रा का रविवार सुबह ग्राम अमाऊ जासरपुर धनपत गंज सुल्तानपुर में अंतिम संस्कार किया गया। राधेश्याम मिश्रा ने फोन पर बताया कि शनिवार को शाम 6.30 बजे पोस्टमार्टम के बाद उन्हें शव मिला। सुबह वह सुल्तानपुर पहुंच पाए। इसके बाद नौ बजे अंतिम संस्कार किया गया।
राधेश्याम का साला पंकज मिश्रा है 5.70 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपित
पल्लवपुरम निवासी बरखा से मुआवजा दिलाने के नाम पर 5.70 करोड़ की ठगी का आरोपित पंकज मिश्रा राधेश्याम मिश्रा का चचेरा साला है। पंकज मिश्रा ने आइएएस अधिकारी का फर्जी पीए बनकर बरखा से करोड़ों रुपये ठग लिए थे। बरखा का मुआवजे को लेकर मेडा से विवाद चल रहा था। सुल्तानपुर के गोसाईगंज निवासी पंकज मिश्रा ने बरखा को मेडा से 410 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने का झांसा दिया था। बरखा को पंकज मिश्रा ने मुख्यमंत्री कार्यालय का एक फर्जी पत्र भी दिया था।
एक साल तक जब मुआवजा नहीं मिला तो बरखा ने पत्र की जांच कराई तो वह फर्जी निकला। इस पर बरखा ने 20 मई को पंकज मिश्रा के खिलाफ थाना पल्लवपुरम में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 23 मई को पल्लवपुरम पुलिस ने गोसाईगंज थाना पुलिस के सहयोग से पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था। 26 मई को पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। पंकज मिश्रा इस समय मेरठ जेल में बंद है।
स्वजन बोले- पंकज की पैरोकारी को मेरठ आया था सुधाकर
भतीजे सुधाकर पर सुनीता मिश्रा की हत्या का शक जताने पर राधेश्याम मिश्रा व उसके स्वजन ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सुधाकर पर हत्या में जेल जाने की बात गलत है। वह मेरठ में पुलिस से बचने या छिपने नहीं आया था। मेरठ जेल में बंद पंकज मिश्रा से वह मुलाकात करने और पैरोकारी के लिए आया था। इसकी तस्दीक मेरठ जेल से की जा सकती है।
पुलिस को शक है तो वह सुधाकर के मेरठ से सुल्तानपुर के बस टिकट व आगरा में उसे रेस्टोरेंट में खाना खाने व मौजूद होने की फुटेज भी चेक कर सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस गंभीरता से सही दिशा में जांच करे और इस मामले की सच्चाई सामने लाकर हत्यारोपित को गिरफ्तार कर लूटा गया सामान बरामद करे।
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