मेरठ में क्लोरीन रिसाव हादसे के बाद बड़ा बदलाव: 9 करोड़ सालाना खर्च पर 13 STP की होगी हर पल ऑनलाइन निगरानी
मेरठ में 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन और रखरखाव पर सालाना नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। जलनिगम विद्युत ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटाे
HighLights
गाजियाबाद की एसकेवी कंपनी को मिला एक साल का ठेका।
कर्मचारियों की सुरक्षा, गुणवत्ता बनाए रखना कंपनी की जिम्मेदारी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण से नगर निगम को हस्तांतरित हुए 13 एसटीपी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन और अनुरक्षण में सलाना नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। जलनिगम विद्युत यांत्रिकी ने नया ठेका छोड़ दिया है। एक साल के लिए गाजियाबाद की एसकेवी कंपनी को प्रति माह करीब 74 लाख रुपये में यह ठेका मिला है।
जलनिगम विद्युत यांत्रिकी को नगर निगम ने मेडा से हस्तांतरित एसटीपी संचालित करने को दिए हैं। पल्लवपुरम फेज-दो स्थित एसटीपी में गत महीने हुए क्लोरीन रिसाव के बाद नया ठेका छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। तीन कंपनियों ने टेंडर डाला था, जिसमें से एसकेपी कंपनी को काम मिला है।
शर्तों के अनुसार कंपनी की जिम्मेदारी होगी कि वह प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात करेगी। कर्मचारियों के लिए सुरक्षा किट अनिवार्य होगी। शर्ता में सुरक्षा पर अधिक जोर दिया गया है। एसटीपी की शोधन स्थिति सहित मानकों की तय गुणवत्ता बनाए रखना और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ऑनलाइन निगरानी सिस्टम के जरिए हर पल की जानकारी मुहैया करानी होगी।
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13 एसटीपी, शताब्दीनगर, वेदव्यासपुरी, लोहिया नगर, पल्लवपुरम, गंगानगर, स्पोर्ट्स गुड्स कांप्लेक्स, मोदीपुरम तिराहा, रक्षापुरम, सैनिक विहार, श्रद्धापुरी, पांडव नगर में स्थित हैं। इनके अंतर्गत करीब 330 किमी सीवर लाइन है। इनकी कुल शोधन क्षमता 107 एमएलडी है। जिसके सापेक्ष 65 एमएलडी सीवेज शोधन है।
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इन एसटीपी को एक साल पहले गाजियाबाद सीएंडडीएस शाखा ने अपग्रेड किया था। जिसके बाद मेरठ विकास प्राधिकरण ने नगर निगम को हस्तांतरित किए थे। जलनिगम के अधिशासी अभियंता सुदीप सिंह ने बताया कि ठेका एजेंसी को एक सप्ताह में अपनी व्यवस्था संभालने का निर्देश जारी कर दिया गया है।
