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UP सरकार का बड़ा कदम: मेरठ समेत 30 जिलों में 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत KGBV की छात्राओं को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

By Sarvendra Pundir Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 19 Oct 2026 02:06 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देगी। यह पहल 30 ...और पढ़ें

एआई जेनरेटिड फोटो।

एआई जेनरेटिड फोटो।

HighLights

  1. कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राओं को मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण।

  2. हेल्थकेयर, आईटी, एआई जैसे क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण।

जागरण संवादददता, मेरठ। बेटियों को शिक्षा के साथ हुनर देकर आत्मनिर्भर बनाने और युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में योगी सरकार कौशल विकास को स्कूली शिक्षा से जोड़ रही है। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रदेश के 30 जिलों के चयनित विद्यालयों में संचालित होने वाली इस पहल के तहत 71 विद्यालयों की 2,672 छात्राओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण कक्षाएं दो नवंबर 2026 से शुरू करने की तैयारी है। मेरठ भी योजना में शामिल है।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक कौशल से जोड़ना है। इससे ग्रामीण और वंचित वर्ग की बेटियों को भी आधुनिक रोजगार क्षेत्रों को समझने तथा भविष्य में अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनने का अवसर मिल सकेगा। कौशल विकास के जरिए छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें स्वरोजगार के विकल्पों के लिए तैयार करने पर भी जोर है।

एआइ से हेल्थकेयर तक, भविष्य की जरूरतों के मुताबिक प्रशिक्षण

प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत छात्राओं को हेल्थकेयर, सूचना प्रौद्योगिकी, परिधान, मीडिया एवं मनोरंजन और ग्रीन जाब्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), कंप्यूटर तकनीक और संवाद कौशल को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इससे छात्राओं को तकनीकी दक्षता के साथ कार्यक्षेत्र में जरूरी संचार और व्यक्तित्व विकास संबंधी क्षमताएं सीखने का अवसर मिलेगा।

प्रशिक्षण की अधिकतम अवधि 300 घंटे है निर्धारित

प्रशिक्षण की अवधि 300 घंटे निर्धारित की गई है। संबंधित पाठ्यक्रम के साथ छात्राओं को मिशन पोर्टल पर उपलब्ध एआइ कोर्स अथवा ‘युवा एआइ फार आल’ का अध्ययन भी करना होगा। प्रशिक्षण शुरू होने के सात कार्यदिवस के भीतर पाठ्य-पुस्तकें और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसका प्रमाण मिशन पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

मेरठ समेत 30 जिलों के विद्यालय योजना में शामिल

योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, बरेली, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, एटा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, हरदोई, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संभल, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी के चयनित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को शामिल किया गया है।