खुशखबरी! मेरठ में भू-उपयोग परिवर्तन हुआ आसान, बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास... न्यू टाउनशिप भी बसेगी
मेरठ विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में 17 प्रस्तावों को मंजूरी मिली, जिसमें भू-उपयोग परिवर्तन के नियमों में ढील और ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
भू-उपयोग परिवर्तन अब उपाध्यक्ष स्तर पर 6000 वर्ग मीटर तक।
कृषि से आवासीय भू-उपयोग शुल्क 50% से घटकर 25% हुआ।
इनर रिंग रोड निर्माण को 68 करोड़, नई टाउनशिप भी बनेगी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण की 131 वी बोर्ड बैठक में शनिवार को कुल 17 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। सर्वाधिक राहत देने वाला निर्णय शासन द्वारा जारी किया गया भू उपयोग परिवर्तन और उसके शुल्क में परिवर्तन संबंधी शासनादेश को अंगीकार करने का रहा। बोर्ड की स्वीकृति के बाद अब 6000 वर्ग मीटर तक क्षेत्रफल वाले भूखंड का भू उपयोग परिवर्तन उपाध्यक्ष ही कर सकेंगे।अब शासन से अनुमति लेने की आवश्यक्ता नहीं होगी।
इस परिवर्तन में कृषि से आवासीय भूउपयोग का शुल्क भी सर्किल रेट के 50 प्रतिशत से घटकर 25 प्रतिशत हो गया है।आउटर रिंग रोड, मवाना हाईवे पर मसूरी बाईपास को प्राधिकरण महायोजना 2031 में शामिल करके उसके साथ नमो भारत कारिडोर और गढ़ रोड को विशेष सुविधा क्षेत्रों में शामिल किया है।वर्षों से अधूरी पड़ी इनर रिंग रोड का निर्माण पूरा कराने के लिए जमीन खरीदने के लिए प्राधिकरण ने 68 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास किया साथ ही इसके दोनों ओर न्यू टाउनशिप और औद्योगिक क्षेत्र बसाने के लिए दो स्थानों पर 1105 करोड़ से जमीन की खरीद करने का प्रस्ताव भी बैठक में पास किया गया।
अब उपाध्यक्ष ही कर देंगे भू उपयोग परिवर्तन
कमिश्नरी कार्यालय सभागार में कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी उपाध्यक्ष संजय मीना और सचिव बृजेश सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि भूउपयोग परिवर्तन और उसके शुल्क में संशोधन को लेकर जारी शासनादेश को बोर्ड ने अंगीकार करने की स्वीकृति दी। इसके बाद 6000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के लिए भूउपयोग परिवर्तन का अधिकार अब प्राधिकरण उपाध्यक्ष को मिल जाएगा।
यह भू उपयोग परिवर्तन प्राधिकरण अथवा अन्य सरकारी एजेंसी द्वारा विकसित आवासीय योजना की सीमा से बाहर के क्षेत्र में होगा। इसके लिए शुल्क में भी संशोधन किया गया है। कृषि से आवासीय भू उपयोग कराने के लिए अब सर्किल रेट का 25 प्रतिशत शुल्क देना होगा। पहले यह 5 प्रतिशत था।यह प्रक्रिया अब आनलाइन होगी तथा 22 दिन के भीतर संस्तुति देनी होगी।
इनर रिंग रोड का होगा निर्माण, बसेगी नई कालोनी और औद्योगिक क्षेत्र
हापुड़ रोड को दिल्ली बाईपास से जोड़ने के लिए लगभग 30 साल पहले इनर रिंग रोड का सपना देखा गया था तथा इसे महायोजना 2021 में शामिल किया गया था।हापुड़ को जाने वाली रेलवे लाइन के ऊपर जुर्रानपुर में पुल भी बना लिया गया था।लेकिन इनर रिंग रोड का यह सपना अधूरा ही था। अब इसे पूरा करने के लिए जमीन जुर्रानपुर गांव की 20,577 वर्ग मीटर तथा मोहम्मदपुर गुमी गांव की 45,998 वर्ग मीटर भूमि की खरीद करने के लिए 68 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राधिकरण बोर्ड ने दे दी।
मंडलायुक्त ने बताया कि रिंग रोड का निर्माण लोक निर्माण निर्माण विभाग करेगा।निर्माण की धनराशि शासन देगा।इस संबंध में पीडब्ल्यूडी पूर्व में ही सहमति भी दे चुका है। यानि अब जल्द इनर रिंग रोड का सपना साकार होगा।
इनर रिंग रोड के पास बसेगी नई टाउनशिप और औद्योगिक क्षेत्र
इनर रिंग रोड के किनारे प्राधिकरण दो टाउनशिप विकसित करेगा। इसका प्रस्ताव भी बैठक में स्वीकृत किया गया। इनमें एक औद्योगिक टाउनशिप रिठानी, मोहकमपुर और सुंदरा पूठा गांवों की भूमि 77.5438 हेक्टेयर में तथा आवासीय टाउनशिप का मलियाना और रामपुर पावटी गांवों की 39.8223 हेक्टेयर भूमि में विकसित की जाएगी इनके लिए 1105 करोड़ रुपये से जमीन खरीद के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति और शासन को प्रस्ताव भेजने की अनुमति बोर्ड ने प्रदान की।
महायोजना में शामिल हुई आउटर रिंग रोड, बना विशेष सुख सुविधा क्षेत्र
एनएचएआइ द्वारा दौराला से मवाना रोड, गढ़ रोड तथा हापुड़ रोड तक निर्मित किए जा रहे आउटर रिंग रोड को प्राधिकरण की महायोजना 2031 में शामिल करने तथा इसके साथ साथ नमो भारत कारिडोर, गढ़ रोड को भी विशेष सुविधा क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में पारित किया गया।अब इसके आसपास नया शहर तथा अन्य सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।यह आउटर रिंग रोड दौराला, भराला, इकलौता, धंजू, दुल्हैड़ा चौहान, मैथना, मुख्तयारपुर नंगला, सिखेड़ा, बहचौला, सलारपुर जलालपुर, औरंगाबाद, किनानगर गांवों से गुजर रही है।
ये मिलेगा लाभ
-कम भूमि के क्षेत्रफल पर ऊंची बिल्डिंग बनाई जा सकेगी।
-बिल्डर पैसे जमा कर अतिरिक्त फ्लोर यानी फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) खरीद सकेंगे।
-आसपास आवासीय टाउनशिप और औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो सकेंगे।
-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उच्च शिक्षण संस्थान खुल सकेंगे।
ये प्रस्ताव भी हुए पास
- न्यू टाउनशिप और इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान (आइईडीपी) योजना के तहत हो रहे निर्माण व विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) 10 कंसलटेंट इंजीनियरों के साथ कर्मचारियों को भर्ती करेगा।इनकी नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से होगी।एजेंसी चयन का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।
- प्राधिकरण की विभिन्न कालोनियों में लैंड मोनेटाइजेशन के तहत चार स्थलों का भू उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव पास किया गया।
- मेरठ-बिजनौर हाईवे पर मसूरी गांव में निर्मित नया बाईपास को मेरठ महायोजना 2031 में महायोजना मार्ग घोषित किया गया।
- प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में शेष व्यवसायिक संपत्तियों का पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर निस्तारण होगा।
- लोहियानगर डंपिंग ग्राउंड के कूड़े के निस्तारण हेतु 12.50 एकड़ भूमि का नगर निगम को 30 वर्ष के लिए लीज पर आवंटन करने का प्रस्ताव।
