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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Meerut News: जिस भाई ने पढ़ाया, सेना में भर्ती लायक बनाया, उसके खून से ही रंगे हाथ, 49 बीघा जमीन के लिए हत्या

By sushil kumarEdited By: Abhishek Saxena
Published: Sat, 09 Sep 2023 08:50 AM (IST)

Meerut Crime News In Hindi भाई ने ही अपने भाई को तमंचे से गोली मारकर मार डाला। मृतक की पत्नी ...और पढ़ें

Meerut News: जिस भाई ने पढ़ाया, सेना में भर्ती लायक बनाया, उसके खून से ही रंग लिए हाथ,
Meerut News: जिस भाई ने पढ़ाया, सेना में भर्ती लायक बनाया, उसके खून से ही रंग लिए हाथ,

HighLights

  1. औलाद नहीं होने पर विपिन अपनी जमीन मृतक भाई के बच्चों को देना चाहता था
  2. छुट्टी पर आने के बाद से फौजी जमीन का बैनामा अपने नाम कराने में लगा था

मेरठ, जागरण संवाददाता। बड़े भाई विपिन ने खुद खेती में मेहनत कर छोटे भाई अरविंद की पढ़ाई कराई। उसे सेना में भर्ती होने लायक बनाया। शुक्रवार को अरविंद ने उसी भाई के सीने से तमंचा सटाकर गोली मार दी। पुलिस के मुताबिक, सेना में होने के बाद भी अरविंद अपने दोनों भाईयों के हिस्से की जमीन का बैनामा अपने नाम करना चाहता था, जबकि विपिन के कोई औलाद नहीं थी। वह अपने हिस्से की जमीन मृतक प्रवीण के बच्चों को देने का भरोसा दे चुका था।

इतना ही नहीं प्रवीण की मौत के बाद उसकी पत्नी की जरूरतों से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक का जिम्मा भी विपिन ही संभाल रहा था। विपिन की पत्नी सुंदरी और प्रवीण की पत्नी आशा दोनों आपस में सगी बहनें है। अरविंद की इस हरकत को लेकर ग्रामीण ही नहीं रिश्तेदार भी उसके खिलाफ आ गए है।

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दोनों को कोई औलाद नहीं है

सुंदरी से विपिन की शादी को 17 साल हो चुके हैं, उसके बाद भी दोनों को कोई औलाद नहीं है। छोटे भाई प्रवीण की मौत के बाद उसके परिवार की तरफ ही दंपती का रुख हो गया था। दरअसल, प्रवीण के तीन बच्चे स्वाति 16 वर्ष, शिवानी 12 और बेटा शिवम 14 वर्ष है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर सभी कार्य विपिन ही देख रहे थे। हालांकि विपिन के माता किरणवती-पिता ऋषिपाल छोटे बेटे अरविंद की पत्नी के साथ रहते है।

जमीन को अपने नाम कराना चाहता था फौजी

ऋषिपाल के नाम 32 बीघा और किरणवती के नाम 17 बीघा जमीन है। दोनों के नाम की जमीन को अरविंद अपने नाम कराने की प्लानिंग बनाकर ही छुट्टी पर आया था। जमीन के बैनामे को लेकर एक सप्ताह से ग्रामीण और रिश्तेदारों की पंचायत भी हो रही थी।

अरविंद का तर्क था कि विपिन को कोई औलाद नहीं है, वह जमीन का क्या करेंगा? रिश्तेदारों ने संपत्ति को तीन हिस्सों में करने का प्रयास किया। लेकिन अरविंद इस पर तैयार नहीं हुआ। यही कारण है कि अरविंद और विपिन में शुक्रवार को तकरार हो गई थी।

आत्महत्या की कहानी में कई घंटे उलझी रही पुलिस 

गोली लगने के बाद गृहक्लेश में विपिन द्वारा खुद गोली मारकर आत्महत्या करने और उसकी पत्नी द्वारा कीटनाशक खाकर आत्महत्या के प्रयास की कहानी में पुलिस कई घंटे उलझी रही। मौके पर मौजूद भाई प्रवीन के बच्चे और पत्नी आशा फौजी द्वारा हत्या करने की बात कहते रहे, लेकिन पुलिस सुसाइड से बाहर नहीं आई। 

पत्नी बच्चों संग फरार फौजी को ढूंढ रही पुलिस

फौजी की फरारी के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल से पड़ताल करने का प्रयास किया है। फौजी के मोबाइल की लोकेशन के आधार पर उसकी रिश्तेदारी में पुलिस ने दबिश दी है, जहां से फौजी की पत्नी पिंकी को हिरासत में ले लिया है, जबकि फौजी का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। 

दम तोड़ते हुए बोला विपिन भाई ने मारी गोली

विपिन काफी देर तक लहूलुहान हालत में कमरे के अंदर पड़ा रहा। पुलिस के पहुंचने के बाद उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया। पुलिस को विपिन ने बताया था कि उसको भाई अरविंद ने गोली मारी है। उसने बताया कि उसे बचा लो। अब उसके भाई प्रवीण के तीन बच्चों की देखभाग कौन करेगा।