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    Meerut News: जिंदगी की जंग हार बलिदान हुआ फौजी श्वान जूम, मेरठ के आरवीसी सेंटर में हुई थी ट्रेनिंग

    By Jagran NewsEdited By: PREM DUTT BHATT
    Updated: Fri, 14 Oct 2022 08:52 AM (IST)

    Zoom Dog Died आतंकियों की गोलियों का शिकार बहादुर श्‍वान जूम जिंदगी की जंग हार कर बलिदान हो गया। उसने श्रीनगर स्थित मिलिट्री वेटनरी अस्पताल में इलाज के दौरान उसने अंतिम सांस ली। जूम को 36 सप्ताह की मेरठ में ट्रेनिंग दी गई थी।

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    Zoom Dog Meerut मेरठ में ट्रेनिंग पाए जख्‍मी फौजी श्वान जूम बलिदान हो गया।

    मेरठ, जागरण संवाददाता। Zoom Dog Died श्रीनगर के अनंतनाग जिले में कोरनाग एनकाउंटर में घर में छिपे आतंकी को खोजकर हमला करने के दौरान जख्मी फौजी श्वान जूम जिंदगी की जंग हार कर बलिदान हो गया। श्रीनगर स्थित मिलिट्री वेटनरी अस्पताल में इलाज के दौरान उसने अंतिम सांस ली। गुरुवार को इलाज के दौरान दोपहर करीब 12 बजे जूम की मृत्यु हो गई।

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    बचाने के सभी प्रयास विफल

    सैन्य सूत्रों के अनुसार प्राथमिक इलाज के बाद जूम की स्थिति में सुधार देखने को मिला था लेकिन अचानक बदली स्थिति में जूम को बचाने के लिए चिकित्सकों के सभी प्रयास विफल हो गए। आपरेशन के दौरान जबड़े और पैर में गोली लगने के बाद जूम का आपरेशन हुआ था। अनंतनाग के कोरनाग क्षेत्र में 10 अक्टूबर को आतंकियों के खिलाफ हुए आपरेशन में जूम को शामिल किया गया था।

    जूम को निशाना बनाकर चलाई थीं गोलियां

    जूम को छिपे आतंकी को खोजना था। आतंकी मिलते ही जूम ने उस पर हमला कर दिया और बचाव में आतंकी ने भी जूम को निशाना बनाकर गोलियां चलाई थी। आपरेशन के दौरान दो बार गोली लगने से जूम बुरी तरह जख्मी हो गया था। बावजूद इसके अपने हैंडलर के वापस बुलाने की आवाज सुनते ही जूम सैनिकों के पास पहुंचा। वापस लौटने पर उसे गोली लगा देख सैनिकों ने अस्पताल पहुंचाया।

    प्रशिक्षण मेरठ छावनी में

    बेल्जियम शेफर्ड प्रजाति के मेलोनिस ब्रीड के जूम का जन्म सितंबर-2020 में हुआ था और करीब आठ महीने पहले कश्मीर में आर्मी डाग यूनिट में तैनाती मिली थी। महज दो साल के जूम का प्रशिक्षण मेरठ छावनी स्थित आरवीसी सेंटर एंड कालेज में 36 सप्ताह हुई। यहां प्रशिक्षण के बाद जम्मू-कश्मीर में ही जूम की फील्ड ट्रेनिंग पूरी हुई और उसके बाद विभिन्न सैन्य अभियानों का हिस्सा रहा। सेना की ओर से फौजी श्वानों का अंतिम संस्कार भी सैन्य सम्मान के साथ किया जाता है। संभव है कि जूम की बहादुरी के लिए सेना की ओर से मिलने वाले पुरस्कार व सम्मान की घोषणा भी जल्द की जाएगी। 

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