Meerut News: मेडिकल कालेज से बच्चे का अपहरण, किसी के झांसे में न आएं...वो बच्चा चोर भी हो सकता है
Newborn kidnapped मेरठ में स्टाफ बताकर दो दिन से मेडिकल कालेज में घूम रहा था अपहृर्ता। बातचीत के दौरान आरोपित ने परतापुर का रहने वाला बताया था। वह बीच-बीच में मरीजों और तीमारदारों से बातचीत भी करता रहता था। आरोपित ही बच्चे का अपहरण करके ले गए था।

मेरठ, जागरण संवाददाता। medical college meerut मेरठ के मेडिकल कालेज से एक दिन के बच्चे को अपहरण करने वाला आरोपित बेहद ही शातिर था। वह दो दिन से मेडिकल कालेज में घूम रहा था। खुद को उसने स्टाफ बताया था। आरोपित बाहर जाते हुए सीसीटीवी कैमरों में नहीं दिखा। पुलिस मानकर चल रही है कि वह किसी गाड़ी में बैठकर चला गया था। हालांकि बुधवार को पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करके बच्चे को बरामद कर लिया।
स्टाफ का समझकर मदद मांगी थी
लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में सोमवार दोपहर किठौर के महलवाला निवासी डाली ने सर्जरी से पुत्र को जन्म दिया था। पति नीनू उपाध्याय ने बताया कि अपहृर्ता दो दिन से मेडिकल कालेज में स्टाफ बताकर घूम रहा था। वह बीच-बीच में मरीजों और तीमारदारों से बातचीत भी करता रहता था। मंगलवार को स्टाफ ने बच्चे को टीका लगवाने के लिए कहा तो नीनू ने अपहृर्ता को स्टाफ का समझकर उससे मदद मांगी। आरोपित ने बच्चे को गोद में उठाया और टीका लगवाने चल दिया। सेंटर पर पहुंचकर कर्मचारियों ने टीके से संबंधित किताब मांगी तो नीनू ने मना कर दिया। इसके बाद उनसे पर्ची बनवाने के लिए कहा। इस पर दोनों काउंटर पर पर्ची बनवाने चल दिए। इस बीच आरोपित बच्चे को लेकर गुम हो गया।
दो मिनट के लिए अलग हुए थे
नीनू ने बताया कि काउंटर पर जब पर्ची बनवाने के लिए पहुंचे तो काफी भीड़ हो रही थी। उनको याद आया कि एक पर्ची उनके बैग में भी है। वह पत्नी के पास पहुंचे और दो मिनट में ही लौट आए थे, लेकिन तब तक आरोपित नहीं था। उन्होंने हर जगह तलाश किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद पत्नी और अन्य स्वजन को जानकारी दी।
पुलिस की लापरवाही पड़ी भारी
बच्चे के पिता ने बताया कि अपहृर्ता जब नहीं मिला तो वह एक सफाई कर्मचारी की साइकिल पर बैठकर मेडिकल थाने पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी दी, लेकिन कोई चलने को तैयार नहीं था। काफी इंतजार करने के बाद पुलिसकर्मी मेडिकल कालेज पहुंचे। उन्होंने भी आरोपित को तलाश किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला।
सीसीटीवी कैमरे बंद थे, बाद में चले
पीड़ित ने बताया कि जब पुलिसकर्मी पहले पहुंचे थे, तो उन्होंने मेडिकल कालेज के स्टाफ से सीसीटीवी कैमरे देखने के लिए कहा। उनसे कहा गया कि कुछ ही चल रहे हैं। इस पर पुलिसकर्मी बिना कैमरे देखे चले गए थे। कुछ देर बार नीनू फिर थाने पहुंचे और कार्रवाई की गुहार लगाई। इसके बाद पुलिसकर्मी पहुंचे और जो कैमरे चल रहे थे। उनको देखा, जिसमें आरोपित बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दे रहा था।
रोते-रोते माता-पिता की हालत खराब
नीनू ने बताया कि यह उनका दूसरा बच्चा था। पहले एक बेटा है। जब से बच्चे के अपहरण के बारे में पत्नी को जानकारी हुई है, उसके आंसू नहीं रुक रहे हैं। परिवार के अन्य लोग भी परेशान हैं। पिता ने भी खाना नहीं खाया है। वह अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। बुधवार को दिन में कई बार पुलिसकर्मी मेडिकल कालेज पहुंचे और पड़ताल की।
इंटरनेट मीडिया पर पुलिस की अपील
पुलिस ने एक पोस्ट बनाकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल की है। इसमें कहा कि एक व्यक्ति मेडिकल कालेज से बच्चे को ले जा रहा है, जो कैमरों में कैद हो गया है। उसके खिलाफ मेडिकल थाने में मुकदमा दर्ज है। इस संबंध में किसी को कोई जानकारी है, तो 9454403988 और 8006402930 पर जानकारी दे सकता है।
किसी के झांसे में न जाएं...वो बच्चा चोर भी हो सकता है
मेरठ : मेडिकल कालेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग से मंगलवार सुबह एक नवजात की चोरी के बाद मेडिकल प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है, जो तीन दिन में रिपोर्ट देगी। साथ ही विभाग में एक रिपोर्ट चस्पा कर दी गई है। इसमें साफ लिखा गया है कि किसी अजनबी के बहकावे में न आएं। अगर हादसा हुआ तो मेडिकल जिम्मा नहीं लेगा। मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने साफ किया कि चिकित्सा शिक्षक, सभी रेजीडेंट, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, नियमित एवं संविदा पर कार्यरत कर्मचारी अपने यूनिफार्म में ही डयूटी करेंगे। अगर नेमप्लेट नहीं लगा मिला तो उन पर कार्यवाई होगी।
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