प्रेम कहानी से हत्या और सजा-ए-मौत तक, मुस्कान-सौरभ मामले की पूरी टाइमलाइन
मुस्कान और सौरभ की प्रेम कहानी का अंत सौरभ की हत्या और मुस्कान व साहिल को मृत्युदंड मिलने के साथ ...और पढ़ें

मुस्कान और सौरभ को सजा-ए-मौत। फोटो- वीडियो ग्रैब
HighLights
मुस्कान और सौरभ की प्रेम कहानी 2015 में शुरू हुई।
सौरभ की हत्या कर शव को ड्रम में छिपाया गया।
कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाया।
जागरण संवाददाता, मेरठ। 2015 में शुरू हुई मुस्कान और सौरभ की प्रेम कहानी का अंत 14 अक्टूबर 2026 को मृत्युदंड के फैसले के साथ हुआ। कभी एक-दूसरे को जीवनसाथी चुनने वाले मुस्कान और सौरभ की जिंदगी में वक्त के साथ रिश्तों की दरार बढ़ती गई। शादी, बेटी का जन्म, पुराने सहपाठी साहिल से नजदीकियां, तलाक की अर्जी और फिर हत्या की साजिश… इस घटनाक्रम ने एक परिवार को बिखेर दिया।
तीन मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या कर शव को ड्रम में सीमेंट से छिपाने की कोशिश की गई। जांच आगे बढ़ी तो प्रेम संबंधों के पीछे छिपी हत्या की साजिश सामने आई। करीब डेढ़ साल तक चली अदालती कार्यवाही में गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर 30 सितंबर 2026 को मुस्कान और साहिल दोषी करार दिए गए।
आखिरकार 14 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया। जानिए, मुलाकात से लेकर सजा-ए-मौत के फैसले तक इस मामले में कब क्या हुआ।
टाइमलाइन: ऐसे आगे बढ़ी प्रेम कहानी से हत्या और सजा तक की कहानी
2015 से 2026 तक का घटनाक्रम
- 2015 में मुस्कान और सौरभ की मुलाकात हुई, जो प्यार में बदल गई।
- 2016 में परिवार की रजामंदी पर मुस्कान और सौरभ ने शादी कर ली।
- 2019 में मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो नाना प्रमोद रस्तोगी के पास रहती है।
- 2019 में ही मुस्कान की सहपाठी साहिल से मुलाकात हुई और प्यार हो गया।
- 2021 में सौरभ को मुस्कान और साहिल के अनैतिक संबंध की जानकारी हुई।
- 2021 को ही सौरभ ने मुस्कान से अलग रहने के लिए तलाक की अर्जी लगा दी।
- 2023 में सौरभ काम के लिए लंदन चला गया, जो 24 फरवरी 2025 को लौटा।
- 2024 नवंबर में मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या की पटकथा तैयार की।
- 25 फरवरी 2025 को मुस्कान के जन्मदिन पर भी सौरभ की हत्या की कोशिश की।
- 3 मार्च 2025 की रात को चाकू से हमला कर सौरभ की बेरहमी से हत्या की।
- 4 मार्च 2025 को शव ड्रम में डालकर सीमेंट से जमाया और शाम को हिमाचल गए।
- 17 मार्च को लौटने के बाद सौरभ का शव ठिकाने लगाने का प्रयास किया।
- 18 मार्च काे मुस्कान ने अपनी मां कविता रस्तोगी को हत्या की जानकारी दी।
- 19 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कोर्ट में 16 महीने का घटनाक्रम
- 12 मई 2025- पुलिस ने करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें 34 गवाहों का जिक्र था, 22 की हुई गवाही।
- 17 जून 2025- मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय हुए। ट्रायल शुरू हुआ।
- 4 जुलाई 2025- सौरभ के भाई बबलू की कोर्ट में गवाही दी।
- 10 जुलाई से नवंबर 2025- परिवार, पुलिस, डाक्टर, चाकू और ड्रम बेचने वाले समेत कई गवाहों के बयान दर्ज हुए।
- 19 दिसंबर 2025- कोर्ट में नीला ड्रम और ट्राली बैग बतौर सबूत पेश किए गए।
- 21 अप्रैल 2026- कोर्ट ने मुस्कान और साहिल से आरोपों को लेकर 32-32 सवाल किए। दोनों ने आरोपों से इनकार किया।
- 22 मई 2026- मामले में अंतिम बहस शुरू हुई। अभियोजन ने 22 गवाहों के बयानों का हवाला दिया।
- 21 अगस्त 2026- मुस्कान और साहिल के वकीलों ने कोर्ट में अंतिम बहस शुरू की।
- 17 सितंबर 2026- अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी हुई।
- 30 सितंबर 2026- कोर्ट ने मुस्कान और साहिल दोषी करार दिया।
- 14 अक्टूबर 2026-कोर्ट ने साहिल और मुस्कान को दिया मृत्युदंड
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