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    मां का आय प्रमाण पत्र लगाकर सिपाही की पत्नी को मिल गए 70 हजार, मगर कैसे?

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 09:46 PM (IST)

    मेरठ में कानपुर के सिपाही की पत्नी ने बीएड की पढ़ाई के दौरान मां का आय प्रमाण पत्र लगाकर छात्रवृत्ति के 70 हजार रुपये धोखे से वसूल लिए। शिकायत मिलने पर जांच हुई और मामला पकड़ में आया। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कर्मचारी भी संदेह के घेरे में हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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    मां का आय प्रमाण पत्र लगाकर सिपाही की पत्नी ने 70 हजार की छात्रवृति वसूली

    जागरण संवाददाता, मेरठ। कानपुर में तैनात कांस्टेबल की पत्नी ने बीएड की पढ़ाई में मां का आय प्रमाण पत्र लगाकर धोखाधड़ी से 70 हजार की छात्रवृति वसूल कर ली। शिकायत मिलने पर जांच में मामला पकड़ में आया। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कर्मचारी भी जांच में दायरे में आ गए है। फिलहाल जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने कोतवाली थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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    शास्त्रीनगर निवासी अधिवक्ता मोहम्मद शाहिद ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में फर्जी तरीके से छात्रवृति वसूलने की शिकायत की। आरोप लगाया कि कंकरखेड़ा क्षेत्र के नंगलाताशी निवासी रेशमा सैफी ने ईस्माईल नेशनल महिला पीजी कालेज में बीएड के पाठ्यक्रम में 24 नवंबर 2022 को एडमिशन लिया था, जबकि 21 अगस्त 2022 को रेशमा का निकाह कांस्टेबल आरिफ से हो चुका था।

    रेशमा सैफी ने बीएड की पढ़ाई के दौरान वित्तीय वर्ष 2022-23 में 33,710 रुपये और वित्तीय वर्ष 2023-24 में 36,360 रुपये की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया। विवाह के बाद आवेदन में नियमानुसार पति का आय प्रमाण पत्र लगाना चाहिए था।

    रेशमा सैफी ने छात्रवृति के आवेदन में पति के बजाय अपनी मां का आय का प्रमाण पत्र लगाया। रेशमा सैफी के पति मुजफ्फरनगर के थाना मीरापुर गांव सरायखेड़ी निवासी मोहम्मद आरिफ सिविल पुलिस में सिपाही हैं। उनकी तैनाती कानपुर जनपद में हैं।

    जांच में मामला पकड़ में आने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ गए है। ऐसे में तत्काल ही ईस्माईल नेशनल महिला पीजी कालेज और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की और से रेशमा सैफी को छात्रवृत्ति की धनराशि सरकारी कोष में जमा कराने के लिए पत्र जारी किया गया। उसके बाद भी रेशमा ने छात्रवृति की रकम जमा नहीं की।

    सब रजिस्ट्रार चतुर्थ मेरठ सदर से आख्या मांगी गई। इससे सामने आया कि रेशमा सैफी का विवाह बीएड में प्रवेश से पहले हो गया था। तब रेशमा के खिलाफ काेतवाली थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। एएसपी अंतरिक्ष जैन ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। जांच में दायरे में आने वाले सभी लोगों को मुकदमे में आरोपित बनाया जाएगा।