जागरण संवाददाता, मेरठ : समाज हमें देता है सब कुछ, हम भी कुछ देना सीखें... इस सीख के साथ शहर के प्रबुद्ध लोगों ने मेरठ की खातिर योजना को जमीन पर उतारने का रोडमैप साझा किया। तय किया गया कि दीपावली के बाद ही शहीद स्मारक के निकट के चौराहे का सजा-संवारकर उसे क्रांति संग्रहालय चौक का नाम दिया जाएगा। इसे वैधानिक दर्जा दिलाने की खातिर कार्यदायी संस्थाओं से भी अपील की जाएगी। इसी तरह स्कूल-कालेज के बच्चों के लिए प्रस्तावित लाइब्रेरी सरस्वती पूजा के दिन शुरू हो जाएगी।

दैनिक जागरण के माय सिटी माय प्राइड अभियान के तहत कुछ समय पूर्व पांच प्रमुख बिंदुओं (पिलर) को लेकर राउंड टेबल कांफ्रेंस (आरटीसी) आयोजित की गई थी। इन आरटीसी में 11 लक्ष्य तय किए गए थे। उसी तहत दैनिक जागरण कार्यालय में आरटीसी हुई जिसमें अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई।

शहर के पांच प्रमुख द्वारों पर शहर की पहचान वाले क्रांतिकारियों या शहीदों की प्रतिमाएं लगाने का विचार हुआ था। इस पर काफी देर तक विचार विमर्श हुआ। इसे जल्द से जल्द अमली जामा पहनाया जाएगा। रियल स्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक गर्ग, महासचिव कमल ठाकुर, वरुण अग्रवाल, अतुल गुप्ता आदि ने इसके लिए समुचित सहयोग का वादा किया। वहीं चौराहा गोद लेने पर विमर्श के अंतर्गत अशोक गर्ग ने सुझाव रखा कि शहर के संग्रहालय को संरक्षित करना चाहिए और उसका महत्व लोगों को पता चले इसलिए शहीद स्मारक के पास के चौराहे को क्रांतिवीर चौक नाम देकर उसे विकसित किया जाए।

इसके बाद नामों पर चर्चा हुई और फिर क्रांति संग्रहालय चौक पर सहमति बनी। नेहा कक्कड़ ने सुझाव दिया कि संग्रहालय के पास समय-समय पर नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हों जिससे लोगो का आना-जाना बना रहे। इस चौराहे को डेवलप करने में रियल स्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक गर्ग अहम भूमिका निभाएंगे। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी आश्वस्त किया कि वे परतापुर के निकट एक चौराहा विकसित करेंगे। इसकी खातिर जल्द ही प्रशासन से बात कर नाम तय कर दिया जाएगा।

शहर के पब्लिक स्कूल और कुछ शिक्षक मिलकर गरीब बच्चों को गोद लेंगे। इसके लिए रमेश चंद चैरिटेबल ट्रस्ट अस्तित्व में आ चुका है। चार्टर्ड एकाउंटेंट अनुपम शर्मा ने कहा कि वे इस चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिए अधिक से अधिक बच्चों की मदद करेंगे।
पठन-पाठन से करियर संवारने तक की तैयारी
मेरठ पब्लिक स्कूल में बसंत पंचमी यानि सरस्वती पूजा के दिन लाइब्रेरी खोल दी जाएगी। यहां स्कूल-कालेज के सभी बच्चे किताबें पढ़ सकेंगे। इसके साथ ही हेरिटेज स्तर की तिलक हाल लाइब्रेरी भी संरक्षित की जाएगी। इसके लिए तिलक लाइब्रेरी के प्रबंधक से मिलकर कार्ययोजना बनाई जाएगी। मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन के अंकुर जग्गी ने बताया कि कॅरियर टिप्स लेने, बायोडाटा तैयार करने आदि की सहायता के लिए कोई छात्र संपर्क कर सकता है, उसका सहयोग किया जाएगा।
ठंडी सड़क से साफ-सफाई तक की कार्ययोजना पर मोहर
शहर के किसी हिस्से में एक किमी तक ठंडी सड़क बनाई बनाने का लक्ष्य है। इस पर कई सड़कों पर विचार हुआ। शहीद स्मारक व शास्त्रीनगर के पास भी सड़कों के चुनाव करने पर भी सुझाव दिए गए। पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य कर रहे गिरीश शुक्ला को विशेष कार्य सौंपा गया है। वह वन विभाग व पीडब्ल्यूडी के बीच समन्वय रखकर सड़क का चयन व पौधरोपण का कार्य संपन्न कराएंगे। ट्रैफिक सेंस डेवलपमेंट जागरूकता अब दफ्तरों में भी चलेगा। मिशिका सोसाइटी के अमित नागर इसके नोडल बनाए गए हैं। अभिभावकों से निवेदन होगा कि वे नाबालिगों को बाइक आदि चलाने न दें।

स्वच्छता के लिए पहल-एक प्रयास के विश्वजीत बेंबी और टीम क्लीन मेरठ के अमित कुमार अग्रवाल अपने कार्य का दायरा बढ़ाएंगे। ब्लड बैंक की स्थापना हो चुकी है जल्द ही औषधि बैंक भी तैयार हो जाएगा। होटल व्यवसायी अभिजीत दुबे को जल्द ही सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी जिससे वह पर्यटन स्थलों पर उसके विवरण वाली होर्डिंग लगवाएंगे। नवंबर से कल्याणं करोति संस्था की ओर से 10 रुपये में चश्मा देने की शुरुआत हो जाएगी।

महिला फुटबाल लीग का होगा आयोजन
एक तरफ जहां शहर में अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की तैयारी चल रही है वहीं मंगलवार को महिला संगठनों ने तय किया कि वे महिला फुटबॉल लीग कराएंगी। इसमें महिला खिलाडिय़ों व हस्तियों का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही तय हुआ कि मेरठ की तमाम महिला संगठन एक फोरम के बैनर तले शहीद स्मारक में एक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन करेंगी। इसमें शहरभर के छायाकारों का सकारात्मक तस्वीरें प्रदर्शित की जाएंगी। बेहतरीन तस्वीरों को इनाम मिलेगा।

इस तरह से बांटे गए हैं लक्ष्य
इन लक्ष्यों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। वे कार्य जिसमें कोई भी सहयोग कर सकता है और सभी के सहयोग की जरूरत भी है, उसे जनसहभागिता वर्ग में रखा गया। वे कार्य जिसमें अधिक धनराशि व्यय होगी और किसी व्यक्ति या संस्था विशेष केपहल की जरूरत पड़ेगी उसे सीएसआर (कंपनी सोशल रेस्पांसिबिलिटी) वर्ग में रखा गया। वे कार्य जो जरूरी तो हैं मगर वे शासन स्तर से ही संभव हैं उसे शासन वर्ग में रखा गया। नौ लक्ष्य ऐसे थे जो हम आपसी सहयोग और कंपनी सोशल रेस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत पूरा कर सकते हैं। दो लक्ष्य ऐसे हैं जो शासन स्तर पूरा हो सकते हैं, लेकिन वे शहर के लिए अहम हैं।

ये रहे मौजूद
कल्याणं करोति के रवि बख्शी, सीए अनुपम शर्मा, मेरठ पब्लिक स्कूल के विक्रमजीत सिंह शास्त्री, एडको डेवलपर्स के वरुण अग्रवाल, कृतिका एस्टेट के अशोक गर्ग, आकाशवाणी की उद्घोषक व हियर द साइलेंस संस्था की नेहा कक्कड़ व रेनू गोयल, मेरठ सिटिजन फोरम के डा. एके त्यागी, गौरांग संगल, दीवान पब्लिक स्कूल के एचएम राउत, अरुणोदय संस्था की अनुभूति चौहान, रूपाली रस्तोगी, रिचा सिंह, फैशन कंसल्टेंट निधि जैन, पहल संस्था से असीम कायस्थ व उमेश राघव, क्लब 60 से महेश चंद रस्तोगी, बिल्डर्स एसोसिएशन के कमल ठाकुर, जागरूक नागरिक एसोसिएशन से गिरीश शुक्ला, सीएनएस हॉस्पिटल के डा. संजय शर्मा, मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन के अंकुर जग्गी, अपेक्स ग्रुप के अतुल गुप्ता, केएमसी के डा. राजेश मिश्रा, मिशिका सोसाइटी से अमित नागर, आइआइए एक्सपोर्ट कमेटी से निपुण जैन, पीआइईएमए के अश्वनी गेरा, राजीव सिंघल, स्वच्छता मेरी जिम्मेदारी के अभिजीत दुबे व टीम क्लीन मेरठ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

By Krishan Kumar