जागरण संवाददाता, मेरठ : प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना से 10 हजार रुपये तक का ऋण लेकर छोटे काम की शुरुआत की जा सकती है मगर इस योजना से ऋण लेना पहाड़ की चोटी फतह करने जैसा है। जो लोग इस ऋण की सहायता से काम शुरू करना चाहते हैं उनकी मदद की जाएगी। प्रस्ताव तैयार करने से लेकर बैंक से ऋण दिलाने तक में मार्गदर्शन किया जाएगा।

दैनिक जागरण के 'माय सिटी माय प्राइड' महाअभियान के तहत अर्थव्यवस्था पिलर के अंतर्गत राउंड टेबल कांफ्रेंस आयोजित की गई थी। इसमें तय हुआ था कि छोटे या कुछ बड़े काम करने का जुनून युवाओं में है लेकिन पूंजी की दिक्कत उनकी राह में बाधा बन जाती है। परिवार से पैसा मिलता है न बैंक से ऋण। वैसे ऐसे लोगों की मदद के लिए ही प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना है, मगर बैंक स्तर से ऐसी शर्तें लगा दी जाती हैं जिससे इस तरह का ऋण लेने में पसीने छूट जाते हैं। इसमें एक वजह यह भी है कि ऋण का आवेदन करने वाले लोग उचित तरीके से प्रस्ताव तैयार नहीं कर पाते और बैंक को संतुष्ट नहीं कर पाते।

इन दिक्कतों को दूर करने के लिए ऐसे लोगों की मदद करने का निर्णय लिया गया। इसमें सहायता करने की जिम्मेदारी ली मेरठ क्रिकेट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राकेश गोयल ने। गोयल मुद्रा योजना की अच्छी समझ रखते हैं। वह यह जानते हैं कि प्रस्ताव कैसे तैयार किए जाते हैं और बैंक में किस तरह से अपनी बात रखी जाती है। वह जल्द ही इस ऋण से संबंधित जागरूकता व मदद के लिए कार्यशाला शुरू करेंगे।

इस कार्य में मदद करेंगे मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी अंकुर जग्गी। इस पर अभी चर्चा चल रही है कि ऐसी कार्यशाला इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के हॉल में हो। कार्यशाला महीने या सप्ताह में आयोजित हो। जल्द ही इसकी रूपरेखा तय कर ली जाएगी।

By Krishan Kumar