'इस शरीर में अच्छा महसूस नहीं हो रहा है'... सुसाइड नोट में यह लिखकर एमबीबीएस के छात्र ने जान दे दी
मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्र गोपेश कृष्ण ने छात्रावास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गोपेश ने सुसाइड नोट में शरीर में अच्छा महसूस न होने की बात लिखी है। वह त्वचा की बीमारी से परेशान था, जिसका इलाज चल रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सुभारती मेडिकल कालेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र 21 वर्षीय गोपेश कृष्ण।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सुभारती मेडिकल कालेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र 21 वर्षीय गोपेश कृष्ण ने शनिवार को फंदा लगाकर जान दे दी। उसका शव डा. कोटनिस पुरुष छात्रावास के रूम नंबर 122 में मिला है। 20 नवंबर को ही गोपेश कालेज आया था। मूल रूप से मथुरा के कस्बा राया निवासी छात्र गोपेश कृष्ण के पिता ऊदल सिंह मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में प्रतिसार निरीक्षक हैं।
अलीगढ़ के संगम सिटी रोड डिफेंस कंपाउंड में भी घर है। परिवार मुजफ्फरनगर में रहता है। चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर के योगेश का इसी साल सुभारती मेडिकल कालेज में दाखिला कराया गया था। वह काफी दिनों से त्वचा की बीमारी से पीड़ित था। एम्स, नई दिल्ली में उपचार कराया गया था। शनिवार को गोपेश के रूम पार्टनर आर्यन और राजीव उसे कमरे में छोड़कर क्लास करने चले गए थे।
दोपहर एक बजे लौटे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इस पर दोनों ने वार्डन नरेश कुमार को सूचना दी। वार्डन पहुंचे तो कमरे का गेट तोड़ा गया। अंदर गोपेश का शव रस्सी से लटका हुआ था। सूचना पर सुभारती चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। गोपेश के पिता को सूचना दी। स्वजन के पहुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मामले की गहनता से जांच की जा रही है
मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इसी वर्ष छात्र ने एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। उसके मोबाइल और लैपटाप में भी आत्महत्या की वजह ढूंढी जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अचानक त्वचा की बीमारी से छात्र इतना परेशान क्यों हो गया।-डा. विपिन ताडा, एसएसपी
इस शरीर में अच्छा महसूस नहीं हो रहा
गोपेश कृष्ण ने दो पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है। उसमें लिखा है कि इस शरीर में अच्छा महसूस नहीं हो रहा है। इसलिए जान दे रहा हूं। इसके अलावा मोबाइल और लैपटाप के पासवर्ड की जानकारी दी थी। गोपेश की बड़ी बहन की शादी गाजियाबाद के मसूरी थाने में तैनात दारोगा अरुण चौधरी से हुई है। दूसरे नंबर की बहन अभी पढ़ाई कर रही हैं। छोटा भाई अंडर-19 क्रिकेट खिलाड़ी है।

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