मेरठ, जेएनएन। हरिद्वार से रविवार को हस्तिनापुर पहुंची छ:रि पालित यात्रा का स्वागत किया गया। श्वेतांबर जैन मंदिर पर महामांगलिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महाराज ने विश्व शांति के लिए मंत्रोच्चार के साथ कामना की। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मप्र के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने भी भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे राजेश जैन ने बताया कि आचार्य विश्वरत्न सूरीश्वर महाराज व आचार्य देवचंद महाराज का हरिद्वार में चातुर्मास था। चातुर्मास के बाद महाराज का छ:रि पालित यात्रा द्वारा हस्तिनापुर में मंगल प्रवेश हुआ, जहां यात्रा का स्वागत किया गया। इसके पश्चात श्वेतांबर जैन मंदिर के पारणा हाल में महामांगलिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आचार्य विश्वरत्न सूरीश्वर महाराज ने महामांगलिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब पुण्य का उदय होता है, तब परमात्मा व गुरु अच्छे लगते है। उनकी वाणी से धर्म अच्छा लगता है। कहा कि गुरु तो दुखों से मुक्ति का आशीर्वाद देते हैं। भगवान उन्हें बनाना चाहिए, जिनकी शरण में जाने के बाद मरण भी मर जाए। यदि मनुष्य के जीवन में जागृति नहीं आई, तो वह जीवन किसी काम का नहीं है। इसलिए भगवान महावीर ने संदेश दिया है कि शुद्ध धर्म करो और नेक बनो। उन्होंने कहा कि आज समूचा विश्व भय के साए में जीत रहा है। हमें डरने की नहीं बल्कि इस महामारी से लड़ने की जरूरत है। कार्यक्रम में महाराज व श्रद्धालुओं ने आत्मरक्षा, वज्र मंचसूत्र, अनेक बीज मंत्र, नवकार मंत्र का पाठ किया। सभी ने एक स्वर, एक ध्वनि से मंत्र का उच्चारण कर वायुमंडल को गुंजायमान कर दिया।

इससे पूर्व यात्रा में संघपति बने लगभग 25 परिवारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कमेटी प्रधान निर्मल कुमार जैन, महामंत्री शुभकांत, मंत्री दीपक जैनप्रबंधक तेजपाल सिंह, ब्रह्मंपाल सिंह, इंद्रपाल सिंह, अतुल, सुरेंद्र, भोपाल आदि का सहयोग रहा।

Edited By: Jagran