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मेरठ की दो मस्जिदों में मिले 19 विदेशी मौलवी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा छापा

कोरोना महामारी को लेकर अलर्ट है। इसके बावजूद मेरठ की दो मस्जिदों विदेशियों के ठहरने के बारे में स्थानीय प्रशासन को जानकारी नहीं दी गई।

By Umesh TiwariEdited By: Published: Mon, 30 Mar 2020 01:21 AM (IST)Updated: Mon, 30 Mar 2020 07:09 AM (IST)
मेरठ की दो मस्जिदों में मिले 19 विदेशी मौलवी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा छापा

मेरठ, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन है। ऐसे में मवाना स्थित बिलाल मस्जिद में रविवार देर रात 10 और सरधना में आजाद नगर स्थित मस्जिद में नौ विदेशी मौलवी मिलने से हड़कंप मच गया। ये सभी धर्म प्रचारक हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मस्जिद में पहुंची और इन लोगों से पूछताछ की। इनके कागजात और पासपोर्ट कब्जे में ले लिए गए हैं। ये सभी 17 मार्च से यहां रह रहे हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हो रहे विरोध-प्रदर्शन के बाद से मवाना में विदेशी लोग होने की सूचना मिल रही थी। तभी से यहां खुफिया विभाग सक्रिय था और सुरागरसी में लगा हुआ था। रविवार रात करीब नौ बजे एलआईयू समेत अन्य इंटेलीजेंस टीम ने आलाधिकारियों को सूचना दी कि मोहल्ला हीरालाल स्थित बिलाल मस्जिद में विदेशी ठहरे हैं।

सीओ यूएन मिश्रा, इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी की अगुवाई में पुलिस टीम ने दबिश दी। वहां ये लोग आराम फरमाते मिले। यह जमात 17 मार्च को सूडान व केन्या से आई थी। टीम ने इनके पासपोर्ट व वीजा भी कब्जे में ले लिया। चिकित्सा प्रभारी डा. सतीश भास्कर ने थर्मल स्कैनर से तापमान मापा जो सामान्य मिला। टीम ने जांच पूरी होने तक इन लोगों को बाहर न निकलने की हिदायत दी है। मस्जिद के इमाम मौलाना शौकत व अन्य से भी पूछताछ की गई।

उधर, सरधना की आजाद नगर स्थित मस्जिद में भी कुछ दिन पूर्व जमात आई थी, जिसमें विदेशी शामिल थे। रविवार को पुलिस को सूचना मिली तो मस्जिद पर जाकर पूछताछ की गई। बताया गया कि 21 मार्च को नौ जमाती आए थे। यह सभी इंडोनेशिया के हैं। जो इस समय भी मस्जिद में मौजूद हैं। दारोगा राजवीर सिंह ने विदेशी जमातियों की सूचना नहीं देने पर मस्जिद के मोहतमिम हारून व इमरान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी है। संभवत: सोमवार को इनका परीक्षण कराया जाएगा।

प्रशासन को जानकारी नहीं दी, केस दर्ज

कोरोना महामारी को लेकर अलर्ट है। इसके बावजूद इन लोगों के बारे में स्थानीय प्रशासन को जानकारी नहीं दी गई। देर रात मामले में मवाना में दारोगा नरेंद्र सिंह ने शहर काजी मौलाना नफीस, एडवोकेट असलम, नईम सौफी समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 व 14 विदेशी अधिनियम, महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

पुलिस ने कहा-जांच के बाद होगी कार्रवाई

सीओ मवाना यूएन मिश्रा ने कहा कि अभी जांच चल रही है। पता किया जा रहा है कि ये लोग यहां कैसे आए और क्या कर रहे हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में आलाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। शहर काजी मौलाना नफीस ने बताया कि विदेश से जमात आती हैं। दुनिया में जो भी जमात चलती है सबसे पहले मरकज निजामुद्दीन दिल्ली में आती है। वहां से ही निजाम बनाकर जमातों को भेजते हैं। पूरा रिकार्ड रहता है।


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