जागरण संवाददाता, मेरठ। शहर को सीवर नेटवर्क से कवर करने के लिए अभी 1034 किमी सीवर लाइन और बिछाने की आवश्यकता है। जल निगम की सीवर स्टेटस रिपोर्ट यह बयां कर रही है। जल निगम ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। सीवर स्टेटस रिपोर्ट में जल निगम नागर इकाई के अधिकारियों ने पूरे शहर को कवर करने का खाका प्रस्तुत किया है। उल्लेख किया है कि शहर में वर्तमान में अमृत योजना के तहत स्वीकृत 86.56 किमी नई सीवर लाइन में से 84 किमी सीवर लाइन डाली जा चुकी है। नई सीवर लाइन का काम पूरा होने पर पुरानी सीवर लाइन को मिलाकर शहर में लगभग 753 किमी सीवर नेटवर्क हो जाएगा।

शहर का करीब 45 फीसद हिस्सा सीवर लाइन नेटवर्क से कवर हो जाएगा। लगभग 55 फीसद शहर को सीवर नेटवर्क से कवर करने के लिए 1034 किमी. सीवर लाइन और डालनी होगी। तब जाकर शहर शत-प्रतिशत सीवर नेटवर्क से आच्छादित हो सकेगा। जल निगम अफसरों ने 1034 किमी सीवर लाइन डालने और फिर हाउस कनेक्शन करने में आने वाले खर्च का अनुमान 2200 करोड़ लगभग लगाया है। वहीं, शहर में जल निगम का एक 72 एमएलडी एसटीपी है। जबकि एमडीए के 12 एसटीपी हैं। जल निगम व एमडीए को मिलाकर सीवेज शोधन क्षमता कुल 179 एमएलडी है। प्रतिदिन शहर में 338 एमएलडी सीवेज उत्सर्जित होता है। करीब 159 एमएलडी सीवेज काली नदी में बिना ट्रीट किए बहाया जा रहा है। नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा के तहत 220 एमएलडी का एक एसटीपी स्वीकृत हो चुका है। कमालपुर में बनना है। इससे शत-प्रतिशत सीवेज ट्रीटमेंट हो सकेगा।

प्रमुख मोहल्ले जहां नहीं है सीवर लाइन : जैन नगर, देवपुरी, शेरगढ़ी, कंकरखेड़ा, सोफीपुर, मोदीपुरम फेस दो, पल्हेड़ा, रोहटा रोड से जुड़े मोहल्ले, खड़ौली, हरिनगर, आदर्श नगर, सरधना रोड के समीप बसी कालोनियां, मलियाना, देवलोक कालोनी, सूर्या पैलेस, गगोल रोड से जुड़े मोहल्ले, पूर्वा इलाही बख्श, भगवतपुरा, साईंपुरम आदि मोहल्लों को सीवर लाइन का इंतजार है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट के लिए फिर से होगा टेंडर

मेरठ: शहर के विभिन्न नौ स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट तैयार करने के लिए एमडीए री-टेंडर जारी करेगा। पिछले महीने भी इसी के लिए टेंडर जारी हुआ था लेकिन ठेकेदार की तरफ से तकनीकी कमी मिलने पर इसे निरस्त कर दिया गया था। आवेदन भी एक ही ठेकेदार ने किया था। वहीं उससे पहले भी कई भी बार टेंडर हुआ लेकिन कोई ठेकेदार ही नहीं आया। इसके बाद एमडीए ने नियमों को सरल किया है।

जल निगम नागर इकाई के परियोजना प्रबंधक रमेश चंद्रा: अमृत योजना के तहत 86.56 किमी सीवर लाइन डालने का प्रोजेक्ट स्वीकृति हुआ था। जिसका काम अंतिम दौर में है। शासन को शहर की सीवर स्टेटस रिपोर्ट भेज दी गई है। अगले प्रोजेक्ट के बारे में शासन से ही निर्णय होना है। 

Edited By: Himanshu Dwivedi