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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गजब का हुनर: बिना नहाए और बेटिकट आए लोगों को पहचान लेता है यह गधा, मोबाइल सूंघकर बता रहा उसके मालिक का नाम

Published: Sun, 21 Jul 2024 10:10 AM (IST)Updated: Sun, 21 Jul 2024 10:26 AM (IST)

The Intelligent Donkey In Nauchandi Fair अब तक आपने कुत्तों की सूंघने की दक्षता के बारे में सुना है। लेकिन ...और पढ़ें

Meerut News: नौचंदी मेले में सूघंने की क्षमता में दक्ष गधा पन्नालाल अपने मालिक बनवारी लाल के साथ।
Meerut News: नौचंदी मेले में सूघंने की क्षमता में दक्ष गधा पन्नालाल अपने मालिक बनवारी लाल के साथ।

HighLights

  1. प्रशिक्षक के ताऊ फिल्मों में करते थे कुत्तों की सप्लाई, अब गधे पर प्रयोग
  2. गधे को प्रशिक्षण देने वाला परिवार आगरा में भी रहा है

प्रवीण वशिष्ठ l जागरण मेरठ : 'पन्नालाल'...इस मोबाइल को सूंघकर पता लगाओ किसका है। ये पता लगाओ कि मेले में कौन बिना नहाए पहुंचा है।' प्रशिक्षक ने यह वाक्य 'पन्नालाल' नामक गधे के कान के पास जोर से कहा। मूर्ख माना जाने वाला गधा भीड़ में सीधे उसके पास पहुंचा, जिसका मोबाइल सूंघा था। फिर उसने उस व्यक्ति का शर्ट धीरे से पकड़ लिया जो बिना नहाया पहुंचा था।

नौचंदी मेले में आकर्षण बना यह प्रशिक्षित गधा गर्भवती महिलाओं को भी पहचान लेता है। प्रशिक्षक बनवारी ने बताया कि यह गधा सूंघने में दक्ष है, लेकिन फेस रीडिंग से पहचान करता है।

कुत्ते की दक्षता देख दंग रह गए थे राजेश खन्ना

गधे के मालिक बनवारी लाल के ताऊ बंगालीनाथ गोस्वामी 50 साल पहले मुम्बई की फिल्म नगरी में कुत्तों की सप्लाई करते थे। मोहन स्टूडियो में शूटिंग के दौरान उनका कुत्ता राजेश खन्ना की घड़ी सूंघकर उनके पास पहुंच गया था। इस पर काका बहुत खुश हुए थे। बनवारी लाल का परिवार आगरा में रहता है। यहां बनवारी लाल गोस्वामी ने कुत्तों के प्रशिक्षण के अनुभव के आधार पर गधे पर प्रयोग शुरू किया। सात माह का गधा खरीदकर लाए। उसका नाम 'पन्नालाल' रखा।

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वस्तु सुंघाकर संबंधित व्यक्ति के पास पहुंचने का प्रशिक्षण दिया

महीनों तक उसे 'पन्नालाल' कहते हुए रोटी के लिए बुलाते रहे। फिर वस्तु सुंघाकर संबंधित व्यक्ति के पास पहुंचने का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षक ने बताया कि मोबाइल रखने वाले व्यक्ति की गंध उसमें बनी रहती है। इसी गंध के सहारे गधा संबंधित व्यक्ति तक पहुंचता है। उसे फेस रीडिंग का प्रशिक्षण भी दिया गया।

जैसे शो में दर्शकों के बीच वह 'पन्नालाल' से अविवाहित व्यक्ति, बिना नहा कर आए व्यक्ति, बिना टिकट आए व्यक्ति, गर्भवती महिला, डाक्टर, इंजीनियर आदि की पहचान को कहते हैं तो वह दर्शकों की फेस रीडिंग करता है। इससे पहचान कर संबंधित के पास पहुंच जाता है। 'पन्नालाल' ट्रेनर की आवाज भी ठीक से पहचानता है।