मेरठ, जेएनएन। रिटायर्ड दारोगा ने पड़ोसी इंस्पेक्टर पर 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने एसएसपी आफिस में शिकायत पत्र दिया है। रविवार को सीओ दौराला से भी न्याय की गुहार लगाई है।

रोहटा रोड स्थित तेज विहार कालोनी निवासी सुरेंद्र सिंह वर्ष 2019 में उप्र पुलिस विभाग से दारोगा के पद से रिटायर्ड हुए थे। उन्होंने बताया कि उनके घर से थोड़ी दूर ही उप्र पुलिस विभाग में तैनात एक इंस्पेक्टर रहते हैं। इंस्पेक्टर ने एक प्लाट खरीदवाने के नाम पर 19 अप्रैल 2019 को उनसे 17 लाख रुपये लिए थे। यह रकम उन्होंने चेक के माध्यम से दी थी। इसके दो महीने बाद इंस्पेक्टर ने पांच लाख रुपये और लिए। मगर, आज तक प्लाट नहीं दिलवाया। रुपये वापस देने का दबाव बनाया तो इंस्पेक्टर ने 22 लाख रुपये के कई चेक दिए, जो बाउंस हो गए। आरोप है कि दोबारा तकादा करने पर अब इंस्पेक्टर लगातार धमकी दे रहा है। पीड़ित ने सभी दस्तावेजों संग प्रार्थना पत्र एसएसपी दफ्तर में दिया है। रविवार को पीड़ित कंकरखेड़ा थाने पहुंचा और सीओ दौराला से न्याय की गुहार लगाई। सीओ दौराला आशीष शर्मा ने बताया कि जांच कर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पीड़ित यह नहीं बताया पाया है कि वर्तमान में इंस्पेक्टर कहां तैनात है।

बच्चों ने पुलिस को बनाया अपना दोस्त : चाइल्डलाइन की ओर से रविवार को पल्लवपुरम स्थित रैन बसेरा में दोस्ती सप्ताह की शुरुआत हुई। इसमें रैन बसेरा में रहने वाले बच्चों ने पुलिस को रक्षासूत्र बांधकर अपना दोस्त बनाया। चाइल्डलाइन की निदेशक अनिता राणा ने बताया कि दोस्ती सप्ताह का उद्देश्य बच्चों के मन से पुलिस का भय खत्म करना हैं, जिससे वह खुलकर पुलिस के सामने अपनी समस्याओ को रखकर उसका समाधान करवा सकें। कार्यक्रम में चाइल्डलाइन के समन्वयक निपुण कौशिक, रेलवे चाइल्डलाइन के समन्वयक अजय कुमार भी उपस्थित रहे।

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