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    पश्चिमी उप्र के 17 जनपदों को मिलाकर बने ग्रेटर दिल्ली

    By JagranEdited By:
    Updated: Mon, 14 Oct 2019 09:00 AM (IST)

    25 करोड़ की आबादी वाले विशाल प्रदेश में नागरिकों का भला होने की उम्मीद कभी नहीं की जा सकती।

    पश्चिमी उप्र के 17 जनपदों को मिलाकर बने ग्रेटर दिल्ली

    मेरठ,जेएनएन। 25 करोड़ की आबादी वाले विशाल प्रदेश में नागरिकों का भला होने की उम्मीद कभी नहीं की जा सकती। पश्चिम से राजस्व और टैक्स के नाम पर पैसा एकत्र करके पूर्वी क्षेत्रों में विकास करा दिया जाता है। बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान बनारस, इलाहाबाद और लखनऊ में स्थापित किए गए, जबकि बरेली, आगरा और शाहदरा में पागलखाने बनाए गए। यह पश्चिम की उपेक्षा नहीं तो क्या है। पश्चिम के 17 जनपद यदि दिल्ली में शामिल हुए तो वे राष्ट्र की मुख्य धारा से जुड़ जाएंगे। अभी तक तो बहू, बेटियों को नौकरी करने, न्याय के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने, सरकार तक अपनी बात कहने को राजधानी तक जाने के लिए 500 से 600 किमी तक की यात्रा करनी पड़ती है। इन हालात में फंसी जनता बुरी तरह त्रस्त है।

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    ये विचार रविवार को चौधरी चरण सिंह विवि के सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित पथिक सेना के ग्रेटर दिल्ली निर्माण सम्मेलन को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने रखे। सम्मेलन में पश्चिम के 17 जनपदों को मिलाकर ग्रेटर दिल्ली का गठन करने के लिए आंदोलन का बिगुल बजाया गया। कार्यक्रम में मौजूद 17 जनपदों के प्रतिनिधि और देश-प्रदेश के विभिन्न आंदोलनकारी संगठनों के पदाधिकारियों ने इस आंदोलन का समर्थन किया। सम्मेलन के संयोजक पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने कहा कि आबादी में उत्तर प्रदेश विश्व के 195 देशों से बड़ा है। इसका विभाजन तत्काल जरूरी है। छोटे प्रदेश में ही नागरिकों का भला हो सकता है। ग्रेटर दिल्ली के गठन का विधेयक वर्ष 1953 में ही दिल्ली विधानसभा में पास है। दिल्ली से जुड़कर ही पश्चिम के 17 जनपद राष्ट्र की मुख्य धारा में आ सकते हैं। उन्हें न्याय सुलभ होगा व आय भी बढ़ेगी।

    पूर्व मंत्री रामचंद्र वाल्मीकि की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन को नव राज्य निर्माण महासंघ से बाबा आरके देव तोमर, पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा अध्यक्ष सतपाल यादव, पूर्वाचल बनाओ मंच के अध्यक्ष गोपाल राय, पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा, भारतीय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप त्यागी, धन सिंह कोतवाल की परपौत्री डा. बबीता सिंह, नैपाल सिंह कसाना, पर्यावरणविद् मधु वत्स, पथिक सेना के प्रदेश अध्यक्ष परविंद्र सिंह, कैलाश चपराणा, एडवोकेट उर्वशी चौधरी और प्रवीण कुमार आदि ने आंदोलन का समर्थन किया। साथ ही कहा कि उत्तर प्रदेश के विभाजन के लिए प्रदेश के कोने-कोने से आंदोलन होगा।

    सम्मेलन में मशहूर शायर वारिस वारसी ने ग्रेटर दिल्ली निर्माण के समर्थन में गजल पेश की। जिसपर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। संचालन सेव इंडिया जन फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने किया।

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    हर जिले में सम्मेलन, फरवरी में दिल्ली में रैली

    मुखिया गुर्जर ने बताया कि मांग के समर्थन में प्रदेश के प्रत्येक जनपद में सम्मेलन होंगे। फरवरी 2020 में दिल्ली में विशाल रैली होगी।