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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Good News: सहारनपुर में वन्य जीवों को बचाने के लिए बनेगा एलिवेटेड हाईवे, मिली मंजूरी

By Prem BhattEdited By:
Published: Mon, 31 Aug 2020 06:00 AM (IST)Updated: Mon, 31 Aug 2020 08:34 AM (IST)

Elevated highway in Saharanpur सहारनपुर जनपद में गणेशपुर से मोहंड के बीच साढ़े तीन किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड बनाने पर ...और पढ़ें

Good News: सहारनपुर में वन्य जीवों को बचाने के लिए बनेगा एलिवेटेड हाईवे, मिली मंजूरी
Good News: सहारनपुर में वन्य जीवों को बचाने के लिए बनेगा एलिवेटेड हाईवे, मिली मंजूरी

सहारनपुर, जेएनएन। ग्रीन एक्सप्रेस वे के निर्माण में वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह अच्छी खबर है। देहरादून से सहारनपुर के मध्य बन रहे एक्सप्रेस वे के लिए न हजारों पेड़ काटे जाएंगे और न ही वन्य जीवों की शांति में खलल पड़ेगा। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया तथा सहारनपुर जिला प्रशासन के प्रस्ताव को मानते हुये NHAI (National Highway Authority of India) ने सहारनपुर जनपद में गणेशपुर से मोहंड के बीच साढ़े तीन किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड बनाने पर अपनी सहमति दे दी है। यह जिले का सघन वन्यजीव क्षेत्र है, जहां पर बड़ी संख्या में जंगली जानवरों की उपस्थति को कैमरे में ट्रैप किया गया है। यहां पहले सामान्य रोड बनाया जाना प्रस्तावित था, जिस पर वाहनों के दौडऩे से वन्यजीवों की जान को खतरा था, वहीं हजारों पेड़ कटने थे। इसे लेकर कमिश्नर सहारनपुर के नेतृत्व में एलिवेटेड रोड बनाने का नया प्रस्ताव एनएचएआइ को दिया गया था जिसे एनएचएआइ ने मान लिया है।

दरअसल दिल्ली से सहारनपुर तक ग्रीन एक्सप्रेस वे बनाया जा रहा है। इसका निर्माण दिल्ली की दिशा से शामली तक हो चुका है। इस एक्सप्रेस -वे को सहारनपुर से देहरादून तक जोड़ा जा रहा है, ताकि वाया मेरठ होकर देहरादून पहुंचने वाले ट्रैफिक को वाया बागपत-शामली होकर देहरादून तक कम समय में पहुंचाया जा सके। उधर देहरादून से यह हाईवे मोहंड तक सुरंग तथा एलिवेटेड बनाया जा रहा है। सहारनपुर जिला प्रशासन ने एनएचएआइ के सामने वाइल्ड लाइफ इंस्टीट््यूट आफ इंडिया के कैमरा ट्रैप रिपोर्ट को रखते हुए दावा किया था कि गणेशपुर से मोहंड के बीच का क्षेत्र सघन वन्यजीव क्षेत्र है। इस इलाके में गुलदार समेत सैकड़ों प्रजातियों के वन्य जीवों की दस्तक कैद हुुई है। अगर इस इलाके में सामान्य रोड बनाया गया तो रोड पार करते समय आए दिन वन्यजीव हादसे का शिकार होंगे और हजारों पेड़ों का कटान होगा। इसे रोकने के लिए गणेशपुर से मोहंड के बीच एलिवेटेड रोड बनाया जाए।

कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि उन्होंने जून में करीब पांच किमी के क्षेत्र में न्यूनतम चार किमी क्षेत्र में एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव भेजा था। बताया कि एनएचएआइ ने गणेशपुरा से मोहंड के बीच साढ़े तीन किलोमीटर एलिवेटेड रोड बनाने पर सहमति दे दी है। एनएचएआइ से वन विभाग के पास इसकी सूचना भेज दी है। उधर एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज मौर्या ने बताया कि वाइल्ड लाइफ इंस्टीट््यूट आफ इंडिया की रिपोर्ट के आधार पर जो प्रस्ताव जिला प्रशासन ने दिया था, उसे मानते हुए साढे तीन किमी. लंबा एलिवेटेड रोड बनाने की मंजूरी मिल गई है। जल्द कार्य प्रारंभ किया जाएगा। वन्य जीव संरक्षण के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।