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Ganga Expressway पर बिना झटके 120 किमी/घंटा की गति से सुरक्षित दौड़ी कार; दैनिक जागरण की दो टीमों ने किया सफर

By Anuj Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 29 Apr 2026 01:56 PM (IST)

Ganga Expressway : दैनिक जागरण की दो टीमों ने गंगा एक्सप्रेसवे का 120 किमी/घंटा की रफ्तार से सफर कर सुरक्षा ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दैनिक जागरण की दो टीमों ने किया गंगा एक्सप्रेसवे पर कारों से भ्रमण।

  2. एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा की गति से आरामदायक रहा सफर।

अनुज शर्मा, मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण की पूर्व संध्या पर दैनिक जागरण की दो टीमों (मेरठ से बदायूं और हरदोई के बिलग्राम से मल्लावां तक) ने निर्धारित गति सीमा 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बिना झटके के आरामदायक सफर के यूपीडा के दावे की मंगलवार को जांच की।

एक टीम ने ब्रेजा कार से मेरठ से बदायूं तक 130 किमी और दूसरी टीम ने हरदोई के बिलग्राम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम स्थल मल्लावां तक स्विफ्ट डिजायर कार से करीब 25 किलोमीटर का सफर कर सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का अनुभव किया। सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं ने भी खासा प्रभावित किया।

मेरठ-हापुड़-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग के 16वें किलोमीटर पर एक्सप्रेसवे का मेरठ से प्रवेश और निकास है। कनेक्टर के तीव्र मोड़ पर वाहनों की लाइट से होने वाली दुर्घटना रोकने के लिए डिवाइडर पर हरे रंग की एंटी ग्लेयर स्क्रीन के साथ बीच में रेडियम के ब्लिंकर लगाए गए हैं।

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मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा खड़खड़ी पर तैयारी करते कर्मी। जागरण

संचालनकर्ता एजेंसी आइआरबी इन्फ्रा के सीजेएम अनूप सिंह ने बताया कि सुरक्षा, सड़क और टोल समेत सभी व्यवस्थाएं तैयार हैं। लोकार्पण के बाद एक्सप्रेस वे पर बुधवार मध्यरात्रि से वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।

कार बुलंदशहर हाईवे पर बने ओवरब्रिज से गुजरती हुई एक्सप्रेसवे पर पहुंची। छह लेन का हाईवे और उसपर 120 किमी प्रति घंटे तक गाड़ी को दौड़ाने की आजादी। दो किमी आगे पहुंचते ही पहला टोल प्लाजा (खड़खड़ी गांव की सीमा में) मिला। यहां कोई बैरियर नहीं है।

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मेरठ से गंगा एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा खड़खड़ी पर खड़ी एंबुलेंस। जागरण

वाहनों की एंट्री के लिए मल्टीलेन फ्री फ्लो तकनीक का प्रयोग किया गया है। कैमरे और स्कैनर तेज गति से दौड़ते वाहनों को भी स्कैन कर लेते हैं। जितनी दूरी तय करेंगे, सफर खत्म होने पर उतनी दूरी के हिसाब से फास्टैग से टोल शुल्क कट जाएगा। आपात स्थिति के लिए पूरे मार्ग पर टोल फ्री नंबर 14449 के बोर्ड लगाए गए हैं। पेट्रोलिंग वाहन 24 घंटे घूमते मिलेंगे। हर 20 किमी पर क्रेन की भी व्यवस्था है। दोनों ओर हरियाली थी। 

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गंगा एक्सप्रेसवे पर लगे हाईटेक कैमरे। जागरण

एक्सप्रेसवे के डिवाइडर पर लगे ऊंचे खंभों पर वाईफाई कैमरे लगे हैं। मेरठ से बदायूं तक 130 किमी में 131 कैमरे लगाए गए हैं। निगरानी के लिए मेरठ के खड़खड़ी और बदायूं टोल प्लाजा पर कंट्रोल रूम हैं। एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से निगरानी होगी।

किसी भी दुर्घटना, ओवरस्पीड और वाहन के अचानक रुकने पर कैमरे तत्काल कंट्रोल रूम को संदेश दे देंगे। इसी तरह पूरे एक्सप्रेसवे पर हर किमी में ऐसे ही कैमरे लगाए गए हैं। सभी कैमरों के पोल पर ही सोलर पैनल लगाए गए हैं।

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धनुष आकार का 
टोल प्लाजा

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मेरठ की तरफ से एक्सप्रेसवे के 146 किमी पर धनुष आकार का टोल प्लाजा है। यहां एक्सप्रेसवे के संचालन की जिम्मेदारी अदाणी समूह के पास है। इस टोल पर मल्टी लेन फ्री फ्लो तकनीक न होकर वाहनों को बूथ पर रोककर उनका प्रवेश दर्ज करने की व्यवस्था है। सभी बूथों पर कर्मचारी तैनात रहेंगे।

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एक अधिकारी ने बताया कि लोकार्पण के साथ ही पूरे एक्सप्रेसवे पर अभी सात पेट्रोल पंप और पांच फूड प्लाजा शुरू किए जा रहे हैं। हर 40 से 70 किलोमीटर पर अत्याधुनिक रेस्ट एरिया हैं जहां फूड प्लाजा, शौचालय, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, कैफेटेरिया, डारमेट्री और अन्य सुविधाएं होंगी। फिलहाल 175, 254, 377, 480 और 541 किमी प्वाइंट पर फूड प्लाजा शुरू हो जाएंगे।

मेरठ की तरफ से एक्सप्रेसवे के 72 किमी पर हसनपुर में और 120 किमी पर रेस्ट एरिया का निर्माण अभी किया जा रहा है। संचालनकर्ता एजेंसी आइआरबी इंफ्रा के अधिकारियों ने दावा किया कि दोनों स्थानों पर 30 अप्रैल से पेट्रोल पंप चालू हो जाएगा। शौचालय ब्लाक भी शुरू हो जाएंगे। सीएनजी और ईवी चार्चिंग स्टेशन के साथ फूड कोर्ट शुरू होने में थोड़ा वक्त लगेगा।

बिलग्राम से मल्लावां तक ऐसा रहा सफर

एक्सप्रेसवे के 329 किलोमीटर प्वाइंट पर हरदोई के बिलग्राम से चढ़ते ही आभास होने लगा कि इसे सुरक्षा, पर्यावरण और आरामदायक सफर के लिहाज से दूसरे एक्सप्रेसवे से अलग क्यों कहा जा रहा है। बिलग्राम से मल्लावां तक 25 किलोमीटर के सफर में कहीं भी झटके नहीं लगे। दुर्घटनाएं कम हों इसके लिए तीसरी लेन के बाद एक खास किस्म की रंबल स्ट्रिप लगाई गई है।

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इस पर जैसे ही हमारी गाड़ी चढ़ी, तेज कंपन हुआ। प्रत्येक दस किलोमीटर पर गति की निगरानी के लिए खास कैमरे लगे हैं, यदि कोई वाहन निर्धारित सीमा से अधिक गति से चलता पाया जाता है, तो स्वतः चालान हो जाएगा। डिवाइडर पर ग्रीन बेल्ट विकसित की जा रही है।

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