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6 घंटे में मेरठ से प्रयागराज पहुंचाने वाला गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा पूरब व पश्चिम के आर्थिक-सांस्कृतिक रिश्तों का सेतु

By Pradeep Diwedi Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 28 Apr 2026 01:06 PM (IST)

Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज की यात्रा को 6 घंटे में पूरा करेगा, जिससे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध मजबूत होंगे।

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HighLights

  1. यूपी के 12 जिले इस एक्सप्रेसवे से सीधे तौर जुड़ रहे हैं।

  2. धार्मिक पर्यटन व औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा।

प्रदीप द्विवेदी, मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे कुछ समय बाद यह पश्चिम में हरिद्वार और पूरब में वाराणसी होते हुए मिर्जापुर तक विस्तार पाएगा। यह न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करते हुए नया इतिहास लिखेगा। सड़कें आर्थिक और सांस्कृतिक परिवर्तन साथ लेकर चलती हैं।

आगरा, मथुरा के बाद अब काशी, प्रयाग, अयोध्या, गोरखपुर व मिर्जापुर पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे संस्कृति का आदान प्रदान होगा। पूर्वी उप्र व पश्चिम उप्र के जिलों के बीच पारिवारिक रिश्तों के बीच अब कनेक्टिविटी बाधा नहीं बनेगी।

सामाजिक संस्कृतियों का आदान प्रदान तेजी से होगा। एक-दूसरे के यहां आना-जाना आसान होने से किसी भी त्योहार, शादी या अन्य समारोह में सम्मिलित होना आसान हो जाएगा।

मेरठ 1857 की क्रांति का ऐतिहासिक शहर है जबकि प्रयागराज में तीन नदियों का संगम है। हाईकोर्ट भी प्रयागराज में होने की वजह से दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों की अच्छी खासी संख्या है। सफर बड़ा मुश्किल भरा है। ट्रेनें सिर्फ दो हैं- संगम और नौचंदी।

दोनों में सफर का समय लगभग 14 घंटे का है। रेलमार्ग से दूरी लगभग 650 किमी है। सड़क मार्ग से कोई सीधा रास्ता नहीं है, इसलिए गंगा एक्सप्रेसवे का अधिक उपयोग बढ़ेगा। इसमें समान गति से वाहन बिना बाधा के दौड़ सकेंगे, इसलिए वाहनों पर माइलेज भी अच्छा मिलेगा। पुराने मार्गों के टोल की तुलना में इसका टोल अधिक महंगा नहीं है।

सड़क मार्ग के पुराने विकल्प

पहला विकल्प : मेरठ-हापुड़ हाईवे से बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा, कन्नाैज, फतेहपुर, हंडिया होते हुए प्रयागराज जाएंगे।

  • दूरी : 655 किमी
  • समय : 11.30 घंटे
  • पेट्रोल खर्च : 5000 रुपये
  • टोल खर्च : 1000 रुपये

दूसरा विकल्प : मेरठ से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (एनई-थ्री) होते हुए ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर चले जाएंगे। यहां से फतेहपुर रामपुर टोल प्लाजा से बाहर निकलते हुए नीचे उतर लेंगे। फिर ग्रेटरनोएडा एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाएंगे। वहां से यमुना एक्सप्रेसवे और फिर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जाएंगे। यहां पर इटावा मैनपुरी टोल प्लाजा से बाहर निकलेंगे। इटावा न्यू बाईपास पुराना एनएच-दो, औरैया बाईपास, कानपुर रोड से रनिया और फिर कानपुर बाईपास-रामादेवी फ्लाईओवर होते हुए कानपुर-प्रयागराज हाईवे पहुंच जाते हैं।

  • दूरी : 710 किमी
  • समय : 10.45 मिनट
  • पेट्रोल खर्च : 6500 लगभग
  • टोल खर्च : 1300

तीसरा विकल्प

मेरठ-हापुड़ हाईवे से हाेते हुए गढ़मुक्तेश्वर की तरफ जाएंगे। गजरौला, ब्रजघाट पार करके आगे बढ़कर मुरादाबाद बाईपास पुराना एनएच-24 से आगे बढ़ते जाएंगे। रामपुर बाईपास, मिलक बाईपास, बरेली बाईपास, फरीदपुर बाईपास, तिलहर बाईपास, शाहजहांपुर बाईपास, सीतापुर-शाहजहांपुर रोड, माहोली बाईपास, सीतापुर बाईपास, लखनऊ-सीतापुर रोड से आगे बढ़ते हुए लखनऊ में रिंग राेड के सहारे अयोध्या मार्ग पर जाएंगे। वहां से शहीद पथ का उपयोग करते हुए रायबरेली रोड पर चले जाएंगे। वहां से होते हुए प्रयागराज चले जाएंगे।

  • दूरी : 700 किमी
  • समय : 12 घंटे
  • पेट्रोल खर्च : 6500 रुपये
  • टोल : 1100 रुपये

नया विकल्प : गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज

-मेरठ-हापुड़ हाईवे स्थित बिजौली से गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत होती है। यह सीधे प्रयागराज जाता है। इस पर कोई कट नहीं है, इसलिए तेज गति बनाए रख सकेंगे। मेरठ से हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ की सीमा से होते हुए प्रयागराज बाईपास तक जाता है।

  • दूरी : 594 किमी
  • समय : 6 घंटे
  • टोल : 1500 रुपये
  • पेट्रोल खर्च : 3500 से 4000

ये होंगे सामाजिक-सांस्कृतिक लाभ

  • -गढ़मुक्तेश्वर, कल्किधाम, बेल्हादेवी, चंद्रिका शक्ति पीठ व त्रिवेणी संगम की यात्रा आसान होगी। प्रयागराज की तरफ के लोगों के लिए हरिद्वार व ऋषिकेश यात्रा आसान हो जाएगी।
  • -इससे धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा।
  • -लगभग आठ करोड़ से अधिक लोगों को इससे लाभ पहुंचेगा।

ये होगा आर्थिक लाभ

  • -औद्योगिक उत्पाद व कच्चा माल की उपलब्धता आसान हो जाएगी।
  • -कुशल-अकुशल श्रमिकों के आने-जाने की समस्या कम हो जाएगी।
  • -औद्योगिक हब से जुड़ा होने के कारण रोजगार व माल परिवहन का मार्ग बन जाएगा।
  • -यहां पर टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा।

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