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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

थूक लगाकर फल बेच रहे तीन को लोगों ने जमकर पीटा फिर किया पुलिस के हवाले Meerut News

By Taruna TayalEdited By:
Published: Sun, 05 Apr 2020 11:29 AM (IST)

मेरठ में तीन पर नामजद किया गया जो फलों पर थूक लगाकर बेंच रहे थे। साथ ही एक अन्‍य मामले ...और पढ़ें

थूक लगाकर फल बेच रहे तीन को लोगों ने जमकर पीटा फिर किया पुलिस के हवाले Meerut News
थूक लगाकर फल बेच रहे तीन को लोगों ने जमकर पीटा फिर किया पुलिस के हवाले Meerut News

मेरठ, जेएनएन। दिल्ली रोड स्थित गुरुनानक नगर में थूक लगाकर फल बेचने पर भीड़ ने तीन युवकों को जमकर पीटा। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, दूसरी घटना में नवीन मंडी में जबरन घुसने से रोकने पर दो युवकों ने गार्ड को पीट डाला और उस पर थूक दिया। पुलिस ने पांचों आरोपितों के खिलाफ संक्रमण फैलाने का मुकदमा दर्ज किया है।

जमकर पीटा 

टीपीनगर थाना क्षेत्र के गुरुनानक नगर में शनिवार सुबह तीन युवक ठेले पर फल बेच रहे थे। आरोप है कि वह फलों पर थूक लगा रहे थे। उनकी यह हरकत कॉलोनी के लोगों ने देखी तो तीनों को पकड़ लिया और जमकर पिटाई की। पुलिस का कहना है कि आरोपित युवक रेलवे रोड थानाक्षेत्र के केसरगंज निवासी सादिक, इमरान और गोरा हैं। तीनों के खिलाफ संक्रमण फैलाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसएसआइ संजय शर्मा ने बताया कि तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

गार्ड के उपर थूका 

उधर, नवीन मंडी में सुबह गेट नंबर दो पर गार्ड राजकिशोर की ड्यूटी थी। करीब 11.30 बजे दो युवक मंडी में जबरन घुसने लगे। गार्ड ने रोका तो कहासुनी हो गई। आरोप है कि युवकों ने गार्ड की पिटाई कर दी और उस पर थूक भी दिया। आसपास के लोग एकत्र हो गए और आरोपितों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ संक्रमण फैलाने और मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपितों की पहचान परतापुर थाने के ततीना गांव निवासी फरहान और हापुड़ निवासी आलम के रूप में हुई।

धारा 269, 270 और 188 में मुकदमा

आरोपितों के खिलाफ धारा 269, 270 और 188 में मुकदमा दर्ज हुआ है। नवीन मंडी प्रकरण में आरोपितों पर मारपीट की धारा भी लगाई है। धारा 269 में जब कोई व्यक्ति कानून के खिलाफ जाकर या नियमों की अवहेलना कर ऐसा काम करे, जिससे किसी संक्रमण या बीमारी से जनता के जीवन के लिए संकट खड़ा हो। इसमें छह महीने तक की जेल या एक हजार रुपये जुर्माने की सजा हो सकती है। दोनों दंड भी दिए जा सकते हैं। वहीं, धारा 270 में दो साल तक सजा हो सकती है। धारा 188 धारा 144 का उल्लंघन है। इसमें छह माह की सजा और एक हजार रुपये तक जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं।