मेरठ का 160 वर्ष पुराना सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर, दो दशक से जल रही अखंड ज्योति, पूरी होती है हर मनोकामना
Hanuman Jayanti 2023 40 दिनों तक हनुमान मंदिर में दीपक जलाकर हाजिरी लगाने वाले की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस मंदिर में पिछले दो दशकों से अखंड ज्योति जल रही है। हनुमान जयंती पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

मेरठ, जागरण टीम। Hanuman Jayanti 2023: मेरठ में बुढ़ाना गेट स्थित सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। शहर के बीचों बीच स्थित यह मंदिर 160 वर्ष पुराना है। इस मंदिर की महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां पर हनुमान जी के दर्शन 24 घंटे किए जा सकते हैं। देर रात भी बाहर भक्त दर्शन करते हैं।
दोनों बाल ब्रह्मचारी थे
इस मंदिर के प्रबंधन से जुड़े डा. गौरव पाठक ने बताया कि शिव धन और उनके भाई छोटे लाल ने हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की थी। वह दोनों बाल ब्रह्मचारी थे। उस समय मूर्ति 15 फुट की उंचाई पर थी। श्रद्धालु यहां से बुढ़ाना के लिए तांगे से जाते थे और यहां पर गेट हुआ करता था, इसीलिए इसे बुढ़ाना गेट कहते हैं। दोनों भाई अखाड़े का संचालन करते थे।
ऐसे संभाली मंदिर की जिम्मेदारी
यहां दंगल का आयोजन होता था, जिसमें आसपास के पहलवान भाग लेते थे। मंदिर में राहगीरों के लिए प्याऊ भी थी। वृद्धा अवस्था में देखरेख के लिए दोनों भाइयों ने अपने भांजे को प्रयागराज से बुलाया था। वह 1935 में आए थे। 1985 तक उन्होंने मंदिर की जिम्मेदारी संभाली। उनके बाद उनकी बेटी कृष्णा पाठक और अनिल पाठक के कंधों पर यह जिम्मेदारी रही। वर्ष 2015 में मंदिर में व्यापक जीर्णोद़धार हुआ है। प्रथम तल पर राधा कृष्ण की चांदी निर्मित मूर्तियां स्थापित की गई हैं।
मंदिर की ये है मान्यता
मंदिर में पिछले 21 वर्षों से अखंड ज्योति जल रही है। इस मंदिर की मान्यता है कि अगर 40 दिनों तक अगर हनुमान जी के समक्ष दीपक जलाया जाए तो उसकी मान्यता पूरी होती है। यहां पर पवनसुत को चोला चढ़ाने की परंपरा है। हर मंगलवार को यहां पर सैकड़ों की संख्या में चोला चढ़ता है। यहां पर दूर-दूर से भक्त आते हैं। सैकड़ों भक्त ऐसे हैं जो नियमित रूप से बाबा के चरणों में हाजिरी लगाते हैं। हनुमान जी के प्रकाट्य दिवस पर यहां पर यहां पर विशेष आयोजन होता है। इस बार भी हनुमान जन्मोत्सव पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
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