मेरठ, जेएनएन। लुधियाना के अंकुजा आनंद नगर की रहने वाली एकता लव जिहाद में मारी गई। शाकिब से अमन बनकर हत्यारोपित ने उसे प्रेमजाल में फंसाया। करीब छह महीने प्यार का नाटक किया। उसके बाद दौराला के लोइया गांव में लाकर स्वजनों के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस अब शाकिब की हिस्ट्री तलाश रही है। माना जा रहा है कि वह तांत्रिक क्रिया के चक्कर में युवतियों को डराकर पहले भी प्रेमजाल में फंसा चुका है। सीमा ने बताया कि उनकी बेटी एकता का हाथ मांगने जब उनके घर पर गया था। तब भी शाकिब ने हाथ में कलावा बांध रखा था।

लोइया गांव से शाकिब चार साल पहले लुधियाना चला गया था। वहां दिलशाद के पास रहकर तांत्रिक क्रिया करने लगा। तभी लुधियाना के बी-34 अंकुजा आनंद नगर में रहने वाली एकता की मुलाकात शाकिब से हुई। एकता बीकॉम की पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाइम जॉब भी करती थी। अचानक ही बीमार होने की वजह से वह तांत्रिक दिलशाद के पास गई थी। वहां शाकिब ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। शाकिब ने खुद का नाम अमन बताया था। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि मामला लव जिहाद का होने की आशंका जाहिर करते हुए शाकिब की पूरी हिस्ट्री खंगाली जा रही है। शाकिब पहले भी धर्म बदलकर अन्य लड़कियों को अपने प्रेमजाल में फंसा चुका है। दिलशाद से मनमुटाव होने के बाद शाकिब ने पहले करनाल में खुद की दुकान खोली। उसके बाद एकता को नौकरी का झांसा देकर अपने पास बुलाया। करीब तीन माह तक एकता उसके साथ करनाल में रही। उसके बाद एकता के घर से 15 लाख की ज्वेलरी लाने के लिए कहा गया। ज्वेलरी लेकर आई तो उसे शादी का झांसा देकर अपने गांव लोइया ले आया। यहां पर एकता को उसकी हकीकत पता चली तो उसने साथ रहने से इन्कार कर दिया था। तभी 15 लाख की ज्वेलरी हाथ से निकलती देख शाकिब ने स्वजनों के साथ एकता की नृशंस हत्या कर दी।

शाकिब उपचाराधीन, स्वजन गए जेल

शाकिब के पैर में चार गोली लगने के बाद पुलिस उसका अस्पताल में उपचार करा रही है, जबकि उसकी दोनों भाभी रेशमा और इस्मत को जिला जेल भेज दिया गया। मुसर्रत, अयान और मुस्तकीम को अस्थाई जेल में भेजा गया। उनके क्वारंटाइन का समय पूरा होने के बाद जिला जेल भेजा जाएगा।

ये था मामला

13 मई 2019 को शाकिब एकता को अपने साथ करनाल से गांव लोइया लेकर आया, जहां पर उससे शादी की। उसके बाद स्वजनों की मदद से कोल्ड ङ्क्षड्रक में नशीली गोली डालकर पिला दी। भाई मुसर्रत, पिता मुस्तकीम, भाभी रेशमा पत्नी नवेद, इस्मत पत्नी मुसर्रत एवं गांव के साथी अयान के साथ गांव के जंगल में लेकर आ गए। रेशमा ने एकता के सभी कपड़े उतार दिए। इसके बाद सभी ने मिलकर बलकटी से उसके हाथ, पैर और सिर अलग-अलग कर दिए। धड़ को गन्ने के खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया। हाथ, पैर और सिर को गांव के तालाब में फेंक दिए। लॉकडाउन होने पर शाकिब घर लौटा और एक दिन नशे में दोस्तों को सारी बात बताई जो पुलिस तक पहुंच गई। गत मंगलवार को एसएसपी अजय साहनी ने प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का राजफाश किया। दौराला थाने ले जाते समय शाकिब ने सिपाही की पिस्टल छीन ली और फायङ्क्षरग करता हुआ फरार हो गया। बाद में पुलिस से हुई मुठभेड़ में शाकिब गोली लगने से घायल हो गया।

Posted By: Taruna Tayal

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस