Delhi Meerut Rapid Rail: गुजरात में शुरू हुआ रैपिड रेल के ट्रेनों का निर्माण, एक साथ तैयार होगीं बेहतरीन डिजाइनिंग की 40 ट्रेनें
रैपिड रेल ट्रेन के पूरे बेड़े का निर्माण में 80 फीसद से अधिक स्थानीय सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। गुजरात में 40 ट्रेनों (छह कोच की आरआरटीएस ट्रेन के लिए 30 ट्रेनसेट और एमआरटीएस ट्रेन के लिए 3 कोच वाली 10 ट्रेनसेट) का निर्माण किया जा रहा है।

मेरठ, जागरण संवाददाता। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल कारिडोर के लिए आधुनिक ट्रेनों का निर्माण एनसीआरटीसी ने सावली गुजरात में शुरू कर दि गया है। ये ट्रेनें अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगी। इनमें आरामदायक सफर का यात्री अनुभव करेंगे।
ऐसे हो रहा निर्माण
रैपिड रेल ट्रेन के पूरे बेड़े का निर्माण में 80 फीसद से अधिक स्थानीय सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। गुजरात के सावली में बाम्बार्डियर (अब अल्सटाम) संयंत्र में 40 ट्रेनों (छह कोच की आरआरटीएस ट्रेन के लिए 30 ट्रेनसेट और एमआरटीएस ट्रेन के लिए 3 कोच वाली 10 ट्रेनसेट) का निर्माण किया जा रहा है। आरआरटीएस ट्रेन का पहला लुक सितंबर 2020 में अनावरण किया गया था।
बेहतरीन डिजाइनिंग
हैदराबाद में अल्सटाम के ग्लोबल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर में ट्रेनसेट के डिजाइन को अंतिम रूप दिया गया है। गुजरात के मानेजा में ट्रेनों की प्रणोदन प्रणाली विकसित की गई है। एर्गोनोमिक सीटिंग और बेहतर राइडिंग कंफर्ट वाली 3.2 मीटर चौड़ी ट्रेनों में अतिरिक्त बैठने और खड़े होने की जगह को डिजाइन किया गया है। 180 किमी प्रति घंटे की गति के हिसाब से ट्रेन को डिजाइन किया गया है। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने कहा कि आरआरटीएस राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खतरनाक वायु प्रदूषण, गंभीर भीड़भाड़ और असहनीय शहरी फैलाव को स्थायी रूप से कम करेगा।
ये होंगी विशेषताएं
- हवा के घर्षण को कम करने के लिए ट्रेन में स्वचालित प्लग इन प्रकार के स्लाइडिंग दरवाजे होंगे।
- ओवरहेड लगेज रैक उपलब्ध होंगे। यात्रियों के खड़े होने के लिए ग्रैब हैंडल होंगे।
- मोबाइल लैपटाप चार्जिंग साकेट, वाई-फाई जैसी सुविधा होगी।
- प्रत्येक ट्रेन में एक कोच महिला यात्रियों के लिए आरक्षित होगा।
- ट्रेन में चुनिंदा दरवाजे खोलने के लिए पुश बटन होंगे।
- एलइडी लाइटिंग और तापमान नियंत्रण प्रणाली होगी।
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