Delhi-Meerut Expressway पर सफर हुआ महंगा, काशी टोल प्लाजा पार करने को फास्टैग या UPI से पेमेंट जरूरी
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 1 अप्रैल से यात्रा महंगी होने जा रही है। मंगलवार को मध्य रात्रि से टोल दरों में वृद्धि होगी। काशी टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस होगा।

HighLights
काशी टोल प्लाजा कैशलेस हाेने से फास्टैग या UPI से होगा भुगतान, नकद टोल पार करना संभव नहीं।
काशी टोल प्लाजा से डासना के बीच नए हाईटेक कैमरे व व्हीकल स्पीड डिटेक्शन सिस्टम स्थापित।
जागरण संवाददाता, मेरठ। एक्सप्रेस वे और राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल की नई दरें मंगलवार रात 12 बजे से लागू हो जाएंगी। इससे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी एक अप्रैल से सफर महंगा हो गया है। टोल दरों में पांच प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है।
यह होंगी नई दरें
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार के पत्र का हवाला देते हुए काशी टोल के मैनेजर सुनील ने बताया कि नई दरों के बारे में जानकारी दी।
कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों से अब 170 रुपये के बजाय 175 रुपये। 24 घंटे में वापस लौटने पर 255 रुपये की जगह 265 रुपये देने होंगे। कांशी टोल प्लाजा से मेरठ से दिल्ली तक चलने वाली मिनी बसों से 275 रुपये के स्थान पर 285 रुपये लिए जाएंगे। 24 घंटे में वापसी पर यह दर 415 रुपये से बढ़कर 425 रुपये हैं।
बस या ट्रक के लिए 580 रुपये की जगह 595 रुपये और 24 घंटे में वापसी पर 870 रुपये की जगह 890 रुपये टोल लगेगा। ट्रक मल्टी एक्सल और दो एक्सल वाली गाड़ियों के लिए भी टोल बढ़ाया गया है। अब 630 रुपये के स्थान पर 645 रुपये, 905 रुपये के स्थान पर 930 रुपये और 1105 रुपये के स्थान पर 1130 रुपये लिए जाएंगे। 24 घंटे में टोल प्लाजा से आना-जाना करने पर 970 रुपये, 1395 रुपये और 1700 रुपये टोल वसूला जाएगा।
फास्टैग सक्रिय न होने पर एंड्रायड मोबाइल फोन रखना जरूरी
काशी टोल प्लाजा एक अप्रैल से पूरी तरह कैशलेस हो जाएगा। वाहन स्वामियों को फास्टैग सक्रिय रखते हुए टोल टैक्स चुकाना होगा या फिर टोल बूथ पर बार कोड से यूपीआइ के माध्यम से टोल टैक्स चुकाना होगा। इसके लिए वाहन चालकों को एंड्रायड मोबाइल फोन रखना मजबूरी होगा। नकद या अन्य स्थित में टोल पार करना संभव नहीं होगा।
हाई-स्पीड कैमरे और आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम का उपयोग
मेरठ एक्सप्रेसवे पर नई व्यवस्था में हाई-स्पीड कैमरे और आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। कैमरे वाहन के नंबर प्लेट और फास्टैग को स्कैन करके स्वतः भुगतान काट लेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम और ईंधन की खपत भी कम होगी। एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए एटीएमएस रिफर्बिशमेंट प्रोजेक्ट के तहत काशी टोल प्लाजा से डासना के बीच उन्नत ट्रैफिक पोस्ट, नए हाईटेक कैमरे और व्हीकल स्पीड डिटेक्शन सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं।
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प्रत्येक 500 मीटर एक सीसीटीवी कैमरा लगाया
प्रत्येक 500 मीटर एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। काशी टोल प्लाजा पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। डिवाइडर के बीच हर 20 मीटर पर बिजली के पोल लगाए जा रहे हैं, जिन पर सोलर पैनल और एलईडी लाइटें लगाई जा रही है। इससे रात के समय पूरा एक्सप्रेसवे दूधिया रोशनी से जगमग रहेगा। काशी टोल प्लाजा पर स्थापित होने वाली ट्रैफिक पोस्ट पर यातायात पुलिस के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ भी तैनात होगा।
