Ganga Expressway: स्विट्जरलैंड की कंपनी की जांच रिपोर्ट में गंगा एक्सप्रेसवे का रिजल्ट 'एक्सीलेंट'
Ganga Expressway : गंगा एक्सप्रेसवे की विश्वस्तरीय गुणवत्ता और आराम सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक स्विस तकनीक का उपयोग किया ...और पढ़ें

जांच रिपोर्ट में गंगा एक्सप्रेसवे का रिजल्ट 'एक्सीलेंट'
HighLights
स्विस आरटीडीटी सॉफ्टवेयर और AI से गुणवत्ता जांच।
मेरठ से बदायूं तक 129 किलोमीटर की सड़क जांची।
प्रमोद त्यागी, खरखौदा (मेरठ)। गंगा एक्सप्रेसवे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए स्विस बेस्ड अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है। गंगा एक्सप्रेसवे की राइडिंग क्वालिटी और कम्फर्ट को सुनिश्चित करने के लिए स्विस तकनीक का उपयोग किया गया है।
इसके लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी आरटीडीटी के साफ्टवेयर खरीद कर एक इनोवा गाड़ी में लगाए गए। उन्हें एआई से जोड़ा गया है। स्विट्जरलैंड की कंपनी के साफ्टवेयर लगी इनोवा गाड़ी ने 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से मेरठ के बिजौली से लेकर बदायूं तक गंगा एक्सप्रेस वे की गुणवत्ता की जांच की। इसकी रिपोर्ट में गंगा एक्सप्रेसवे का परिणाम एक्सीलेंट आया है।
यूपीडा के नोडल अधिकारी मोहित पाठक ने बताया कि इसके तहत इनोवा गाड़ी वायब्रेशन टेक्नोलाजी और सेवन एक्सेलेरोमीटर सेंसर (फार क्वालिटी और तीन कम्फर्ट से लैस सभी छह लेन की जांच की गई है। यह वाहन रोड की सतह, कम्फर्ट लेवल और उतार-चढ़ाव का डाटा एकत्र करता है।
इस डाटा को एआइ साफ्टवेयर के माध्यम से चेक किया जाता है। इसमें चार परिणाम आते हैं। जिसमें एक्सीलेंट, गुड, एक्सपटल और पुअर आता है। इस तकनीक से यह तुरंत पता चल जाता है कि सड़क का कौन सा हिस्सा मानकों पर खरा नहीं उतर रहा।
निर्माण के दौरान ही इन कमियों को सुधारने से लेकर बाद में मेंटेनेंस की लागत और चुनौतियां कम होंगी। गंगा एक्सप्रेसवे पर स्विस तकनीक के जरिए निर्माण के दौरान ही रोड की क्वालिटी और कम्फर्ट की निगरानी हो रही है।
मेरठ के बिजौली से बदायूं तक की दूरी करीब 129 किलोमीटर है। वाहन में लगे साफ्टवेयर से एक्सप्रेसवे के मनकों की जांच की गई है। जिसकी रिपोर्ट एक्सीलेंट और गुड श्रेणी में आई है।
रविवार को अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार ने इनोवा गाड़ी और स्विट्जरलैंड की कंपनी के लगे साफ्टवेयर की जांच की। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे के मानक की रिपोर्ट देखकर खुशी जाहिर की।
इन्होंने कहा
विभाग द्वारा स्विटजरलैंड की कंपनी आरटीडीटी के साफ्टवेयर इनोवा गाड़ी में लगाकर एआइ के द्वारा 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से एक्सप्रेसवे के मानक की जांच की गई है। जिसमें रिपोर्ट के परिणाम एक्सीलेंट और गुड स्थिति में आए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण विश्व स्तरीय कराया गया है।
-मोहित पाठक, नोडल अधिकारी यूपीडा।
