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    Delhi-Doon Highway पर रोज गुजरते हैं 42 हजार वाहन, आपका भी यही है रूट तो जरा सी चूक बन सकती है जान का खतरा

    Delhi-Doon Highway दिल्ली-दून हाईवे पर अव्यवस्था का बोलबाला है। अवैध कट विपरीत दिशा में चलने वाले वाहन और खराब फॉग लाइट्स राहगीरों की जान के लिए खतरा बन गए हैं। हाईवे पर लगे कैमरे और डिस्प्ले बोर्ड महज दिखावा बनकर रह गए हैं। प्रशासन की कार्रवाई भी नाकाफी साबित हो रही है। इस रिपोर्ट में हम आपको दिल्ली-दून हाईवे की जमीनी हकीकत से रूबरू कराएंगे।

    By Sanjeev Kumar Edited By: Nirmala Bohra Updated: Thu, 09 Jan 2025 01:47 PM (IST)
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    Delhi-Doon Highway: 42 हजार वाहन हर 24 घंटे में दिल्ली-देहरादून हाईवे से रोज गुजरते हैं। जागरण

    संजीव तोमर, जागरण मोदीपुरम । Delhi-Doon Highway:सड़क सुरक्षा को लेकर हर साल प्रयास किए जाते हैं... लेकिन हकीकत इससे परे है। अवैध कट, विपरीत दिशा में फर्राटा भरते वाहन राहगीरों की जिंदगी लील रहे हैं। दिल्ली-दून हाईवे पर संकेतक हैं और सफेद व येलो पट्टी भी, पर फाग लाइट बंद हैं। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट भी खराब हैं।

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    कोहरा छाने लगा है। घने कोहरे में चालक इंडीकेटर व अनुमान के सहारे वाहन चलाते हैं। ऐसे में अंधेरे में उन्हें सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं हो पाता... अवैध कट और ब्लैक स्पाट हादसे के खतरे को और बढ़ाते हैं। हाईवे पर मेरठ की सीमा में परतापुर तिराहे से सकौती-दादरी तक करीब 25 प्वाइंट ऐसे हैं, जहां हर पल हादसा होने का डर बना रहता है।

    सिर्फ दिखावे के लिए कैमरे, डिस्‍प्‍ले बोर्ड और फाग लाइट

    हाईवे पर कैमरे भी हैं, डिस्प्ले बोर्ड भी हैं और फाग लाइट भी हैं, लेकिन यह सब सिर्फ दिखावे के लिए हैं। हाईवे पर अतिक्रमण समस्या को और गंभीर बना रहा है। ऐसा नहीं है कि प्रशासन के संज्ञान में मामला नहीं है। कभी-कभी दिखाने के लिए कार्रवाई भी की जाती है।

    वेस्टर्न यूपी टोलवे कंपनी ने यातायात पुलिस द्वारा चिह्नित किए 30 अवैध कटों पर मेडल बीम (लोहे की ग्रिल) लगाने के साथ टूटे डिवाइडर की मरम्मत भी कराई, लेकिन स्थानीय लोगों ने शार्टकट के लिए अलग स्थानों पर करीब 25 स्थानों पर फिर अवैध कट बना दिए। पुलिस सबकुछ जानकर भी अंजान है। मंगलवार को दिल्ली-दून हाईवे पर पड़ताल में हर जगह अव्यवस्था नजर आई।

    सकौती से परतापुर तिराहे तक 25 से अधिक अवैध कट

    मेरठ सीमा में दौराला थाना क्षेत्र में सकौती से लेकर परतापुर तिराहे तक 25 से अधिक अवैध कट बने हुए हैं। इनमें सकौती, रूहासा, वलीदपुर, नंगलीतीर्थ गेट के पास, मटौर, दौराला थाने के सामने, सिवाया, मेरठ वन कालोनी के सामने, पल्लवपुरम फेज-दो, फेज-एक के सामने, हाईवे चौकी के पास, कैलाशी अस्पताल के पास, दायमपुर कट, शोभापुर के सामने, वेंकटेश्वरा कालेज कट, खिर्वा और कंकरखेड़ा फ्लाईओवर के बीच में कट, डाबका कट, खड़ौली, सुभारती व आरएएफ मोड़ से आगे तक अवैध कट हैं।

    10 से अधिक ब्लैक स्पाट

    दिल्ली-दून हाईवे 58 पर दस से अधिक ऐसे ब्लैक स्पाट हैं... जहां हादसा हुआ तो जान बचनी बेहद मुश्किल है। इन ब्लैक स्पाट में सकौती, रूहासा कट, नंगलीतीर्थ मोड़, वलीदपुर गांव, मटौर, सिवाया, पल्लवपुरम फेज-दो के सामने, मेरठ वन कालोनी के सामने, वेंकटेश्वरा कालेज कट, खिर्वा और कंकरखेड़ा फ्लाईओवर के बीच में कट, कैलाशी अस्पताल के पास, दायमपुर और डाबका कट, खड़ौली प्वाइंट मुख्य रूप से शामिल हैं।

    शोपीस हैं कैमरे, डिस्पले बोर्ड और फाग लाइट

    एनएचएआइ ने करीब छह माह पूर्व परतापुर तिराहे से लेकर रामपुर तिराहे तक 20 जीआइडीएस कैमरे, 12 पीटीजेड कैमरे, 5 बीएनएस कैमरे, 6 वीएडीएस व दो एटीसीसी कैमरे लगवाए। इसके अलावा हाईस्पीड कैमरे, स्पीड डिस्पले बोर्ड, व्हीकल मैसेज साइन बोर्ड, पिन प्वाइंट जूम, आटोमैटिक क्लासीफाइड काउंटिंग और फाग लाइट जैसे उपकरण भी लगवाए थे। कैमरे और डिस्प्ले बोर्ड शोपीस बने हैं, जबकि कई फाग लाइट खराब हैं।

    तीन महीने में दिल्ली-दून हाईवे पर हुए सड़क हादसे

    • करीब ढाई महीने पहले दौराला थाने के सामने दो सड़क हादसों में चार राहगीर घायल हुए।
    • सकौती में दो महीने के भीतर पांच सड़क हादसे हुए, जिनमें दस राहगीर जख्मी हुए थे।
    • कंकरखेड़ा में सरधना और खिर्वा फ्लाईओवर के बीच में 16 नवंबर की रात हादसे में चार युवक घायल हो गए थे।
    • कंकखेड़ा में हाईवे और सरधना रोड पर तीन सड़क हादसों में दंपती समेत पांच घायल हुए।
    • ढाई महीने पूर्व जिटौली निवासी बाइक सवार पिता-पुत्री को शोभापुर के पास ट्रक ने कुचला, दोनों की मौत हो गई थी।
    • कंकरखेड़ा क्षेत्र में 14 नवंबर को कार की टक्कर से स्कूटी सवार दो दोस्त घायल हो गए थे।
    • खड़ौली के पास 28 दिसंबर को सड़क पार कर रहे हेल्पर की हादसे में मौत।
    • पल्लवपुरम फेज-वन के सामने 6 जनवरी को टेंपो से उतरते ही युवक सड़क हादसे में घायल हुआ।

    परतापुर और मुजफ्फरनगर की ओर वाले कैमरे चालू हैं। जहां रैपिड का कार्य चल रहा है, वहां के बंद हैं। एक सप्ताह में सभी कैमरे व डिस्पले चालू हो जाएंगे। धूप न निकलने की वजह से बैटरी चार्ज नहीं हुई, जिस वजह से कुछ फाग लाइट बंद हैं। नई बैटरी लगाई जा रही है। मेरठ सीमा में सिर्फ एक अवैध कट हैं, बाकी बंद कर दिए हैं। लोगों ने जगह-जगह डिवाइडर तोड़कर कट बना दिए थे, जिन्हें बंद कर दिया गया था, लेकिन फिर नई जगह कट बना दिए गए। - ब्रिजेश सिंह, प्रबंधक मेंटीनेंस, सिवाया टोल प्लाजा

    पिछले एक साल से गति पर नियंत्रण के लिए एनएचएआइ कैमरा चालू कराने की बात कर रहा है पर अभी तक ऐसा नहीं हो पाया। 22 से अधिक अवैध कट बंद कराने के लिए कई बार एनएचएआइ के परियोजना प्रबंधक को कहा गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब एनएचएआइ के उच्चाधिकारियों से इस बाबत बातचीत की जाएगी। - राघवेन्द्र मिश्रा, एसपी यातायात