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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP Politics: पूर्व मंत्री अवध पाल सिंह यादव को तगड़ा झटका, भ्रष्टाचार का मुकदमा चलेगा, निरस्त हुई अंतिम रिपोर्ट

Published: Wed, 04 Sep 2024 07:43 AM (IST)

Awadhapal Singh Yadav News In Hindi बसपा सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री रहे अवध पाल सिंह यादव के ...और पढ़ें

पूर्व मंत्री अवध पाल सिंह पर चलेगा भ्रष्टाचार का मुकदमा।
पूर्व मंत्री अवध पाल सिंह पर चलेगा भ्रष्टाचार का मुकदमा।

HighLights

  1. न्यायालय से गैर जमानती वारंट सात मार्च 2020 को जारी किए, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी
  2. अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2024 को होगी

जागरण संवाददाता, मेरठ। बसपा सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे अवधपाल सिंह यादव के खिलाफ अब भ्रष्टाचार का मुकदमा चलेगा। अवधपाल के पक्ष में पुलिस की ओर से पेश की गई अंतिम रिपोर्ट को न्यायालय ने मंगलवार को निरस्त कर दिया।

विजिलेंस आगरा के निरीक्षक अभय सिंह ने एक प्रार्थना पत्र न्यायालय में मुकदमा दर्ज किए जाने को दिया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के अधिवक्ता डा. सुबोध यादव की शिकायत पर लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने इस मामले की जांच के आदेश शासन को दिए थे। इसमें आरोप लगाया गया था कि अवधपाल ने पद का दुरुपयोग कर अपने बेटे ठेकेदार रणजीत सिंह यादव को लाभ पहुंचाया। उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्णय विभाग ने लिया।

तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक ने दी थी अनुमति

विवेचना के बाद तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक ने 23 फरवरी 2018 को अवधपाल के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई (अभियोजन) की अनुमति दी थी। जांच में सामने आया था कि अवधपाल ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश में 16 स्थान पर नए पशु चिकित्सालय की स्थापना की। इसमें उनके पुत्र रणजीत को निर्माण का कार्य दिया गया। निर्माण में प्रयोग सामग्री घटिया थी। 25 लाख 81 हजार 959 रुपये का भुगतान रणजीत को किया गया था।

गैर जमानती वारंट भी हुए थे जारी

अवधपाल पर पद का दुरुपयोग कर बेटे को भुगतान कराने का आरोप लगा। अभियोजन की स्वीकृति के बाद न्यायालय से गैर जमानती वारंट सात मार्च 2020 को जारी किए थे, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो पाई। न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक डा. संजीव कुमार गुप्ता ने विभाग का पक्ष रखा। इस पर न्यायालय ने सख्त टिप्पणी करते हुए इस मामले को गंभीर माना। कहा, राज्यपाल की अनुमति, भ्रष्टाचार व पद के दुरुपयोग के मौखिक व लिखित पर्याप्त साक्ष्य, एफआईआर, गैर जमानती वारंट होने के बाद अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश की गई।

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अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2024 को

आरोपित मंत्री व उसका बेटा न्यायालय में पेश नहीं हुआ। न्यायालय में पेश केस डायरी में अभियुक्तों के अपराध किए जाने के पर्याप्त साक्ष्य है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रमोद कुमार गंगवार की अदालत ने विवेचक निरीक्षक की अंतिम रिपोर्ट को निरस्त कर अवधपाल सिंह यादव के विरुद्ध दर्ज मुकदमे का संज्ञान लेते हुए उन्हें न्यायालय में तलब करने का समन जारी किया है। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2024 को होगी।