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CCSU के छात्रों को मिलेगा ब्रिटेन में पढ़ाई का मौका, आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्राथमिकता

By Amit Tiwari Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 28 Oct 2026 07:27 PM (IST)

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने ब्रिटिश काउंसिल के साथ SCOUT कार्यक्रम के तहत समझौता किया है, जिससे विद्यार्थियों को ब्रिटेन ...और पढ़ें

सीसीएसयू में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह में फाइल साझा करते ब्रिटिश काउंसिल के भारत के क्षेत्रीय निदेशक शैनन वेस्ट और कुलपति। साथ में दोनों ओर के अन्य अधिकारी। सौ. सीसीएसयू

सीसीएसयू में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह में फाइल साझा करते ब्रिटिश काउंसिल के भारत के क्षेत्रीय निदेशक शैनन वेस्ट और कुलपति। साथ में दोनों ओर के अन्य अधिकारी। सौ. सीसीएसयू

HighLights

  1. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का ब्रिटिश काउंसिल के साथ हुआ समझौता।

  2. छात्रों को नेतृत्व, शोध और संचार कौशल विकसित करने का मिलेगा अवसर।

जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के विद्यार्थियों को ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों में अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय ने बुधवार को ब्रिटिश काउंसिल के साथ एससीओयूटी (स्कालर्स फार आउटस्टैंडिंग अंडरग्रेजुएट टैलेंट आन सब्जेक्ट स्पेसिफिक स्किल्स) कार्यक्रम के तहत समझौता किया।

इसके तहत चयनित स्नातक विद्यार्थियों को ब्रिटेन में दो सप्ताह तक अध्ययन, शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का मौका मिलेगा। सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

एससीओयूटी कार्यक्रम के तहत सीधे ब्रिटिश काउंसिल के साथ परिचालन समझौता करने वाला सीसीएसयू इस क्षेत्र का पहला विश्वविद्यालय है। कार्यक्रम में विद्यार्थी विदेशी शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और आधुनिक शिक्षण व शोध पद्धतियों से परिचित होंगे। नेतृत्व क्षमता, शैक्षणिक एवं शोध कौशल और प्रभावी संचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सतत विकास, नवाचार और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े विषय भी प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे।

कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना चाहता है। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और शोध दृष्टि, नेतृत्व क्षमता तथा रोजगारपरक कौशल विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों में बाधा नहीं बननी चाहिए।

ब्रिटिश काउंसिल की ओर से भारत के उपनिदेशक एवं उत्तर भारत के क्षेत्रीय निदेशक शैनन वेस्ट ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने भारत और ब्रिटेन के बीच उच्च शिक्षा सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय अनुभव विद्यार्थियों का दृष्टिकोण व्यापक करने के साथ शोध, भाषा और नेतृत्व कौशल को मजबूत करता है तथा विभिन्न संस्कृतियों को समझने का अवसर देता है।

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एससीओयूटी के नोडल अधिकारी प्रो. दिनेश सी. शर्मा ने इसे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और वैश्विक दृष्टिकोण के विकास की पहल बताया। हस्ताक्षर समारोह में ब्रिटिश काउंसिल की वरिष्ठ प्रबंधक (उच्च शिक्षा एवं छात्र गतिशीलता) विशु शर्मा और विश्वविद्यालय के कुलसचिव अजय कुमार यादव, प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. दिनेश सी. शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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