CCSU में अधिक प्रोजेक्ट फीस को लेकर छात्रों का विरोध तेज, कम करने की उठाई मांग
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में छात्र नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक और परास्नातक प्रोजेक्ट शुल्क में वृद्धि का विरोध ...और पढ़ें

HighLights
कुलपति को ज्ञापन सौंपकर शुल्क कम करने की मांग की।
आंतरिक मूल्यांकन के बावजूद उच्च शुल्क पर आपत्ति जताई।
जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) में नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत स्नातक और परास्नातक स्तर पर लिए जा रहे प्रोजेक्ट शुल्क को लेकर छात्रों में असंतोष बढ़ने लगा है।
सोमवार को छात्र संघ के पूर्व महामंत्री अंकित अधाना ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर इस शुल्क में कमी करने की मांग उठाई और इसे मंगलवार को हो रही वित्त समिति की बैठक में रखने की अपील की।
बताया कि विश्वविद्यालय में स्नातक (UG) के छठे सेमेस्टर में माइनर रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए 1,390 रुपये और परास्नातक (PG) स्तर पर 1,590 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है। यह शुल्क छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहा है।
कहा कि जब इन शुल्कों का निर्धारण किया गया था, तब इसका मुख्य आधार बाह्य परीक्षकों द्वारा प्रोजेक्ट का विस्तृत मूल्यांकन कराया जाना था। लेकिन वर्तमान में अधिकांश महाविद्यालयों में इन प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन आंतरिक शिक्षकों द्वारा ही सामान्य प्रैक्टिकल की तरह किया जा रहा है और इसके लिए अलग से किसी बाह्य परीक्षक की नियुक्ति नहीं होती।
तर्क दिया कि जब मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया महाविद्यालयों के आंतरिक संसाधनों से ही संपन्न हो रही है और विश्वविद्यालय पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ रहा, तो छात्रों से इतनी अधिक राशि वसूलना उचित नहीं है।
यह मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन रहा है। उदाहरण देते हुए कहा कि मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर (एमएसयू) जैसे संस्थान छात्र हित को ध्यान में रखते हुए इस शुल्क में पहले ही बड़ी कटौती कर चुके हैं, जबकि सीसीएसयू में अभी तक ऐसी कोई पहल नहीं की गई है।
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एमएसयू में यूजी एनईपी में 800 रुपये और पीजी एनईपी में 1,000 रुपये शुल्क लिया जाता है। छात्रों ने कुलपति से मांग की है कि स्नातक और परास्नातक दोनों स्तरों पर प्रोजेक्ट फीस को घटाकर सामान्य प्रैक्टिकल फीस के बराबर किया जाए और इस विषय को वित्त समिति की बैठक में रखा जाए, ताकि छात्रों को राहत मिल सके।
