CCSU ने इन कक्षाओं में AI पढ़ना किया अनिवार्य, इसका 75 घंटे का थ्योरी-प्रैक्टिकल का कोर्स पढ़ेंगे छात्र
Meerut News : चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) ने स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है।

HighLights
‘एआइ फार आल’ एक आधारभूत और समावेशी विषय ।
डिजिटल साक्षरता और रोजगारोन्मुखी कौशल बढ़ाना लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, मेरठ। आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तेजी से बढ़ती उपयोगिता और मांग को देखते हुए उच्च शिक्षा में इसे पढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस बाबत यूजीसी की ओर से सभी विश्वविद्यालयों में ‘एआइ फार आल’ की अवधारणा को लागू करने के निर्देश दिए गए थे। प्रदेश में सबसे पहले कानपुर विश्वविद्यालय ने इसे लागू कर दिया है। अब इस सत्र से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से भी स्नातक स्तर के एनईपी पाठ्यक्रमों में एआइ को अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया जा रहा है।
इस सत्र से बीए, बीएससी और बीकाम पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले हर विद्यार्थी को अनिवार्य रूप से एआइ कोर्स भी पढ़ना होगा।
विद्यार्थियों को दूसरे सेमेस्टर में पढ़ना होगा आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस
विश्वविद्यालय के कुलसचिव के अनुसार आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का यह कोर्स तीन क्रेडिट का होगा। यह कोर्स 75 घंटे का थ्योरी और प्रैक्टिकल का बेसिक एआइ कोर्स होगा। इसे स्नातक स्तर पर परिसर और संबद्ध कालेजों के विद्यार्थियों को दूसरे सेमेस्टर में पढ़ना होगा।
यह कोर्स पूरी तरह से आनलाइन होगा। इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल आनलाइन पढ़ाए जाएंगे। चयनित कंपनी की ओर से इसका आनलाइन कंटीनुअस इंटरर्नल इवैल्युएशन 40 अंकों में से किया जाएगा। कोर्स शुरू होने पर ही कंपनी की ओर से विश्वविद्यालय को बहुविकल्पीय प्रश्न बैंक उपलब्ध कराएगी।
इसमें से विश्वविद्यालय प्रश्नपत्र बनवाकर 60 अंक की परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। इस तरह कुल 100 अंकों के इस कोर्स में विश्वविद्यालय के स्नातक स्तर पर निर्धारित नियमों के अनुसार ग्रेड दिए जाएंगे।
300 रुपये निर्धारित की गई है फीस
विश्वविद्यालय की ओर से कोर्स की फीस 300 रुपये प्रति छात्र निर्धारित किया गया है। विद्यार्थियों को यह शुल्क आनलाइन जमा कराने होंगे। इसमें से विश्वविद्यालय प्रति छात्र 50 रुपये कालेजों को देगा। इसे कालेज पठन-पाठन व संचालन में खर्च करेगा।
हर संकाय के विद्यार्थी पढ़ेंगे एआइ
इस पहल का उद्देश्य सभी संकायों के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी समझ, व्यावहारिक उपयोग और नैतिक पक्ष से परिचित कराना है। यूजी एनईपी के बाद इसे यूजी ओर पीजी के सभी विषयों में लागू किया जाएगा। यह विषय केवल तकनीकी या इंजीनियरिंग छात्रों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि कला, वाणिज्य, विज्ञान, शिक्षा, सामाजिक विज्ञान, प्रबंधन सहित सभी संकायों के छात्र इसका अध्ययन कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय के अनुसार ‘एआइ फार आल’ को पठन-पाठन में शामिल करने पर सभी विषयों के छात्रों में डिजिटल और एआइ साक्षर बनाने, रोजगारोन्मुखी कौशल और भविष्य की तकनीकों की तैयारी कराने, तकनीक के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी की समझ बढ़ाने, शोध, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
ऐसा होगा ‘एआइ फार आल’ विषय
‘एआइ फार आल’ एक आधारभूत और समावेशी विषय है, जिसे इस तरह तैयार किया गया है कि तकनीकी पृष्ठभूमि न रखने वाले छात्र भी इसे आसानी से समझ सकें। इसमें जटिल कोडिंग की बजाय अवधारणाओं, उदाहरणों और वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों पर अधिक जोर दिया जाएगा।
इस विषय के अंतर्गत छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय के तहत एआइ क्या है, इसका विकास, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग की सरल समझ आदि पढ़ाएंगे। इसके अलावा एआइ हमारे दैनिक जीवन में, जनरेटिव एआइ और आधुनिक टूल्स, डाटा और निर्णय प्रक्रिया, एआइ और नैतिकता और रोजगार और भविष्य की संभावनाओं के बारे में बताया जाएगा.
