मेरठ, जेएनएन। CAA Protest नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ कई राज्यों में हो रही हिंसा की आग शुक्रवार को मेरठ और आसपास के जिलों में भी भड़क गई। जुमे की नमाज के बाद अचानक अराजकता फैली और उपद्रवी सड़कों पर आ गए। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और बुलंदशहर में उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान एक बैंक व पुलिस चौकी समेत सैकड़ों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। हिंसा में सात उपद्रवियों की मौत हो गई, जबकि सौ से अधिक घायल हो गए। बिजनौर में हुईं दो मौतों की एडीजी ने पुष्टि की है। विभिन्न जिलों में पुलिस बल के एक दर्जन से अधिक जवान भी जख्मी हुए हैं।

स्थिति तनावपूर्ण किंतु नियंत्रण में

उपद्रवियों को नियंत्रित करने में पुलिस व दंगा नियंत्रण बल को खासी मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल इन चार जिलों में स्थिति तनावपूर्ण किंतु नियंत्रण में है। इंटरनेट पर अनिश्चितकाल के लिए पाबंदी बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में सहारनपुर, बागपत व शामली में तो अपेक्षाकृत शांति रही हालांकि विरोध प्रदर्शन हुए। वहीं नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर प्रदेश के कई हिस्सों में हो रहे हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने शनिवार को भी सभी स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह जानकारी शुक्रवार को सरकारी प्रवक्ता ने दी।

चार थाना क्षेत्र हिंसा की चपेट में

मेरठ में देखते ही देखते चार थाना क्षेत्र हिंसा की चपेट में आ गए। सबसे पहले दोपहर करीब सवा दो बजे जुमे की नमाज के बाद कोतवाली थाने पर उपद्रवियों ने सीओ और सिपाही पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा। इसके बाद घंटाघर और हापुड़ अड्डे पर भीड़ उग्र हो गई। तीनों स्थानों पर पुलिस, भीड़ को काबू कर ही रही थी कि लिसाड़ी गेट चौराहे पर एकत्र बवालियों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग कर दी। बवाली और पुलिस आमने-सामने आ गए। डीएम व एसएसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद उपद्रवी भुमिया पुल पर पहुंचकर पुलिस पर पथराव करने लगे। हापुड़ रोड पर सिटी हॉस्पिटल के सामने भी बवालियों ने पुलिस पर पथराव किया, वहीं इस्लामाबाद पुलिस चौकी में आग लगा दी। खत्ता रोड और हापुड़ रोड पर एक साथ बवालियों ने पुलिस की घेराबंदी की।

जवानों को बनाया बंधक

हापुड़ रोड पर एक वैन को फूंक दिया। इसी बीच उपद्रवियों ने पुलिस के 30 रिक्रूट, आरएएफ के जवान और एसडीएम को बंधक बना लिया हालांकि पुलिस ने बल प्रयोग कर सभी को मुक्त कराया। इसी बीच बवालियों ने तीन बाइक आग के हवाले कर दीं। चार उपद्रवियों की उपद्रवियों की गोली लगने से मौत हो गई है। दस पुलिसकर्मी भी पथराव और फायरिंग में घायल हुए हैं। इनमें तीन को गोली लगी है। उपद्रवियों ने इस्लामाबाद चौकी और दर्जनों वाहनों को फूंक दिया। कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। फिलहाल हालात पूरी तरह काबू में कर लिए गए हैं। हालांकि एसएसपी अजय साहनी ने एक के मरने की पुष्टि की है। मेरठ के तीन थानों में बलवाइयों के खिलाफ छह मुकदमें दर्ज कराए गए।

उन्मादी भीड़ बेकाबू हो गई

दूसरी ओर, मुजफ्फरनगर शहर में जमकर उपद्रव किया गया। जुमे की नमाज के बाद भीड़ के रूप के संप्रदाय विशेष के लोग इस्लामिया इंटर कालेज के मैदान में एकत्र हुए। यहां से उन्मादी भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो पथराव किया गया व पेट्रोल की बोतलें फेंकी गईं। उपद्रवियों ने मीनाक्षी चौक के निकट देना बैंक की शाखा को आग के हवाले कर दिया। हालांकि बैंक बंद था। बैंक के दो एसी और एक दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके साथ ही पुलिस, पीएसी और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी गई। प्राइवेट डाक्टर से उपचार करा गोली निकाली गई। मदीना चौक से लेकर मीनाक्षी चौक, आर्य समाज रोड पर खूब उत्पात मचाया गया। छोटे-बड़े एक दर्जन से अधिक वाहन फूंक दिए गए। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए अश्रु गैस के गोल छोड़े, जबकि आर्य समाज रोड पर हवाई फायरिंग कर उत्पातियों को खदेड़ा गया। पथराव करने वाली भीड़ महावीर चौक तक पहुंच गई। यहां दूसरे समाज के लोग भी सड़क पर आए। हालात तनावपूर्ण बन गए। शहर के तमाम बाजार बंद हो गए। हिंसा के दौरान एसपी सिटी सतपाल अंतिल को भी पैर में गोली लगी। पथराव में सिपाही सामिर अली समेत आधा दर्जन से अधिक घायल हो गए। कुछ मीडियाकर्मी भी पथराव से जख्मी हो गए। हिंसा में एक की मौत हो गई।

बिजनौर में आम लोगों की पिटाई

दूसरी ओर बिजनौर के नहटौर कस्बे में हिंसा के दौरान दो उपद्रवियों की मौत हो गई, एडीजी अविनाश चंद्र ने इसकी पुष्टि की है। कस्बे में पुलिस जीप में तोड़फोड़ की गई। बवालियों की फायरिंग में तीन लोगों को गोली लगी है, जिन्हें मेरठ रेफर किया गया है। बिजनौर शहर में जुमे की नमाज के बाद उग्र भीड़ चाहशीरी होते हुए पैदल ही जजी चौराहे पर पहुंची और अस्पताल, दुकानों, कारों और बसों में तोड़फोड़ कर दी। दुकानों में लूटपाट का प्रयास किया गया। आम लोगों की पिटाई की गई। उपद्रवी लोगों ने महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की। सिविल लाइन एवं शास्त्री चौक पर अराजकता के विरोध में दूसरे संप्रदाय के लोग भी सामने आ गए। उन्होंने शरारती तत्वों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। आइजी नवीन अरोड़ा ने पुलिस एवं पीएसी के साथ पैदल मार्च किया। बिजनौर शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। नगीना में पुलिस पर पथराव करने पर लाठीचार्ज किया गया। नजीबाबाद के जगन्नाथ चौराहे पर पथराव के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिलेभर में 50 से अधिक लोग और पुलिसकर्मी घायल हैं।

पुलिस के पैर उखड़ गए

इसी क्रम में बुलंदशहर के मोहल्ला ऊपर कोट में भीड़ सड़क पर आ गई। भीड़ के सामने कम संख्या में होने के कारण पुलिस के पैर उखड़ गए। भीड़ में शामिल युवकों ने अवैध हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी, जिससे पुलिसकर्मी भागकर कोतवाली में घुस गए। भीड़ ने कोतवाली के पास खड़ी देहात कोतवाल अखिलेश कुमार की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया, इससे गाड़ी के पास खड़ी एक स्कूटी भी राख हो गई। इस दौरान भीड़ ने सड़क के किनारे खड़े एक दर्जन से अधिक चार पहिया और दो पहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस बीच डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी संतोष कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बवाल काफी बढ़ चुका था। भीड़ ने सड़क के दोनों ओर स्थित घरों से पुलिस पर जोरदार पथराव किया। फायरिंग भी की गई। उधर, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक स्थिति बेकाबू रही। पथराव में आधादर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए। बाद में क्षेत्र के धार्मिक और स्थानीय नेताओं को मौके पर बुलाकर भीड़ को समझाने के लिए भेजा गया।

सहारनपुर अपेक्षाकृत शांत

सहारनपुर अपेक्षाकृत शांत रहा। शहर में जामा मस्जिद के बाहर हंगामा करने के बाद प्रदर्शनकारी हाथ में तिरंगा लेकर घंटाघर पहुंच गए। जाम लगाकर घंटों तक हंगामा किया। यहां डीएम व एसएसपी ने सभी को समझाकर शांत कराया। देवबंद में भी नमाज के बाद हंगामा किया। विरोध प्रदर्शन करते हुए कुछ लोग एक दीवार पर चढ़ गए, जिससे दीवार ढह गई, उसके नीचे दबकर चार-पांच लोग जख्मी हो गए।

दुकानें रखीं बंद

शामली में मुस्लिम समाज के लोगों ने दुकानें बंद रखीं। शामली शहर के आजाद चौक पर जुमे की नमाज के बाद कुछ लोगों ने पोस्टर लहराते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें शांत किया। दो मौलाना समेत आठ को हिरासत में लिया है। इन पर धार्मिक उन्माद भड़काने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। डीएम अखिलेश सिंह व एसपी विनीत जायसवाल कैराना और कांधला में डेरा डाले रहे। बागपत में डीएम शकुंतला गौतम और एसपी प्रताप गोपेंद्र समेत कई अफसरों ने मार्च किया। बड़ौत समेत जिले में जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई। नमाज के बाद कुछ मुस्लिमों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया। पुलिस ने सपा नेता शफीक सलमानी को हिरासत में लेकर कोतवाली में बैठाए रखा। उधर, रालोद कार्यकर्ताओं ने बागपत में प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन दिया। 

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