Move to Jagran APP

Kisan Tractor March Up; राकेश टिकैत की चेतावनी, किसानों को दिल्ली जाने से रोका तो चुनाव में गांव नहीं आ सकेंगे नेता

Kisan Tractor March Up राकेश टिकैत ने एमएसपी और स्वामी नाथन आयाेग को सिफारिशों को लागू करने की मांग की। टिकैत ने कहा कि आंदोलन इसलिए चलाया जा रहा है कि सरकार किसानों को याद रखे। यहीं कारण है कि आज हर मंच पर किसानों का नाम लेकर ही नेताओं का भाषण शुरू हो रहा है। अभी दिल्ली नहीं जाने की बात की।

By Navneet Sharma Edited By: Abhishek Saxena Published: Thu, 22 Feb 2024 09:15 AM (IST)Updated: Thu, 22 Feb 2024 09:15 AM (IST)
Kisan Tractor March Up; राकेश टिकैत की चेतावनी, किसानों को दिल्ली जाने से रोका तो चुनाव में गांव नहीं आ सकेंगे नेता
किसानों को दिल्ली जाने से रोका तो चुनाव में गांव नहीं आ सकेंगे नेता : राकेश टिकैत

जागरण संवाददाता, मेरठ। किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को कलक्ट्रेट का घेराव राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की अध्यक्षता में किया।

loksabha election banner

उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पूंजीपतियों की सरकार है और इस सरकार में किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को दिल्ली जाने से रोकेगी तो तो चुनाव के दौरान किसान भी उन्हें गांवों में नहीं घुसने देंगे।

उद्योगपतियों की सरकार

कलक्ट्रेट का घेराव करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र में जो सरकार है व व्यापारियों और उद्योगपतियों की सरकार है। इसका किसानों के हित से कोई मतलब नहीं है। 10 साल पुराने ट्रैक्टर पर रोक लगाने का निर्णय भी उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया है। जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने भाकियू पदाधिकारियों को शांति से अपना आंदोलन करने की सीख दी और उपद्रव करने वालों की निगरानी करने के लिए सतर्क भी किया।

केंद्र सरकार पर किया तंज

टिकैत ने पदाधिकारियों को चुनाव से दूर रहने के लिए भी कहा। उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में पहले स्वतंत्र रूप से बोलने की आजादी लोगों को थी। लेकिन अब कोई खुलकर नहीं बोल सकता है। उन्होंने आगे कहा कि लाल कृष्ण आड़वानी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं का हाल सबको पता है।

मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि अगर सरकार किसानों को दिल्ली जाने से रोकेगी तो चुनाव के दौरान किसान भी उन्हें अपने गांवों में भी घुसने नहीं देंगे। इस दौरान धरना स्थल पर पहुंचकर मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री अमित दीक्षित ने बार की ओर से लिखित समर्थन दिया।

Read Also: Elephant Birthday: खबर जरा हटके; सबसे बुजुर्ग हथिनी सूजी ने पूरे किए आजादी के नौ साल, कभी सर्कस में झेली यातनाएं आज ऐसे होती है देखभाल

बाद में एडीएम सिटी बृजेश सिंह को अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन सौंप दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री राजकुमार करनावल, मदनपाल यादव, हर्ष चहल, रविंद्र सिंह दौरालिया, सत्यवीर सिंह, देशपाल, बबलू, हैप्पी, विनोद, प्रशांत, अनुज आदि मौजूद रहे।

अभी दिल्ली नहीं जाएंगे, आज होगा निर्णय

राकेश टिकैत ने कहा कि अभी भाकियू सक्रिय रूप से किसान आंदोलन में भाग नहीं लेगी और न ही दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानाें के एक संगठन ने आंदोलन का एलान किया है। जबकि संयुक्त किसान मोर्चा ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी, जिसमें मंथन के बाद आंदोलन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने किसानों को आंदोलन के लिए तैयार रहने का आहवान भी किया।

ट्रैक्टर रोकने पर पुलिस से भिड़े किसान

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के साथ बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर पर सवार होकर कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचे। यहां पुलिस ने बैरिकेट लगाकर काफिले को रोकने का प्रयास किया। हंगामा बढ़ने पर किसान बैरिकेट हटाकर किसान आगे बढ़े और कलक्ट्रेट का बंद गेट देखकर एक बार फिर से पुलिस व किसानों में धक्कामुक्की हुई। काफी देर तक हंगामा चला और बाद में गेट खोल दिया गया। किसान ट्रैक्टर सहित कलक्ट्रेट में घुस गए।

भाकियू की मुख्य मांग

  • मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण रखे सरकार
  • भोजन, दवाई, कृषि उपकरण आदि को जीएसटी मुक्त करें।
  • सभी के लिए मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और स्वच्छता का अधिकारी की गारंटी हो।
  • बिजली विधेयक-2022 को वापस लिया जाए।
  • काम के अधिकार को मौलिक बनाया जाए।
  • किसानों को फसल बीज, उर्वरक और बिजली पर अनुदान बढ़ाया जाए।
  • उपज के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।
  • कृषक परिवारों को सरकारी कर्ज से मुक्त किया जाए।
  • एनपीएस को समाप्त करें व ओपीएस को बहाल करें।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.