मेरठ, जागरण संवाददाता। Ayushman Bharat Scheme आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के चार साल पूरे हो गए हैं। योजना की शुरुआत से अभी तक मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में तीन हजार मरीजों का निश्शुल्क इलाज किया गया है। कूल्हे, हार्ट सर्जरी समेत कई आपरेशन किए गए हैं। जिस इलाज पर लाखों रुपये खर्च होते, गरीब मरीजों को कोई पैसा नहीं खर्च करना पड़ा है। इस योजना के बारे कुछ जानकारी यहां पर पढ़ें।

कौन बनवा सकता है यह कार्ड

आपको बता देंकि 16 से 59 वर्ष की आयु के सभी नागरिक आयुष्मान भारत कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। पारिवारिक समग्र आईडी के साथ एक पहचान पत्र (आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, सरकारी पहचान पत्र) ले जाएं। कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र, यूटीआई-आईटीएसएल केंद्र पर जाकर पात्रता जांच कराएं और आयुष्मान कार्ड बनवाएं।

यह पर करना होगा आवेदन

आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आपको CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जा कर आवेदन कर सकते है। इसके लिए आपको जरूरी दस्तावेज़ देने होंगे। इससे पहले अपना नाम लाभार्थी सूची में देख ले, तभी आप आयुष्मान गोल्ड कार्ड बनवा सकते है।आयुष्मान भारत-जन आरोग्य योजना से संबंधित किसी भी जानकारी या मदद के ​लिए सरकार ने एक निशुल्क हेल्पलाइन नंबर 14255 का इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्राचार्य ने दी यह जानकारी

मेडिकल कालेज में प्रधानाचार्य डा. आरसी गुप्ता ने  कहा कि आयुष्मान भारत योजना का आरंभ 23 सितंबर 2018 को हुआ था। योजना में प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये का निश्शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है। प्रभारी अधिकारी आयुष्मान भारत योजना, डा. नवरतन गुप्ता ने बताया कि अस्थि रोग विभाग के इंप्लांट, कार्डियोलाजी विभाग के स्टंट, ओपन हार्ट सर्जरी जैसे गंभीर रोगों का इलाज निश्शुल्क हो रहा है।

सारा इलाज फ्री

मरीज के भर्ती होने से छुट्टी होने तक सभी दवाइयां एवं उपचार से संबंधित सामग्री, जांचे जैसे एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और सीटी स्कैन आदि निश्शुल्क होता है। योजना के लाभ लेने के लिए मरीज के पास आयुष्मान (गोल्डन ) कार्ड होना जरूरी है। केवल भर्ती होने पर ही योजना के तहत उपचार दिया जाता है। प्रेसवार्ता के दौरान योजना के लाभार्थी प्रेम वती, राजबल,अली हुसैन,मोहम्मद अली ने कहा कि योजना ने उन्हें नया जीवन दिया है। 

Edited By: Prem Dutt Bhatt