मेरठ, जेएनएन। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और संबद्ध कालेजों में नए सत्र से नई शिक्षा नीति लागू हो रही है। इसके साथ ही आनलाइन प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कोविड की वजह से इस बार सभी बोर्ड बगैर परीक्षा के आंतरिक और पूर्व कक्षाओं के अंकों के आधार पर 12 वीं के रिजल्ट घोषित करेंगे। वहीं, यूपी बोर्ड में प्राइवेट छात्रों को बगैर किसी अंक के अगली कक्षा में प्रोन्नत करने पर विचार किया जा रहा है। 12वीं की मार्कशीट में अंक न होने की स्थिति में छात्रों को आगे चलकर विश्वविद्यालय की प्रवेश में मुश्किल हो सकती है।

आनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

विश्वविद्यालय में स्नातक प्रथम वर्ष में मेरिट से प्रवेश लिया जाता है। इसमें 12वीं के अंकों के आधार पर ही मेरिट तैयार की जाती है। विश्वविद्यालय में अगस्त से आनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। विवि प्रशासन के अनुसार 12वीं में जो भी अंक होगा, वहीं प्रवेश का आधार होगा। ऐसे में अगर यूपी बोर्ड 12 प्राइवेट के छात्रों की मार्कशीट पर केवल प्रोन्नत लिखकर जारी करेगा, तो प्राइवेट छात्र कैसे प्रवेश लेंगे। अगर ऐसा होता है तो विवि को अपनी प्रवेश नियमावली बदलनी पड़ सकती है। या फिर प्राइवेट छात्रों के पास दूरस्थ शिक्षा के साथ ही स्नातक की पढ़ाई को आगे जारी रखना पड़ सकता है। इसके अलावा ऐसे छात्रों को उन विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन करना पड़ सकता है, जिसमें प्रवेश परीक्षा से स्नातक में दाखिले लिए जाते हैं।

नाम ठीक करा लीजिए, खुल रही है परिषद की वेबसाइट

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के रिजल्ट घोषित करने की तैयारी चल रही है। इससे पहले परिषद ने सभी पंजीकृत छात्र-छात्राओं को अपने नाम, पिता के नाम या किसी भी वर्तनी की त्रुटि को ठीक करने का मौका दिया है। जिसके लिए 14 जून और 15 जून तक परिषद की वेबसाइट खुली रहेगी।जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार चौधरी ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से कहा गया है वे आनलाइन अपलोड कराए गए परीक्षार्थियों के नामों के विवरण का मिलान स्कूल के मूल अभिलेख से कर लें। जिसमें परीक्षार्थियों के नाम, उनके माता व पिता के अंग्रेजी और हिंदी के नाम की स्पेलिंग देख लें। स्कूलों को इंटरमीडिएट के छात्रों के विवरण आनलाइन भरने के दौरान हाईस्कूल से संबंधित जानकारी भी अपलोड करने के लिए कहा है। 

Edited By: Prem Dutt Bhatt