मेरठ : पुलिस ने रिलायंस जियो के टावर लूटने वाले इंटरनेशनल गैंग का पर्दाफाश कर दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए दोनों आरोपियों में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। ये बदमाश रिलांयस जियो इंफोकॉम लिमिटेड के फोर जी नेटवर्किंग माइक्रो डेटा एवं वाइस ट्रांसफर यूनिट से लाखों की इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइस लूट लेते हैं और फिर ओएलएक्स पर ऑनलाइन यूएसए में बेच देते हैं। बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने परतापुर और लिसाड़ीगेट के टावर से लूटी गई छह लाख कीमत की डिवाइस बरामद की।

परतापुर और लिसाड़ीगेट में रिलांयस जीयो इंफोकॉम लिमिटेड के फोर जी नेटवर्क के डिजीटल नेटवर्किंग देने के लिए टावर लगे हुए हैं। बदमाशों ने दोनों टावरों से लाखों कीमत की डिवाइस लूट ली थी। एसएसपी मंजिल सैनी के आदेश पर परतापुर पुलिस और साइबर की टीमों ने लूट की जांच शुरु की। जिसमें परतापुर पुलिस को सफलता मिल गई है। इंस्पेक्टर दीपक शर्मा ने बताया कि इन लोगों ने गार्ड को बंधक बनाकर टावरों की मशीनों से डिवाइस लूट ली थी। गिरफ्तार बदमाश मोहित पुत्र ज्ञानेंद्र इंदिरा नगर खत्ता रोड और अमरीश पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी शिव शक्ति नगर माधवपुरम ब्रह्मापुरी में रहते है। अमरीश ने बताया कि गतवर्ष ब्रह्मापुरी के रिलायंस जीयो में हुई डकैती की घटना के बाद से ही टावरों को लुटने की प्लानिंग बनाई थी। टावर लूट के बाद सामान को पुराना बताकर ओएलएक्स पर ऑनलाइन यूएसए में बेच रहे थे। वहां से रकम भी उक्त बदमाशों के अकाउंट में जमा हो रही थी। अभी तक यह गिरोह 25 लाख कीमत की इलैक्ट्रोनिक्स डिवाइस बेच चुका है। उनके कब्जे से छह लाख कीमत की ई नोट बी कार्ड डिवाइस बरामद की गई। लुटेरों के मुताबिक कई गैंग लूटपाट का सामान दिल्ली में बेचती हैं तो कुछ विदेश में ऑनलाइन बेचते हैं।

पहले भी तीन यूनिटों में हो चुकी लूटपाट : गत सितंबर 2016 में भी ब्रह्मापुरी के रिलायंस जीयो टावर में लूटपाट करने वाले आठ बदमाशों को पकड़ा था, जो कई करोड़ का सामान ऑनलाइन बेच चुके थे। इसी गैंग ने अलीगढ़ में रिलायंस जीयो की यूनिट लूट ली थी। उससे पहले मथुरा की रिलायंस यूनिट को भी लूट लिया था। उसके बाद मध्य प्रदेश की ग्वालियर यूनिट को लूट लिया। इससे पहले भी अमरीश और मोहित इस गैंग से जुड़े थे, जो पुलिस रिकार्ड से बच गए थे।

Posted By: Jagran