Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अंपायर नहीं, 'सत्ता के खिलाड़ी' की भूमिका में पुलिस-प्रशासन

    By Edited By:
    Updated: Thu, 07 Jan 2016 02:16 AM (IST)

    मेरठ: जिला पंचायत के अध्यक्ष पद चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। सदस्यों के जोड़-तोड़ और सत्ता की हनक के सह

    मेरठ: जिला पंचायत के अध्यक्ष पद चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। सदस्यों के जोड़-तोड़ और सत्ता की हनक के सहारे परिणाम अपने पक्ष में करने की इच्छुक सत्ताधारी दल के लिए चुनाव के दिन पुलिस-प्रशासन मनमाफिक खेल खेलना चाहता है। मीडिया को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने का फरमान प्रशासन को संदिग्ध बना रहा है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मौजूदा समय में जो व्यूह रचना की गई है उसके अनुसार कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार के अंदर अधिकारियों और चुनाव में लगाए गए सरकारी कर्मचारियों के अलावा केवल नवनिर्वाचित जिला पंचायत और प्रत्याशी ही जा सकते हैं। फिलहाल मीडिया को भी कलक्ट्रेट के गेट पर ही रोकने की तैयारी की जा रही है और इसके लिए जिम्मेदारी भी सपा के संरक्षण में सालों से मेरठ में 'भक्त अफसरों' के कंधों पर सौंपे जाने का आरोप लग रहा है। बहरहाल, मीडिया ने भी स्पष्ट कर दिया है कि यह मीडिया पर बंदिश लगाने की कोशिश है और इस षडयंत्र को किसी भी हाल में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

    जिला पंचायत चुनाव में शुरू से ही प्रशासन पर एकपक्षीय होने का आरोप लगता रहा है। मतदान के दौरान कैबिनेट मंत्री के पुत्र की जीत सुनिश्चित करने का मामला हो या फिर मुखिया गुर्जर कोर्ट के आदेश के बाद भी जेल में बंद रखे रहना, विपक्ष के सदस्यों को विभिन्न माध्यमों से प्रताड़ित करने की कोशिश के बाद जिस तरह से मंगलवार की शाम को हत्या के मामले में आरोपी और कुख्यात योगेश भदौड़ा की पत्‍‌नी सुमन को गुपचुप तरीके से प्रमाण पत्र दिलवाया गया, उससे आरोप लग रहे हैं कि प्रशासन शासन की मंशा को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

    बचत भवन में डलेंगे वोट

    फिलहाल जो व्यवस्था की गई है, उसके अनुसार बचत भवन में मतदान की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पुख्ता बैरिकेडिंग भी की गई है। बचत भवन के अंदर दोनों प्रत्याशी कुलविंदर और सीमा प्रधान मौजूद रहेंगे। इनका एजेंट मान्य नहीं होगा। इसके साथ प्रेक्षक रविन्द्र मधुकर गोडबोले, जिला निर्वाचन अधिकारी यानी डीएम पंकज यादव और एडीएम प्रशासन दिनेश चंद्र मौजूद रहेंगे। चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने के लिए तीन अधिकारियों की टीम होगी। इसके तहत एसडीएम स्तर के अधिकारी, चुनाव कार्यालय के केके मिश्रा व महिला अधिकारी मौजूद रहेंगी।

    तीन बजे तक मतदान, उसके बाद गिनती

    जिला पंचायत के 34 सदस्य चुने गए हैं। मतदान का समय सुबह 11 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रत्याशियों को बैलेट पेपर पर वरीयता क्रम लिखना होगा। चूंकि यहां दो ही प्रत्याशी हैं, लिहाजा जिसके पक्ष में मतदान करना है, उसके नाम के समक्ष एक दर्ज करना होगा और दूसरे के आगे दो। मतगणना 3.01 बजे से शुरू हो जाएगी और चार बजे तक सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

    फोटो: 906

    कलेक्ट्रेट-एसएसपी दफ्तर वाला रूट रहेगा डायवर्ट

    मतदान की प्रक्रिया के समय कलेक्ट्रेट के गेट के सामने भीड़ न लगे, इसके लिए ट्रैफिक विभाग ने चौ. चरण सिंह पार्क से अंबेडकर चौराहे वाली सड़क पर प्रवेश वर्जित कर दिया है। यानी मेरठ कालेज से अंबेडकर चौराहा आने के लिए गुरुवार को कमिश्नरी कार्यालय से स्टेडियम चौराहा होकर डीएम आवास होते हुए आना होगा। इसी तरह अंबेडकर चौराहा से कचहरी पुल आने के लिए मेघदूत पुलिया होकर नेहरू रोड होते हुए आना होगा। कलक्ट्रेट मुख्यालय-एसएसपी कार्यालय वाले मार्ग पर केवल अधिकारियों के वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा। इनके अलावा निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य अपने वाहन से कलेक्ट्रेट गेट तक जा सकेंगे। उनका वाहन या तो सर्किट हाउस या फिर कमिश्नरी पार्क की ओर जाकर पार्क हो जाएगा।

    इनका कहना है

    न तो मीडिया को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने की कोई साजिश है और न ही कोई और वजह। मतदान और मतगणना की पूरी वीडियो रिकार्डिग कराई जाएगी। मतदान के दौरान मतदान स्थल पर भीड़भाड़ न हो, इसके लिए ही फिलहाल मीडिया को मुख्य द्वार तक सीमित रखने का निर्णय लिया गया है। बचत भवन के अंदर की तस्वीरें सूचना विभाग के माध्यम से मुहैया करा देंगे। फिर भी हम देख रहे हैं कि अंदर जाने की क्या कोई व्यवस्था बनाई जा सकती है।

    -पंकज यादव, डीएम