जागरण संवाददाता, कोपागंज (मऊ) : इंदारा-दोहरीघाट रेलखंड पर आमान परिवर्तन का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इंदारा-दोहरीघाट के बीच ब्रिटिश शासन काल में बने रेल स्टेशनों को तोड़कर अब आधुनिक रेलवे स्टेशन बनाने के लिए विभाग के इंजीनियर, ठेकेदार लगे हुए हैं। स्थानीय पुराने रेलवे स्टेशन को तोड़ने के साथ ही नए प्लेटफार्म बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। जबकि रेलमार्ग के चौड़ीकरण का भी काम रात-दिन जारी है। आमान परिवर्तन के साथ ही कई समपार बंद करने के साथ-साथ स्थानीय रेलवे क्रासिग के पूरब दिशा से नए सड़क मार्ग बनाए जाने का भी काम चल रहा है। काम की गति देखकर क्षेत्रीय जनों में विकास की नई आस जगी है। लोगों को विश्वास है जल्द ही इस रेल-लाइन का निर्माण पूरा हो जाने से क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। उधर दोहरीघाट-सहजनवा नई रेल लाइन के बिछ जाने से इस रेलखंड को और विस्तार मिलेगा तथा क्षेत्र सीधे लखनऊ से जुड़ जाएगा।

क्षेत्र के लोगों द्वारा रेलखंड के आमान परिवर्तन की मांग दशकों से की जाती रही है। हर चुनाव में यह मुद्दा भी बनता रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय से लगायत अन्य ने भी प्रयास करने का दम भरा लेकिन इसका कायाकल्प न हो सका। रेल आमान परिवर्तन की बात तो दूर पहले से चल रही पैसेंजटर ट्रेनों को भी बंद कर रेल-बस का संचालन शुरू कर दिया गया। इससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी का साधन ही समाप्त हो गया। सच तो यह रहा कि इस मार्ग से रेल यात्रा करने वालों का मोह ही भंग हो गया। हर दल के नेता चुनाव के दौरान इंदारा-दोहरीघाट रेल आमान परिवर्तन के लिए वायदे तो करते लेकिन जनता की मांग को केवल वोट के दिनों तक ही सिमट कर रह जाते रहे। लंबा अरसा बीतने के बाद पहली बार जनता की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंची। आखिरकार पिछले मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान ही इंदारा-दोहरीघाट रेल आमान परिवर्तन की आधारशिला तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने रखी तो क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर व्याप्त हो गई। लोगों को उम्मीद लगने लगी कि अब आमान परिवर्तन से लंबी दूरी तक रेल यात्रा करने में न केवल सुविधा जनक होगी, बल्कि इससे क्षेत्र का विकास भी होगा। साथ ही व्यापार की दिशा में भी यहां के लोगों के लिए काफी फायदेमंद होगा। इसी बीच सहजनवा-दोहरीघाट नए रेलखंड के विकास की योजना को मंजूरी मिलने से क्षेत्रीय लोगों की उम्मीदों को पर लग गए हैं।