यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मऊ में पुलिस कप्तान के एक्शन से महकमे में खलबली, एक सब-इंस्पेक्टर और तीन सिपाहियों को किया सस्पेंड
मऊ में मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में एक महिला की शिकायत दर्ज न करने पर एक दारोगा और तीन आरक्षियों को ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मऊ। पीड़ित परिवार की शिकायत दर्ज न करना मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के एक दारोगा सहित तीन आरक्षियों पर भारी पड़ गया। कप्तान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से चारों को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही पुलिस लाइन से अटैच कर दिया है। कप्तान के सख्त तेवर की वजह से महकमे में खलबली मच गई है। दूसरी तरफ कोतवाली पुलिस ने तत्काल प्रभाव से आरोपित युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रामअवध, आरक्षी निर्भय सिंह, आरक्षी अंशुमान शुक्ला और अनुराग यादव शामिल हैं। आरोप है कि कस्बा निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके बेटी का अश्लील वीडियो प्रसारित कर एक युवक ब्लैकमेल कर रहा है। इसका प्रार्थना पत्र मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रामअवध को दिया गया। प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत कराए व स्वयं मौके पर पहुंचे बिना उपनिरीक्षक रामअवध ने प्रार्थना पत्र जांच के लिए आरक्षी निर्भय सिंह एवं अंशुमान शुक्ला को सौंप दिया।
इसके बाद दोनों आरक्षी आवेदक के घर पर जांच-पड़ताल के लिए पहुंचे और 10 दिन बीतने के बाद भी कोई विधिक कार्रवाई नहीं कराई गई। साथ ही प्रकरण से न तो प्रभारी निरीक्षक को अवगत कराया और न ही आगंतुक रजिस्टर महिला में ही प्रार्थना पत्र दर्ज किया गया। दूसरी तरफ आरोपित के पिता ने आरोप लगाया कि मामले को सलटाने के लिए उससे धनराशि की मांग कर रहे हैं। तथा परेशान किया जा रहा है। इस पर कप्तान इलामारन ने सीओ मुहम्मदाबाद गोहना से इसकी जांच कराई।
जांच में रिपोर्ट दर्ज न करते हुए दस दिन पर पेडिंग में रखे जाने की बात सामने आई। विभाग की प्राथमिक जांच में इसे घोर लापरवाही माना गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी ने तत्काल प्रभाव से चारों को निलंबित कर दिया। दूसरी तरफ इस मामले में मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में आरोपित युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
