जागरण संवाददाता, मऊ : विधवा महिलाओं के कल्याण के नाम पर बना महिला कल्याण सेवा ट्रस्ट फर्जी निकला। ट्रस्ट में इंटरनेट मीडिया से जुड़े सैकड़ों लोगों को संचालक ने प्रलोभन दिया। किसी को प्रदेश अध्यक्ष तो किसी को मंडल प्रभारी बनाया था। मंगलवार को एक प्लाजा में कार्यकर्ताओं की बैठक में जमकर मारपीट हुई तो फर्जी एनजीओ का पता चला। पुलिस ने सात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया लेकिन जांच में सातों को भी एनजीओ के बारे में मुकम्मल जानकारी नहीं थी। उधर, मारपीट की घटना के बाद से फरार संचालक गुलाब गुप्त को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है।

लगभग एक वर्ष पूर्व से इंटरनेट मीडिया पर महिला कल्याण नामक एनजीओ रन करने लगा। देखते ही देखते बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष इससे जुड़ते गए। बाद में संचालक गुलाब ने एक ग्रुप बनाया और उसमें सभी महिला-पुरुषों को जोड़ दिया। उसने किसी को प्रदेश अध्यक्ष तो किसी को मंडल प्रभारी आदि पदों से नवाजा। इसके एवज में संचालक ने सभी पदाधिकारियों को मोटी तनख्वाह दिए जाने का प्रलोभन दिया था। संचालक ने सभी सदस्यों को यह बताया था कि यह एनजीओ विधवा महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति महीना देगा। बड़ा पद और मोटी तनख्वाह का प्रलोभन देखकर इससे बड़ी तादाद में लोग जुड़ते गए। इस बीच मंगलवार को पुरानी तहसील स्थित एक प्लाजा में कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित हुई। इसमें सभी कार्यकर्ताओं को बड़ी तादाद में महिलाओं को कार्यक्रम में लाने के लिए कहा गया था। कार्यक्रम जैसे ही शुरू हुआ कि कार्यकर्ताओं ने एनजीओ के बारे में जानकारी पूछनी शुरू की। किसी ने कई माह से काम करने के एवज में तनख्वाह मांगा। इसी को लेकर मारपीट हो गई।

सात पदाधिकारियों पर मुकदमा दर्ज हुआ है जबकि मास्टरमाइंड गुलाब फरार हो गया था। फिर उसे लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया गया।

- धनंजय मिश्रा, सीओ सिटी।

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