जागरण संवाददाता, कोपागंज (मऊ) : इंदारा-दोहरीघाट बड़ी रेलवे लाइन बनाने के काम ने अब पूरी रफ्तार पकड़ लिया है। निर्माण के पहले चरण में दोहरीघाट से इंदारा तक स्टेशनों के भवन व प्लेटफार्म के निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मार्ग में पड़ने वाले छोटे-बड़े पुलों और पुलियों का कार्य भी पूरा हो चुका है। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर की कार्यदायी संस्था की ओर से रेलवे के इंजीनियरों के निर्देशन में रेलवे ट्रैक बिछाने का कार्य भी अब काफी तेजी से चल रहा है। निर्माण की गति यदि यही रही तो वर्ष 2021 में कभी भी बड़ी लाइन की एक्सप्रेस ट्रेनें दोहरीघाट-इंदारा ट्रैक पर फर्राटा भरनी शुरू कर देंगी।

चार दशक पहले क्षेत्र के विकास में इंदारा-दोहरीघाट रेल मार्ग की भूमिका काफी अहम थी। लेकिन धीरे-धीरे करके इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों और मालगाड़ियों को एक-एक कर बंद कर दिया गया। इसके चलते इंदारा-दोहरीघाट रेल मार्ग विभागीय उपेक्षा का शिकार होने लगा। हालांकि बाद में रेल मार्ग पर रेल बस चलाकर लोगों को सुविधाएं दी गईं। आगे चलकर उसे भी बंद कर दिया गया। इसके चलते क्षेत्र के विकास में बाधक बनी रेल सेवा को दोबारा शुरू करने की मांग जोर पकड़ने लगी। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से बड़ी रेल लाइन बनाने के लिए आंदोलन शुरू हो गए। पिछली बार केंद्र में भाजपा सरकार बनी तो एक बार फिर इंदारा-दोहरीघाट रेल मार्ग को बड़ी रेल लाइन बनाने की मांग तेज हुई। तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा में आयोजित कार्यक्रम में इंदारा-दोहरीघाट रेल मार्ग को बड़ी रेल लाइन बनाने के लिए आधारशिला रखी तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बीच-बीच में बजट के अभाव में निर्माण कार्य रुका रहा, लेकिन बजट मिलते ही काम ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ लिया है।