भरत शर्मा को पद्मश्री पुरस्कार की मांग
भोजपुरी भाषा के धुरंधर गायक एवं शास्त्रीय संगीत के साधक पं. भरत शर्मा व्यास ने शनिवार की रात नगर के संगीत महाविद्यालय में आयोजित समारोह मे गीत Þब्रज के नारी तुहकें पुकारे, आ जा हो घनश्यामÞ प्रस्तुत कर सभी को भाव विभोर कर दिया। मंच संचालक प्रमोद राय प्रेमी ने एकला चलो की तर्ज पर भोजपुरी पारंपरिक गीत की पवित्रता बनाए रखने को संघर्ष कर रहे श्री शर्मा को संगीत का पदमश्री पुरस्कार दिए जएने का मुद्दा उठाया तो हरेक शख्स ने ताली बजाकर स्वागत किया।
जागरण संवाददाता, घोसी (मऊ) : भोजपुरी भाषा के धुरंधर गायक एवं शास्त्रीय संगीत के साधक पं. भरत शर्मा व्यास ने शनिवार की रात नगर के संगीत महाविद्यालय में आयोजित समारोह मे गीत ब्रज के नारी तुहकें पुकारे, आ जा हो घनश्याम प्रस्तुत कर सभी को भाव विभोर कर दिया। मंच संचालक प्रमोद राय प्रेमी ने एकला चलो की तर्ज पर भोजपुरी पारंपरिक गीत की पवित्रता बनाए रखने को संघर्ष कर रहे श्री शर्मा को संगीत का पदमश्री पुरस्कार दिए जएने का मुद्दा उठाया तो हरेक शख्स ने ताली बजाकर स्वागत किया।
उधर श्री शर्मा ने भोजपुरी गीतों में आई अश्लीलता पर प्रहार करते हुए निहोरा किया कि मत सुनी अइसन गीत। आप लोग ना सुनब अइसन गीत आ सुन के ताली ना बजाइब त इ फूहड़ता अपने आप खतम हो जाई। मत खरीदी अइसन मेमोरी कार्ड आ चिप। मत करी उाउनलोड अइसन गीत जवने के बाप बेटी के साथे आ भाई बहन के साथे ना सुन सकत ह। इस दौरान नगर के तमाम प्रबुद्ध एवं आम संगीत प्रेमी नागरिकों ने प्रशिक्षु कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। संगीत समारोह में तबले पर बीएचयू के छात्र कादिर हुसैन, विजयशंकर मिश्रा, प्रेमचंद और पंकज, हारोनियम पर शिवम, नाल पर आशुतोष विश्वकर्मा एवं बैंजो पर सुनील और पैड पर अंकित यादव ने संगत किया।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।