Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Yamuna Water Level: यमुना का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा बाढ़ का खतरा, इस इलाके में चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच रहा पानी

    By Jagran NewsEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Tue, 08 Jul 2025 09:23 PM (IST)

    उत्तर भारत में मानसून की सक्रियता के चलते मथुरा की यमुना नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है। जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुँच गया है जिससे यमुना किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है। सिंचाई विभाग अलर्ट पर है और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों की तैयारी कर रहा है

    Hero Image
    यमुना का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा चिंताएं, चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच रहा पानी

    जागरण संवाददाता, मथुरा। उत्तर भारत में मानसून की तीव्र सक्रियता का असर मथुरा की यमुना नदी पर साफ दिखने लगा है। ताजेवाला से आ रहे पानी को गोकुल बैराजों से लगातार छोड़े जाने के बावजूद यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीते पांच दिनों में ही जलस्तर 163.86 से बढ़कर 164.33 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी बिंदु 165.2 मीटर से महज कुछ दूरी पर है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    यदि वर्षा की यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में यमुना का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। इससे यमुना किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है और किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है और हर स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।

    तीन जुलाई को ताजेवाला बैराज से 7052 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जबकि मथुरा के गोकुल बैराज से 6988 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। इस दिन यमुना का जलस्तर 163.86 मीटर था। सात जुलाई को ताजेवाला से काफी कम मात्रा 1066 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि गोकुल बैराज से 15000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कर दिया गया।

    इसके बावजूद जलस्तर 164.24 मीटर पर रहा। जबकि 08 जुलाई वर्षा होने के बाद ताजेवाला बैराज से 6300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गोकुल बैराज से लगातार 15700 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बावजूद 164.33 मीटर पर यमुना का जल स्तर बना हुआ है।

    यमुना के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों में सुरीर, नौहझील, मथुरा शहर, वृंदावन, महावन, बलदेव आते हैं। इन क्षेत्रों के दर्जनों गांव व कालोनियां यमुना के किनारे स्थित हैं, जहां बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सिंचाई विभाग ने सभी कर्मचारियों को जलस्तर पर निगरानी के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों की मैपिंग की जा रही है। साथ ही स्थानीय प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।

    नावों और राहत सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। खतरे के निशान पर यमुना का जलस्तर पहुंचते ही प्रभावित गांव से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा। खतरे की सीमा और जल स्तर की चेतावनी 165.200 मीटर पर है।

    जबकि खतरनाक जल स्तर 166 मीटर है। जल्द ही यदि डिस्चार्ज की रफ्तार नियंत्रित नहीं हुई या लगातार वर्षा जारी रही, तो यमुना का पानी निचले इलाकों में घुस सकता है। इस स्थिति में प्रशासन त्वरित राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार बताया जा रहा है।