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    Mathura Flood Alert: रौद्र रूप में यमुना नदी, खादर की कॉलोनियों में पानी घुसने से पलायन जारी; अलर्ट जारी

    Updated: Tue, 19 Aug 2025 11:23 AM (IST)

    मथुरा में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है जिससे खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ताजेवाला ओखला और हिंडन बांध से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है जिससे लोगों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

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    यमुना का जलस्तर बढ़ने के दौरान सोमवार को विश्राम घाट पर भरा पानी पूजा करने पहुंचे श्राद्धालु। फोटो जागरण

    जागरण संवाददाता, मथुरा। शीतलता का अहसास कराने वाली यमुना मैया का रूप अब रौद्र होता जा रहा है। ताजेवाला, ओखला व हिंडन बांध से जिले की ओर यमुना में हर घंटे सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे जिले में बाढ़ की आशंका प्रबल हो गई है। हर घंटे .3 मीटर यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। शाम तक यमुना का जलस्तर चेतावनी निशान को पार कर 165.81 मीटर पहुंच गया, जो खतरा के निशान 166 मीटर के नजदीक है।

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    नतीजतन यमुना की खादर में बने मकानों की गलियों में पानी भर गया। लोग यहां से पलायन करने लगे हैं। शहरी क्षेत्र में विश्राम व स्वामी घाट की सीढ़ियां डूबने से पानी परिसर में आ गया। बाढ़ की आशंका को लेकर मुख्यमंत्री ने जिले के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर करते हुए राहत व बचाव के प्रभावी इंतजाम के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है।

    बाढ़ की आशंका पर मुख्यमंत्री ने जारी किया जिले में अलर्ट

    पहाड़ों व अन्य प्रदेश में हो रही भारी वर्षा के कारण यमुना नदी का जलस्तर चार दिन से तेजी से बढ़ रहा है। ओखला, ताजेवाला व हिंडन बांध से लगातार यमुना में बहुल मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इसका असर बाढ़ के रूप में दिखाई देने लगा है। सोमवार की सुबह तक यमुना की खादर में हालात भयावह दिखाई दिखाए।

    अधिकारियों को दिए राहत व बचाव कार्य के निर्देश, प्रशासन एक्शन मोड में

    जयसिंहपुरा एवं बिरला मंदिर वार्ड के यमुना की खादर में बसीं कॉलोनियों में पानी घुस गया। गलियों में पानी आते ही लोगों में दहशत छा गई। गणेश टीला समेत दर्जनों कॉलोनियों के तीन सौ से अधिक मकानों के आसपास पानी भर गया। जयसिंहपुरा वार्ड के पार्षद राकेश भाटिया ने खादर क्षेत्र का दौरा कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की। यमुना में लगातार पानी बढ़ने से दोपहर तक खादर के एक दर्जन से अधिक मकानों में पानी भर गया।

    मकान कर रहे खाली

    सोनू, अरमान व अंसार अली ने सोमवार सुबह मकान खाली कर दिए। महाविद्या कालोनी के समीप से गुजर रही ड्रेन का पानी मसानी नाले में मिलता है। सोमवार की सुबह ड्रेन में बहुल मात्रा में पानी आने से वह ओवरफ्लो होने लगी। एसटीपी के फाटक से नाले का पानी ओवरफ्लो होकर सीधे यमुना की ओर जा रहा है।

    डीएम बोले, घबराएं नहीं पूरे हैं इंतजाम

    डीएम सीपी सिंह व एसएसपी श्लोक कुमार ने सोमवार को मांट तहसील की ग्राम पंचायत की डांगोली बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने यमुना के जलस्तर व सुरक्षा के इंतजाम देखे। डीएम ने कहा यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, प्रशासन की पूरी तैयारी हैं। बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। नाव, स्टीमर व गोताखाेरों की व्यवस्था की है। गांवों में मुनादी करा दी गई है।

    दो दर्जन कॉलोनियों में पानी, दहशत में लोग

    नगर के यमुना किनारे तलहटी में बनी दो दर्जन कालोनियों, कुंभ क्षेत्र, देवराह बाबा घाट एवं सौभरि वन में पानी भर गया। इससे आवागमन प्रभावित हो गया है। सोमवार की सुबह तक बराह घाट से अक्रूर घाट तक तलहटी में बसीं दो दर्जन कालोनियों के निचले क्षेत्र में यमुना का पानी दो से तीन फीट भर गया। श्रीजी वाटिका निवासी धर्मशील दास के मकान में पानी भर गया। पांच फीट पानी भरने के कारण नाव से लोग आवागमन कर रहे हैं।

    अच्युत दास एवं पूजा ने बताया सुबह घर के चारों ओर तीन फीट पानी भर गया। अनेक लोग चोरी की आशंका से घर खाली नहीं कर रहे हैं। यमुना नगर, श्याम कुटी, मोहिनी नगर, श्याम नगर, बराह घाट, पुराना कालीदह, केशव नगर, मोरकुटी क्षेत्र, हुड़दंग नगर के घरों में भी यमुना का पानी आ गया है। दो गोशाला में पानी भरने से गोवंशी को टोपीकुंज गोशाला में शिफ्ट कर दिया है।

    टाउनशिप क्षेत्र के खेतों में भरा पानी, फसलें प्रभावित

    यमुना में बाढ़ के कारण कोयला अलीपुर, दामोदरपुर, औरंगाबाद क्षेत्र के खेतों में तीन फीट तक पानी भर गया। धान व चारे की फसल पानी में डूब गई है। लेखपाल कल्याण सिंह ने सोमवार को कोयला अलीपुर के हालात देखे। राहत व बचाव टीम सक्रिय कर दी है। ग्रामीणों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए नाव चलवाई गई है।

    बाबूगढ़ गांव में पहुंचा पानी, हाईटेंशन लाइन का खंभा गिरा

    शेरगढ़। तटवर्ती गांव बाबूगढ़ में रविवार की रात्रि में यमुना का पानी भर गया। सोमवार की सुबह लोग बाहर निकले तो गांव की गली में पानी भरा मिला। यमुना किनारे से गुजर रही मांट हाईटेंशन लाइन का एक खंभा 80 प्रतिशत झुक गया। अनहोनी को देखते हुए बिजली काट दी गई।

    जेई धीरज मिश्रा ने बताया, भरतिया उपकेंद्र से शेरगढ़ की आपूर्ति बहाल की गई है। इस लाइन से संबंधित क्षेत्र की बिजली गायब रही। शाम को एसडीएम छाता वैभव गुप्ता, नायब तहसीलदार जयंती सिंह, एसओ प्रदीप कुमार यादव, जिपं सदस्य लक्ष्मण सिंह ने बाबूगढ़ गांव के हालात देखे और ग्रामीणों से सावधान रहने की अपील की।

    एक नजर में

    • 166 मीटर पर यमुना नदी में प्रयाग घाट पर लगा है खतरे का निशान
    • 165.81 मीटर पर पहुंचा शाम पांच बजे यमुना नदी का जलस्तर।
    • 12.14 लाख क्यूसेक पानी आठ घंटे में यमुना नदी में छोड़ा गया।
    • 07.25 लाख क्यूसेक पानी गोकुल बैराज से आगरा की ओर छोड़ा।
    • 1000 से अधिक मकान खादर में, मंडरा रहा बाढ़ का खतरा।
    • 300 से अधिक मकानों की गलियों में चहुंओर भरा पानी।
    • .03 मीटर यमुना का जलस्तर हर एक घंटे में बढ़ने का सिलसिला जारी।
    • 33 बाढ़ चौकियां जिला प्रशासन ने बनाई हैं बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में।
    • 25 बाढ़ राहत शिविर जिला प्रशासन ने बनाए हैं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में।
    • 27 स्वास्थ्य टीमों का स्वास्थ्य विभाग ने किया गठन, क्षेत्र में सक्रिय।

    नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर आवागमन बंद

    संसू, जागरण, नौहझील: नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर फिर से करीब दो फीट पानी भर गया। खतरे की आशंका को लेकर जिला प्रशासन ने आवागमन बंद करा दिया है। आसपास के लोगों को प्रशासन द्वारा सुरक्षित निकाला जा रहा है।