विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maha Navami 2024: यूपी के इस मंदिर में अनोखी है नवरात्रि के आखिरी दिन की परंपरा, ठाकुर समाज लट्ठाें से देवी मां की करता है पूजा

Published: Wed, 17 Apr 2024 06:16 PM (IST)

मथुरा जिले में नरी सेमरी मंदिर में आखिरी दिन होती है लट्ठ पूजा। इस मेले के आखिरी दिन यानि नवमी ...और पढ़ें

नरी सेमरी मंदिर मे सबसे अंत मे लट्ट पूजा करते है नरी सेमरी गांव
नरी सेमरी मंदिर मे सबसे अंत मे लट्ट पूजा करते है नरी सेमरी गांव

HighLights

  1. नरी सेमरी मंदिर मे सबसे अंत मे लट्ट पूजा करते है नरी सेमरी गांव
  2. हजारों की तादाद मे पहुंचे भक्त

संवादसूत्र,जागरण,छाता। गांव नरी सेमरी में देवी का पूजन लाठियों से किया जाता है। छाता के नरी सेमरी गांव में नवरात्र मेले के आखिरी दिन देवी की यह विशेष लाठी पूजा होती है और इस विशेष पूजा को देखने के लिए दूर दूर से भक्तगण यहां पहुंचाते है।

हाथ में लाठी डंडे लेकर दौड़ते ये लोग किसी से लड़ने नहीं जाते बल्कि ये देवी मां का पूजन करने जाते है। दरअसल छाता के नरी सेमरी गांव में मातारानी का बेहद प्राचीन मंदिर है, इस मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है। इसीलिए हर साल यहां नवरात्र के मौके पर बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है।

ये भी पढ़ेंः UPSC Success Story: कच्चा मकान पर इरादा फाैलाद जैसा, किसान के बेटे पवन ने कम संसाधनों में पास की देश की सबसे बड़ी परीक्षा

आज से कई साल पहले जब यहां रहने वाले ठाकुर समुदाय के दो पक्ष सूर्यवंशी और चंद्रवंशी देवी मां के पूजन को लेकर बहस करने लगे तो देवी मां ने दोनों पक्षों से कहा था कि जो पक्ष लाठियों से जीत जाएगा, वही मेरी पहले पूजा करेगा। लेकिन जब लड़ते लड़ते पूजन का वक्त निकल गया तब देवी मां ने दोनों पक्षों से हर साल इसी तरह अपना पूजन करने की बात कही और तब से लेकर आज तक यही परंपरा चली आ रही है।

ये भी पढ़ेंः मैनपुरी में मायावती ने नामांकन से पहले पहली अपनी रणनीति, डिंपल और जयवीर सिंह के खिलाफ चला ऐसा दांव जो...कल नामांकन करेंगे उम्मीदवार

ठाकुर समुदाय लेकर आते हैं लाठियां

आज भी ठाकुर समुदाय के दोनों पक्ष हाथ में लाठियां लिए मंदिर जाते है और देवी मां की चौखट पर लाठियां मारते है। इस विशेष पूजा को देखने के लिए दूर दूर से भक्तगण यहां आते है। इस विशेष पूजा में शामिल होने के लिए ठाकुर समुदाय के दोनों पक्षों को साल भर इस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है।