मथुरा, जागरण टीम। गोवर्धन में थाना क्षेत्र के मुड़सेरस गांव के जंगल में बंद बोरिंग के कुएं की जहरीली गैस से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। शुक्रवार शाम में दोनों भेड़ चराने गए थे। कुएं में गिरे मेमना को देखते समय भतीजे का पैर फिसला गया। निकालने को अंदर घुसे चाचा भी चपेट में आ गए। करीब ढाई घंटे बाद ग्रामीणों ने कांटा डालकर दोनों को बाहर निकाला। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

पैर फिसलने से हुआ हादसा

मुड़सेरस निवासी धरम (20) अपने चाचा सरमन (50) के साथ भेड़ चराने गए थे। गांव के रामेश्वर सिंह के खेत किनारे करीब चार-पांच साल से बंद बोरिंग के कुएं में एक मेमना गिर गया। धरम उसे देखने गए। अचानक उनका पैर फिसल गया और नीचे गिर गए। उनको गिरते हुए सरमन ने देख लिया।

ये भी पढ़ें... Agniveer Bharti: 5 मिनट की दौड़ लगाने में 65 प्रतिशत युवा हो रहे फेल, शनिवार को इटावा और फिरोजाबाद के युवाओं का दिन

उसने शोर मचाया और खुद भतीजे को बचाने के लिए कुएं में नीचे उतर गए। चाचा-भतीजे जहरीली गैस की चपेट में आ गए और बेहोश हो गए। घटनास्थल पर ग्रामीण पहुंच गए। इनके स्वजन ध्यानो दोनों को निकालने के लिए कुएं में घुसने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया।

कुंए में जहरीली गैस बनने का हुआ था अंदेशा

ग्रामीणों के पुकारने पर अंदर से कोई हलचल नहीं होने पर कुएं में जहरीली गैस बनने का अंदेशा हो गया । कांटा डालकर दो-ढाई घंटे बाद उनको बाहर निकाला जा सका। थाना गोवर्धन के निरीक्षक अपराध देवेंद्र ने एंबुलेंस से दोनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भिजवाया। प्रभारी डा. बीएस सिसौदिया ने दोनों के मरने की पुष्टि की। ग्रामीणों ने बताया, जब दोनों को बाहर निकाला गया था, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

भेड़ पालकर करते थे जीवनयापन

मरने वाले धरम की दो वर्ष पहले ही शादी हुई थी। धरम अपने परिवार में सबसे छोटे थे। मरने वाले चाचा-भतीजे की आर्थिक स्थिति कमजोर है। भेड़ पालकर जीवन यापन करते थे। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग प्रशासन से की। 

ये भी पढ़ें... Atithi Bhooto Bhava: जैकी श्राफ संग नजर आए आगरा के सुनील, शूट की तस्वीरों में देखिए 'जग्गू दादा' का अंदाज

Edited By: Abhishek Saxena